पूर्व सैनिक के परिवार की पीड़ा: साहब! पड़ोसी ने बंद कर दी है खिड़की
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय में अपनी समस्या लेकर पहुंचे संतोष ने बताया कि घर के बगल में थोड़ी खाली जमीन है, जिधर कमरे की खिड़की खुली थी। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन थी।
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साहब! पड़ोसी ने हमारे मकान से सटाकर दीवार चला दी है, जिससे कमरे की खिड़की बंद हो गई है। पेयजल की पाइप लाइन को ब्लॉक कर उसमें अपना कनेक्शन जोड़ लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय तक गुहार लगा चुका हूं, कोई नहीं सुन रहा है। यह पीड़ा है, शहर के अलीनगर मोहल्ला निवासी संतोष कुमार श्रीवास्तव की। इनके पिता आरएमएल श्रीवास्तव सेना में थे।
जानकारी के मुताबिक, संतोष और उनकी बुजुर्ग मां ज्ञांती देवी (68) अलीनगर स्थित पुश्तैनी मकान के अपने हिस्से में रहते हैं। सोमवार को जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय में अपनी समस्या लेकर पहुंचे संतोष ने बताया कि घर के बगल में थोड़ी खाली जमीन है, जिधर कमरे की खिड़की खुली थी। इसके अलावा पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन थी।
करीब तीन महीने पहले खाली जमीन पर पड़ोसी ने दीवार चलाकर कब्जा कर लिया। वे एसएसपी, डीएम और मुख्यमंत्री के जनता दरबार में कई बार पहुंचे। काफी प्रयास के बाद 17 दिसंबर को कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पड़ोसी से जमीन से संबंधित कागज मांगे। उसके पास कोई कागज नहीं था, जबकि मैंने सारे पेपर दिए। 25 दिसंबर को दोनों पक्ष को थाने बुलाया गया, लेकिन पड़ोसी नहीं आया। अक्सर उसके पक्ष में कोई न कोई नेता फोन कर देता है और पुलिस कार्रवाई से पीछे हट जाती है।
तीन साल से लाइसेंस का नहीं हो रहा नवीनीकरण
सहजनवां तहसील के अलगटपुर निवासी विनोद कुमार त्रिपाठी नौसेना से रिटायर हैं। वर्ष 2002 में केरल से बंदूक का लाइसेंस लिया था। तीन साल से लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है। केरल प्रांत के अफसरों को चिट्ठी जाती है तो कोई जवाब नहीं आता। इनके घर के पीछे की नाली को पड़ोसी ने बंद कर दिया है। इसके चलते गंदा पानी दीवार के बगल में जमा हो रहा है। गांव के एक व्यक्ति ने इनकी मां से जमीन का बैनामा करा लिया, लेकिन पांच लाख 80 हजार रुपये नहीं दे रहा है।
राजस्व टीम ने पहुंचकर विवाद की जानकारी ली
शहर के महादेव झारखंडी इलाके में जमीन खरीदने वाले पूर्व सैनिकों को कब्जा पाने की उम्मीद जगी है। सोमवार को राजस्व व पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित पक्ष से बातचीत की। टीम ने जल्द समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है।
पूर्व सैनिक व देवरिया जिले के छठियांव गांव निवासी उमेश यादव ने पत्नी विशाखा देवी के नाम से गोरखपुर के महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर तीन में जमीन खरीदी थी। रजिस्ट्री व दाखिल खारिज के बाद जब निर्माण कराने पहुंचे तो पड़ोसी ने जमीन अपनी बताते हुए रोक दिया। इसी प्लाट के बगल में इस्लामपुर निवासी पूर्व सैनिक हरिश्चंद्र सिंह ने पत्नी कुसमावती देवी के नाम से और देवरिया के बरहज तहसील के खोरी गांव निवासी हरिशंकर सिंह ने पत्नी आशा सिंह के नाम से जमीन खरीदी है। करीब डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी पूर्व सैनिक अपने प्लाट पर कब्जा नहीं कर पा रहे हैं।
सोमवार को मौके पर पहुंचे लेखपाल ने बताया कि इस जमीन को दोनों पक्ष अपना बता रहे हैं। इस पर एक बार पहले भी पैमाइश हो चुकी है, लेकिन दोनों पक्ष मान नहीं रहे हैं। आज दूसरा पक्ष मौके पर नहीं मिला। जल्द ही दोनों पक्षों की मौजूदगी में समाधान कराया जाएगा।