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गोरखपुर में गोलमाल: बिजली बिल जमा नहीं करवाया और परिसर में ही दे दिया दूसरा कनेक्शन
Thu, 07 Apr 2022 12:26 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 07 Apr 2022 12:26 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : amar ujala
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गोरखपुर जिले के बिजली निगम के अभियंताओं ने 2016 से लेकर 2018 के बीच बिना बिजली बिल जमा किए उसी परिसर में दूसरा बिजली कनेक्शन दे दिया। ये सभी 98 उपभोक्ता शहरी खंड व देवरिया खंड के हैं। इन सभी उपभोक्ताओं की सूची एमडी ऑफिस से तैयार की गई है। एमडी पूर्वांचल ने डिस्काम के विशेष कार्याधिकारी वाणिज्यिक पीपी दीक्षित को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने के लिए निर्देशित किया है।
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पत्र में लिखा है कि क्षेत्र के वितरण खंडों में 2016 से लेकर 2018 के बकाएदार उपभोक्ताओं से बकाया धनराशि की वसूली किए बिना ही, उन्हीं बकाएदारों को नया संजोयन जारी कर दिया। इन खंडों में एक ही मैनुअल रसीद से एक से अधिक बार भुगतान प्राप्त किया गया है। इस जांच के लिए दो अधिकारियों की तैनाती भी की गई है। इन्हें दस कार्यदिवस के भीतर ही रिपोर्ट तैयार कर भेजनी है। दरअसल, इधर के दिनों में लगातार एमडी स्तर से बिजली बिल, मीटर व अन्य गड़बड़ियों की रिपोर्ट भेजी जा रही है। जांच का पत्र आने से खंड में अभियंताओं के बीच हड़कंप मचा है।
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एमडी स्तर से अभी चार दिन पहले 100 मीटर की सूची भेजी गई थी। आरोप था कि उपभोक्ताओं के परिसर में नाम मात्र बिजली उपभोग की जाती थी। इन उपभोक्ताओं के परिसर में 10 यूनिट से कम की बिजली खपत मिली थी। मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि टीम को जांच सौंप दी गई है। इनकी रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। इसकी जांच अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा और लेखाधिकारी मनोज कुमार वर्मा को सौंपी गई है।
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खंड प्रथम में सबसे ज्यादा मामले
एमडी ने कुल 98 मामलों की जांच के लिए पत्र भेजा है। सबसे अधिक 30 मामले नगरीय वितरण खंड प्रथम के हैं। इसके बाद द्वितीय बक्शीपुर में 27, तृतीय मोहद्दीपुर में 21 और चतुर्थ राप्तीनगर में 12 मामले हैं। इसके अलावा देवरिया खंड में कुल छह मामले हैं। इन सभी की जांच कर रिपोर्ट देनी है।
केस 1
सूरजकुंज की माधवी श्रीवास्तव के परिसर में दो किलोवाट का कनेक्शन था। इनके परिसर में 83 हजार रुपये से अधिक बकाया था, इसके बाद भी परिसर में दूसरा कनेक्शन दे दिया गया।
केस 2
खोराबार, खालेटोला, प्रभाकर के परिसर में दो किलोवाट का विद्युत कनेक्शन है। इनपर एक लाख 93 हजार रुपये का बकाया होने के बाद भी परिसर में दूसरा बिजली कनेक्शन दे दिया।
केस 3
बिछिया, श्यामकुंज इलाके की रंजना के परिसर में 5 किलोवाट का कनेक्शन था। इनपर 7 लाख 40 हजार रुपये का बकाया था। बिना भुगतान किए ही परिसर में दूसरा बिजली कनेक्शन दे दिया।
एमडी ने कुल 98 मामलों की जांच के लिए पत्र भेजा है। सबसे अधिक 30 मामले नगरीय वितरण खंड प्रथम के हैं। इसके बाद द्वितीय बक्शीपुर में 27, तृतीय मोहद्दीपुर में 21 और चतुर्थ राप्तीनगर में 12 मामले हैं। इसके अलावा देवरिया खंड में कुल छह मामले हैं। इन सभी की जांच कर रिपोर्ट देनी है।
केस 1
सूरजकुंज की माधवी श्रीवास्तव के परिसर में दो किलोवाट का कनेक्शन था। इनके परिसर में 83 हजार रुपये से अधिक बकाया था, इसके बाद भी परिसर में दूसरा कनेक्शन दे दिया गया।
केस 2
खोराबार, खालेटोला, प्रभाकर के परिसर में दो किलोवाट का विद्युत कनेक्शन है। इनपर एक लाख 93 हजार रुपये का बकाया होने के बाद भी परिसर में दूसरा बिजली कनेक्शन दे दिया।
केस 3
बिछिया, श्यामकुंज इलाके की रंजना के परिसर में 5 किलोवाट का कनेक्शन था। इनपर 7 लाख 40 हजार रुपये का बकाया था। बिना भुगतान किए ही परिसर में दूसरा बिजली कनेक्शन दे दिया।