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निजीकरण की सुगबुगाहट के बीच सड़क पर उतरे बिजली कर्मी, मशाल जुलूस निकाल जताया विरोध

Tue, 29 Sep 2020 09:52 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 29 Sep 2020 09:52 AM IST
सार

  • पहले मोहद्दीपुर मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना दिया, फिर गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से निकाला मशाल जुलूस  
  • गांधी प्रतिमा के समक्ष भी धरना दिया

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electric workers took out a torch procession and protested After fragrance of privatization in gorakhpur
प्रदर्शन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर उड़ी धज्जियां। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण की सुगबुगाहट के बीच बिजली कर्मचारी सोमवार की देर रात सड़क पर उतर आए। एकजुट कर्मचारियों ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से टाउनहॉल तक मशाल जुलूस निकालकर विरोध जताया। गांधी प्रतिमा के समक्ष धरना-प्रदर्शन भी किया।

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घंटों प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों ने कहा कि निजीकरण के खिलाफ आरपार की लड़ाई का बिगुल बज गया है। जब तक निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली कर्मचारियों ने सोमवार को अपराह्न तीन बजे से शाम पांच बजे तक मोहद्दीपुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पर धरना दिया, फिर जुलूस की शक्ल में गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर आ गए।
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विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से मशाल जुलूस जलाया गया, फिर केंद्र व राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निकल पड़े। मशाल जुलूस गोलघर होते हुए गांधी प्रतिमा के समक्ष टाउनहॉल पहुंचा। इसी बीच सूचना मिली कि लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे संगठन के कुछ पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इससे नाराज बिजली कर्मी गांधी प्रतिमा के समक्ष ही धरने पर बैठ गए।
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कर्मचारियों ने सामूहिक गिरफ्तारी देने का एलान किया। मौके पर आए एडीएम प्रशासन ने समझाने की लाख कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी। धरना-प्रदर्शन जारी रहा। बाद में सूचना मिली कि लखनऊ में कर्मचारी नेताओं को छोड़ दिया गया है। इसके बाद बिजली कर्मचारियों ने धरना समाप्त किया।

विरोध प्रदर्शन रात आठ बजे तक चलता रहा। इस दौरान जोन के सभी अधिशासी अभियंता, एसडीओ, अवर अभियंता, टीजी2 कर्मी, कैश बाबू, संविदा कर्मी समेत अन्य कर्मचारी व विभिन्न बिजली संगठन के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

बोले कर्मचारी नेता- उपभोक्ता की सुविधा को ध्यान में रखकर जारी रखेंगे प्रदर्शन

कर्मचारी नेता दीपक गुप्ता ने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगे। कर्मचारी नेता ऐश्वर्य सिंह ने कहा कि सरकार जो निर्णय ले रही है, वह संविधान विरोधी है। हमारी मौलिक स्वतंत्रता एवं अधिकारों का हनन हो रहा है। निरंकुश सरकार के खिलाफ सभी विभागों के कर्मचारियों के साथ आम जनता को भी आगे आना होगा। कर्मचारी नेता बृजेश त्रिपाठी ने कहा कि बिजली के निजीकरण का फैसला घातक है। इसका सारा बोझ उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। बिजली महंगी मिलेगी। बिजली अधिकारी व कर्मचारियों का भी अहित होगा।

छह मंडलों में फैला है पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का दायरा
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का दायरा यूपी के छह मंडलों में फैला है। इससे गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़, प्रयागराज, वाराणसी और मिर्जापुर मंडल जुड़े हैं। गोरखपुर शहर में ही 1.85 उपभोक्ता हैं। 800 से ज्यादा कर्मचारी हैं। सभी मंडलों व उनके जिलों को मिला लिया जाए तो कर्मचारियों की संख्या 10 हजार हो जाएगी। सभी मंडलों व जिलों में निजीकरण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ है।

विरोध प्रदर्शन का फेसबुक लाइव
मशाल जुलूस का फेसबुक लाइव भी किया गया। बिजली कर्मियों को डर था कि प्रशासन के विरोध का सामना करना पड़ेगा। लिहाजा, शहर के अलग-अलग हिस्सों से जुलूस निकाला गया। हर जगह से फेसबुक लाइव की व्यवस्था की गई।

आधा रास्ता जाम, आधा खोले रखा

गांधी प्रतिमा के समक्ष विरोध प्रदर्शन के दौरान बिजली कर्मियों ने जनता की सुविधा का ख्याल रखा। एक ओर की सड़क को खोले रखा ताकि आवागमन में किसी तरह की दिक्कत न हो सके।
 
सरकारी नौकरी में संविदा का मुद्दा भी गूंजा
कर्मचारी नेता विजय जायसवाल ने कहा कि सरकारी नौकरी में पांच साल के संविदा की व्यवस्था की बात कही जा रही है। यह घातक है। सरकार उद्योगपतियों के आगे नतमस्तक है। इस नीति का अंतिम दम तक विरोध किया जाएगा।

कर्मचारी नेता बृजेश त्रिपाठी ने कहा कि दूसरे विभाग के सरकारी कर्मचारी भी दुखी हैं। 50 साल की उम्र के बाद व्यक्ति की जिम्मेदारियां बढ़ती हैं। ऐसे में सरकार जबरदस्ती सेवानिवृत्त करना चाहती है। कर्मचारी नेता राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि कर्मचारियों के सामने विकट समस्या आई है।

पांच अक्तूबर से निजीकरण के विरोध में अभियंता व कर्मचारी करेंगे कार्य बहिष्कार

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के संभावित निजीकरण को लेकर बिजलीकर्मियों का विरोध अब धीरे धीरे उपभोक्ताओं को प्रभावित करेगा। पांच अक्टूबर से अधिकारी कर्मचारियों ने पूरी तरह हड़ताल का फैसला किया है। बस बिजली घर खुले रहेंगे। मतलब साफ है कि पांच अक्टूबर से बिल संबंधी, नए कनेक्शन, मीटर सम्बंधी समस्याओं के समाधान पर ब्रेक लग सकता है।

विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति की तरफ से संभावित निजीकरण का विरोध जताया जा रहा है। अभी तक मुख्य अभियंता कार्यालय मोहद्दीपुर पर एक घंटे का विरोध प्रदर्शन चल रहा था। मंगलवार (29 सितंबर) से प्रदर्शन दोपहर दो बजे से शुरू होकर शाम पांच बजे तक चलेगा। पांच अक्तूबर से सभी प्रकार के विभागीय कॉन्फ्रेंसिंग के साथ काम का भी पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।

इसे लेकर सूचना दे दी गई है। कर्मचारी नेता ऐश्वर्य सिंह ने बताया कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से ही चलाया जाएगा। इस प्रदर्शन में जूनियर इंजीनियर, अभियंता, के साथ कर्मचारी विरोध जताएंगे। जरूरत पड़ी तो जेल भरो आंदोलन भी शुरू किया जाएगा।

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