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Gorakhpur News: पहले था कूड़े का पहाड़...अब बनेगा शहर का प्रमुख पिकनिक स्पॉट
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एकला बांध किनारे लिगेसी वेस्ट के निस्तारण के बाद बना इको पार्क
इलाके की बदली सूरत, जहां पहले लोग गुजरने से डरते थे, अब वहां जाकर बना रहे रील
गोरखपुर। जहां कभी कूड़े का पहाड़ हुआ करता था, वहां अब शहरवासियों के लिए एक सुंदर इको पार्क तैयार हो गया है। एकला बांध के किनारे बने इस इको पार्क ने इलाके की पूरी सूरत बदल दी है। जहां पहले बदबू और गंदगी के कारण लोग जाना नहीं चाहते थे, विकास का पहिया घूमा तो वही जगह आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है। अब लोग यहां घूमने के साथ-साथ फोटो और रील बनाने के लिए भी पहुंच रहे हैं।
नगर निगम की ओर से किए गए इस बदलाव को शहर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव के अनुसार, यहां करीब 2.26 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। इसके बाद कूड़ामुक्त हुई लगभग 40 एकड़ भूमि को इको पार्क के रूप में विकसित किया गया है। इस परियोजना पर नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
इको पार्क को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां वॉकिंग ट्रैक और फुटपाथ बनाए गए हैं, जिससे लोग सुबह और शाम सैर का आनंद ले सकें। योग और ध्यान के लिए अलग स्थान विकसित किए गए हैं, वहीं बच्चों के लिए सुरक्षित किड्स जोन भी तैयार किया गया है। पार्क का वातावरण हर आयु वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
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वर्ष 2024 में यहां मौजूद कूड़े का ढेर पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद बड़े स्तर पर पौधरोपण किया गया और हरियाली बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके उपरांत इको पार्क के निर्माण कार्य को गति दी गई, जो अब पूरा हो चुका है।
बदबू की वजह से नहीं आते थे लोग
नौसड़ के रहने वाले प्रदीप निषाद का कहना है कि पहले इस क्षेत्र से गुजरना भी मुश्किल था। बदबू और गंदगी के कारण यहां आना-जाना लोग टालते थे। अब वही स्थान साफ-सुथरा और आकर्षक बन गया है। रमेश सिंह कहते हैं कि इस पार्क के बनने से न केवल पर्यावरण में सुधार हुआ है, बल्कि आसपास के गांवों और इलाकों का भी विकास होगा। अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि आने वाले समय में यह इको पार्क शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल बनकर उभरेगा। इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को बेहतर मनोरंजन स्थल मिलेगा, बल्कि शहर की छवि भी साफ-सुथरे और विकसित नगर के रूप में मजबूत होगी।
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इलाके की बदली सूरत, जहां पहले लोग गुजरने से डरते थे, अब वहां जाकर बना रहे रील
गोरखपुर। जहां कभी कूड़े का पहाड़ हुआ करता था, वहां अब शहरवासियों के लिए एक सुंदर इको पार्क तैयार हो गया है। एकला बांध के किनारे बने इस इको पार्क ने इलाके की पूरी सूरत बदल दी है। जहां पहले बदबू और गंदगी के कारण लोग जाना नहीं चाहते थे, विकास का पहिया घूमा तो वही जगह आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है। अब लोग यहां घूमने के साथ-साथ फोटो और रील बनाने के लिए भी पहुंच रहे हैं।
नगर निगम की ओर से किए गए इस बदलाव को शहर के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। मेयर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव के अनुसार, यहां करीब 2.26 लाख मीट्रिक टन लिगेसी वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया। इसके बाद कूड़ामुक्त हुई लगभग 40 एकड़ भूमि को इको पार्क के रूप में विकसित किया गया है। इस परियोजना पर नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
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इको पार्क को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां वॉकिंग ट्रैक और फुटपाथ बनाए गए हैं, जिससे लोग सुबह और शाम सैर का आनंद ले सकें। योग और ध्यान के लिए अलग स्थान विकसित किए गए हैं, वहीं बच्चों के लिए सुरक्षित किड्स जोन भी तैयार किया गया है। पार्क का वातावरण हर आयु वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
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वर्ष 2024 में यहां मौजूद कूड़े का ढेर पूरी तरह समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद बड़े स्तर पर पौधरोपण किया गया और हरियाली बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके उपरांत इको पार्क के निर्माण कार्य को गति दी गई, जो अब पूरा हो चुका है।
बदबू की वजह से नहीं आते थे लोग
नौसड़ के रहने वाले प्रदीप निषाद का कहना है कि पहले इस क्षेत्र से गुजरना भी मुश्किल था। बदबू और गंदगी के कारण यहां आना-जाना लोग टालते थे। अब वही स्थान साफ-सुथरा और आकर्षक बन गया है। रमेश सिंह कहते हैं कि इस पार्क के बनने से न केवल पर्यावरण में सुधार हुआ है, बल्कि आसपास के गांवों और इलाकों का भी विकास होगा। अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि आने वाले समय में यह इको पार्क शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल बनकर उभरेगा। इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों को बेहतर मनोरंजन स्थल मिलेगा, बल्कि शहर की छवि भी साफ-सुथरे और विकसित नगर के रूप में मजबूत होगी।