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कोरोना: पॉजिटिव और निगेटिव के चक्कर में गई चिकित्सक की जान, बेटी ने डॉक्टरों पर लगाया लापरवाही का आरोप
Mon, 28 Dec 2020 01:09 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 28 Dec 2020 01:09 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में भर्ती चिकित्सक की रिपोर्ट आरटीपीसीआर से पॉजिटिव, जबकि एंटीजन से जांच कराने पर निगेटिव आई। इससे उन्हें मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें एसजीपीजीआई ले गए। वहां आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। फेफड़ा प्रभावित होने की वजह से उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।
बशारतपुर के श्रीराम नगर कॉलोनी की रहने वाली विभा शुक्ला के अनुसार उनके पिता डॉ. वीपी शुक्ला को बुखार होने पर 25 नवंबर को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। एंटीजन किट से जांच में वह कोरोना पॉजिटिव मिले। इसके बाद होम आइसोलेशन की सलाह दी गई। एक दिसंबर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मधुमेह से भी पीड़ित होने की वजह से उन्हें मेडिकल कॉलेज के कोराना वार्ड में रेफर कर दिया गया।
कॉलेज में कोरोना वार्ड में भर्ती होने के बाद एंटीजन से जांच की गई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद बीआरडी के डॉक्टरों ने उन्हें मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट कर दिया। लेकिन मेडिसिन वार्ड में उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें एसजीपीजीआई लेकर चले गए। आरटीपीसीआर जांच में उनकी रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आ गई। डॉक्टरों ने बताया कि उनका फेफड़ा काफी हद तक प्रभावित हो गया है। 24 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।
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बशारतपुर के श्रीराम नगर कॉलोनी की रहने वाली विभा शुक्ला के अनुसार उनके पिता डॉ. वीपी शुक्ला को बुखार होने पर 25 नवंबर को रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। एंटीजन किट से जांच में वह कोरोना पॉजिटिव मिले। इसके बाद होम आइसोलेशन की सलाह दी गई। एक दिसंबर को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। मधुमेह से भी पीड़ित होने की वजह से उन्हें मेडिकल कॉलेज के कोराना वार्ड में रेफर कर दिया गया।
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कॉलेज में कोरोना वार्ड में भर्ती होने के बाद एंटीजन से जांच की गई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद बीआरडी के डॉक्टरों ने उन्हें मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट कर दिया। लेकिन मेडिसिन वार्ड में उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें एसजीपीजीआई लेकर चले गए। आरटीपीसीआर जांच में उनकी रिपोर्ट फिर पॉजिटिव आ गई। डॉक्टरों ने बताया कि उनका फेफड़ा काफी हद तक प्रभावित हो गया है। 24 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।
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डॉ. वीपी शुक्ला की पुत्री विभा शुक्ला ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डाक्टरों की लापरवाही के कारण मेरे पिता की मौत हो गई। बार-बार उनकी रिपोर्ट निगेटिव-पॉजिटिव आ रही थी, बावजूद इसके मेडिकल कॉलेज में उनकी चेस्ट का एक्सरे नहीं कराया गया। न ही सही जानकारी दी गई। मामले की शिकायत सीएमओ और सीएम से की जाएगी।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि आरटीपीसीआर और एंटीजन की रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मरीज का इलाज किया होगा। कोरोना वायरस का असर किसी भी समय हो सकता है। डॉक्टरों की टीम मरीजों के इलाज में लगी है। फिलहाल प्रकरण की जानकारी नहीं है। जानकारी होने पर मामले को दिखवाया जाएगा।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि आरटीपीसीआर और एंटीजन की रिपोर्ट के आधार पर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मरीज का इलाज किया होगा। कोरोना वायरस का असर किसी भी समय हो सकता है। डॉक्टरों की टीम मरीजों के इलाज में लगी है। फिलहाल प्रकरण की जानकारी नहीं है। जानकारी होने पर मामले को दिखवाया जाएगा।