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गोरखनाथ मंदिर जा रहे डीएलएड प्रशिक्षुओं को पुलिस ने रोका, 50 हिरासत में लिए गए

Sat, 10 Oct 2020 02:56 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 10 Oct 2020 02:56 PM IST
सार

  • तृतीय सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं को प्रोन्नत करने की कर रहे थे मांग  
  • निजी मुचलके पर शाम को छोड़ा, प्रशिक्षुओं ने नगर और चिल्लूपार के विधायक को सौंपा ज्ञापन

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DLED trainees going to Gorakhnath temple stopped by police
गोरखनाथ मंदिर।(फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बीटीसी डीएलएड पूर्वांचल मोर्चा संघ की अगुवाई में तृतीय सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं को प्रोन्नत किए जाने की मांग को लेकर गोरखनाथ मंदिर जा रहे सैकड़ों प्रशिक्षुओं को शुक्रवार को पुलिस ने गेट पर रोक दिया।

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इस दौरान प्रशिक्षुओं ने जमकर नारेबाजी की। मंदिर में अंदर जाने की जिद पर अड़े 50 से अधिक प्रशिक्षुओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान गोरखनाथ मंदिर के पास थोड़ी देर के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया। हिरासत में लिए गए प्रशिक्षुओं को देर शाम निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। जिसके बाद प्रशिक्षुओं ने नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल और चिल्लूपार विधायक विनय शंकर तिवारी को ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन के माध्यम से पूर्वांचल प्रभारी चंद्रमौली दुबे और महिला प्रभारी नेहा सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर तृृतीय सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं को प्रोन्नत किया गया है, मगर ऐसे प्रशिक्षु जो पहले या दूसरे सेमेस्टर में एक विषय में फेल हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है।
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ऐसे में जिले के 250 प्रशिक्षुओं का भविष्य अधर में लटक गया है। विगत कई वर्षों से यह नियम प्रभावी है कि एक या दो विषय में बैक पेपर वाले प्रशिक्षु अगले सेमेस्टर में परीक्षा देने के लिए मान्य रहे हैं, लेकिन उन्हें प्रोन्नत नहीं किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 2017 बैच के प्रशिक्षु जो प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा सभी विषयों में उत्तीर्ण किए हैं, उन्हें भी अकारण प्रोन्नत नहीं दी जा रही है।


ज्ञापन सौंपने वालों में आलोक उपाध्याय, निशा खातून, अंकिता तिवारी, नीलम चौधरी, संत कुमार राव, सविता सिंह, माया सिंह, करिश्मा साहनी, नंदिनी मद्धैशिया, गोपाल कन्नौजिया व हिमांशु गुप्ता समेत सैकड़ों प्रशिक्षु शामिल रहे।

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