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पिलर्स की टॉपर श्रुति शाही का अगला लक्ष्य 12वीं में अव्वल आना, फिर कंप्यूटर इंजीनियर बनना

Thu, 16 Jul 2020 09:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Thu, 16 Jul 2020 09:22 AM IST
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district second topper shruti shahi aim becoming computer engineer
परिवार के साथ खुशी मनातीं श्रुति शाही। - फोटो : अमर उजाला।

सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक पाने वाली पिलर्स स्कूल की छात्रा श्रुति शाही परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया से दूर रहीं। इसे वे अपनी सफलता का सबसे बड़ा हथियार मानती हैं। वह आगे चलकर कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती हैं, इसके लिए अभी से ही जुट गई हैं। उनका अगला टारगेट 12वीं की परीक्षा इससे भी बेहतर अंकों से पास करने का है।

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श्रुति ने बताया कि वह स्कूल के बाद घर पर प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थीं। परीक्षा के दौरान वे मोबाइल व सोशल मीडिया से दूर रहीं। परीक्षा से पहले भी वह सोशल मीडिया से उचित दूरी बनाकर रखती थीं। श्रुति की मां गृहणी हैं और उनके पिता व्यापारी हैं। पिता की ट्रासंपोर्ट की एजेंसी है। श्रुति अपने माता-पिता व भाई-बहन के साथ शहर के रुस्तमपुर इलाके में रहती हैं।
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प्रोफाइल
नाम: श्रुति शाही
माता-पिता: प्रनति शाही, अभय करन शाही
बहन-भाई: सौम्या शाही व ओम शाही
जन्मतिथि: 18 अगस्त 2003
पसंद : खाली समय में किताबें पढ़ना
दसवीं: 98 प्रतिशत

टॉपर्स टिप्स
पाठ्यक्रम को सुविधा के मुताबिक बांट लेना चाहिए। एक दिन में चार से पांच घंटे ही पढ़ाई का लक्ष्य रखना चाहिए। लक्ष्य निश्चित हो गया तो उसे हासिल करने के लिए जी-जान से जुट जाना चाहिए। जो पढ़ें उसका रिवीजन करते रहें। क्लास में शिक्षकों के दिशा-निर्देश को जरूर मानें। इसके अलावा पढ़ाई के समय सोशल मीडिया से दूर ही रहें।
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स्कोर कार्ड
अंग्रेजी -98
हिंदी-99
मैथ्स -99
एसएससी -97
साइंस-97

अध्यापकों के दिशा-निर्देशों को जरूर मानें

क्लास में पढ़ने वाला हर बच्चा मेरे लिए एक समान है। सभी का मार्गदर्शन करता हूं। क्लास में कांसेप्ट क्लियर न होने के बाद बच्चों को अलग से टॉपिक समझाता हूं। टेस्ट के नंबर के माध्यम से कमजोर, औसत और पढ़ाई में तेज बच्चों को चिह्नित कर उनके सीखने की क्षमता के मुताबिक पढ़ाते हैं। श्रुति पूरे सत्र में नियमित रूप से स्कूल आती रही। उसका अनुशासन व अध्यापकों के निर्देशों को पालन करना उसके सफलता का बड़ा कारण बना। साथ ही अन्य छात्रों को भी सफलता मिली। इसी का नतीजा रहा कि कई बच्चों को गणित में सौ में से सौ अंक मिले हैं।
- वाईडी मिश्रा, शिक्षक मैथ्स, पिलर्स स्कूल

छात्रों का अनुशासन और बेहतर पढ़ाई रंग लाई
इस वर्ष का भी परिणाम बेहतर रहा। इस बार कई छात्रों ने काफी अच्छा किया है। दस विद्यार्थी 96 से 98 प्रतिशत के बीच अंक प्राप्त किए हैं। ऐसा स्कूल के सभी शिक्षकों की मेहनत, छात्रों की लगन व अनुशासन से संभव हो सका है। मैं परिणाम से संतुष्ट हूं और इसे और भी बेहतर बनाने की दिशा में काम होगा। शिक्षक ओपी सिंह, सुधांशु, रविकांत, वाईडी मिश्र सहित सभी शिक्षकों व छात्रों को बधाई देती हूं।
- उषा बरतारिया, प्रधानाचार्य, पिलर्स स्कूल
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