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Exclusive: पॉलिटेक्निक में लागू किया गया ये खास नियम, जानिए क्या है खासियत
Wed, 03 Feb 2021 04:41 PM IST
vivek shukla
विवेक सिंह, गोरखपुर।
विवेक सिंह, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 03 Feb 2021 04:41 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना काल में आपदा की चुनौती को अवसर में बदलते हुए प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा जहां शुचितापूर्ण परीक्षा को लेकर परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले प्रश्नपत्र केंद्रों को भेजा जा रहा है। वहीं कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन की सफल शुरूआत भी हो चुकी है। पॉलिटेक्निक में आयोजित सेमेस्टर परीक्षाओं में इसका प्रयोग सफल रहा है।
कोरोना काल की वजह से मार्च से शिक्षण संस्थान बंद चल रहे थे। जिम्मेदारों के अनुसार एकेटीयू के परीक्षा मॉडल से प्रदेश भर के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थाओं में हर साल परीक्षा आयोजित की जाती है। अब इसे पॉलिटेक्निक में भी लागू किया गया है।
एकेटीयू अपने सेंटर पर ऑनलाइन पेपर एक दिन पहले भेज देता है, जिसे अगले दिन परीक्षा से 30 मिनट पहले कोड के माध्यम से खोला जाता है। परीक्षा से 30 मिनट पहले सेंटर में परीक्षार्थियों की रिपोर्टिंग समाप्त हो जाती है और इसके बाद कोई बाहर नहीं जाता। इन 30 मिनट में सेंटर पर पेपर प्रिंट करके परीक्षार्थियों को बांटा जाता है, जिससे पेपर के बाहर जाने की संभावना न के बराबर होती है।
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कोरोना काल की वजह से मार्च से शिक्षण संस्थान बंद चल रहे थे। जिम्मेदारों के अनुसार एकेटीयू के परीक्षा मॉडल से प्रदेश भर के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी संस्थाओं में हर साल परीक्षा आयोजित की जाती है। अब इसे पॉलिटेक्निक में भी लागू किया गया है।
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एकेटीयू अपने सेंटर पर ऑनलाइन पेपर एक दिन पहले भेज देता है, जिसे अगले दिन परीक्षा से 30 मिनट पहले कोड के माध्यम से खोला जाता है। परीक्षा से 30 मिनट पहले सेंटर में परीक्षार्थियों की रिपोर्टिंग समाप्त हो जाती है और इसके बाद कोई बाहर नहीं जाता। इन 30 मिनट में सेंटर पर पेपर प्रिंट करके परीक्षार्थियों को बांटा जाता है, जिससे पेपर के बाहर जाने की संभावना न के बराबर होती है।
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कॉपियों का मूल्यांकन भी डिजिटल कराने का निर्णय
प्राविधिक शिक्षा परिषद ने कॉपियों का मूल्यांकन भी डिजिटल कराना शुरू किया है। फिलहाल परीक्षा केंद्र पर ही कॉपियों को स्कैन कर उसे सर्वर पर लिया जाएगा। यह व्यवस्था भी काफी फूलप्रूफ है। इसमें कॉपी जांचने वाले को पता नहीं चलता कि वह किस केंद्र की कॉपी जांच रहा है। थोक में कॉपियों का ऑनलाइन मूल्यांकन होता है। कुछ एक्सपर्ट टीचर जांची गई कॉपियों का रैंडम तरीके से पुनर्मूल्यांकन करते रहते हैं।
राजकीय पॉलिटेक्निक महिला प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना काल में प्राविधिक शिक्षा विभाग की तरफ से ऑनलाइन प्रश्नपत्र भेजा जा रहा है। वहीं कॉपियों का मूल्यांकन भी डिजिटली कराया जा रहा है। सेमेस्टर परीक्षाओं में इसका आयोजन सफल रहा है। पुरानी व्यवस्था के मुताबिक प्रश्नपत्र लेने लखनऊ जाना पड़ता था।
राजकीय पॉलिटेक्निक महिला प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुमार ने बताया कि कोरोना काल में प्राविधिक शिक्षा विभाग की तरफ से ऑनलाइन प्रश्नपत्र भेजा जा रहा है। वहीं कॉपियों का मूल्यांकन भी डिजिटली कराया जा रहा है। सेमेस्टर परीक्षाओं में इसका आयोजन सफल रहा है। पुरानी व्यवस्था के मुताबिक प्रश्नपत्र लेने लखनऊ जाना पड़ता था।