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स्वास्थ्य केंद्रों पर भी है डेंगू के इलाज की सुविधा: सीएमओ
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डेंगू के इलाज की सुविधा स्वास्थ्य केंद्रों पर भी : सीएमओ
गोरखपुर। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा, डेंगू के इलाज की सुविधा स्वास्थ्य केंद्रों पर भी उपलब्ध है। यह निशुल्क है। ऐसे में यदि किसी को बीमारी के लक्षण दिखें तो वे इसक ी अनदेखी न करें। तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेकर इलाज शुरू कराएं। अगर मरीज की स्थिति गंभीर है तो उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। वहां पर भी सस्ते इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
सीएमओ ने बताया कि डेंगू एक साधारण बीमारी है। लेकिन इलाज में लापरवाही से यह गंभीर रूप अख्तियार कर लेता है। अगर अचानक बुखार के साथ आंखों के पीछे तेज दर्द हो तो मरीज को डेंगू की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। बुखार की स्थिति में चिकित्सक की सलाह पर ही दवाएं लें। खून पतला करने वाली दवा का सेवन सिरदर्द होने पर कतई न करें। क्योंकि यह विपरीत असर करती हैं और जानलेवा साबित हो सकती हैं। बताया कि लोगों में यह भ्रम है कि डेंगू के हर मरीज को प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है। यह अलग-अलग मामलों पर निर्भर करता है।
डेंगू के 36 मरीज अब तक मिले हैं
संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि जिले में इस साल जनवरी से लेकर 29 अक्तूबर तक डेंगू के कुल 36 मरीज मिल चुके हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। डेंगू के लिए अलग बेड भी रिजर्व किए गए हैं। जिला अस्पताल में पांच मरीजों का इलाज भी चल रहा है।
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यह लक्षण दिखें तो हो सकता है डेंगू
तेज बुखार, त्वचा पर चकत्ते, तेज सिर दर्द, पीठ दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में असह्य दर्द, मसूढ़ों से खून बहना, नाक से खून बहना, जोड़ों में दर्द, उल्टी, डायरिया आदि।
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गोरखपुर। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने कहा, डेंगू के इलाज की सुविधा स्वास्थ्य केंद्रों पर भी उपलब्ध है। यह निशुल्क है। ऐसे में यदि किसी को बीमारी के लक्षण दिखें तो वे इसक ी अनदेखी न करें। तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेकर इलाज शुरू कराएं। अगर मरीज की स्थिति गंभीर है तो उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है। वहां पर भी सस्ते इलाज की सुविधा उपलब्ध है।
सीएमओ ने बताया कि डेंगू एक साधारण बीमारी है। लेकिन इलाज में लापरवाही से यह गंभीर रूप अख्तियार कर लेता है। अगर अचानक बुखार के साथ आंखों के पीछे तेज दर्द हो तो मरीज को डेंगू की जांच जरूर करा लेनी चाहिए। बुखार की स्थिति में चिकित्सक की सलाह पर ही दवाएं लें। खून पतला करने वाली दवा का सेवन सिरदर्द होने पर कतई न करें। क्योंकि यह विपरीत असर करती हैं और जानलेवा साबित हो सकती हैं। बताया कि लोगों में यह भ्रम है कि डेंगू के हर मरीज को प्लेटलेट्स की आवश्यकता होती है। यह अलग-अलग मामलों पर निर्भर करता है।
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डेंगू के 36 मरीज अब तक मिले हैं
संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. एके चौधरी ने बताया कि जिले में इस साल जनवरी से लेकर 29 अक्तूबर तक डेंगू के कुल 36 मरीज मिल चुके हैं। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। डेंगू के लिए अलग बेड भी रिजर्व किए गए हैं। जिला अस्पताल में पांच मरीजों का इलाज भी चल रहा है।
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यह लक्षण दिखें तो हो सकता है डेंगू
तेज बुखार, त्वचा पर चकत्ते, तेज सिर दर्द, पीठ दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में असह्य दर्द, मसूढ़ों से खून बहना, नाक से खून बहना, जोड़ों में दर्द, उल्टी, डायरिया आदि।