UP News: सहजनवां-दोहरीघाट रेल मार्ग, सरयू नदी पर पुल का टेंडर फाइनल होने के बाद तय होगी शिलान्यास की तारीख
सहजनवां-दोहरीघाट रेल मार्ग के लिए सर्वे का कार्य वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा इस रेल मार्ग को लेकर काफी उत्साहित थे। दोहरीघाट से मऊ तक पहले से ही लाइन बनी हुई है। पूरा ट्रैक बन जाने पर वाराणसी से लखनऊ के लिए यह एक अतिरिक्त रेल मार्ग मिल जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सहजनवां से दोहरीघाट के बीच रेल लाइन बिछाने का काम नए साल में शुरू हो जाएगा। इस नए रेल मार्ग पर सरयू नदी पर सबसे बड़ा पुल बनाया जाना है, जिसका टेंडर 28 दिसंबर को खुलना है। जमीन अधिग्रहण का कार्य तेजी से चल रहा है। जल्दी ही इस रेल मार्ग के शिलान्यास की तारीख भी तय हो जाएगी। यह रेल लाइन न सिर्फ गोरखपुर-वाराणसी के लिए नया विकल्प बनेगी, बल्कि धुरियापार में औद्योगिक विकास भी इसी पर निर्भर है। इसीलिए गीडा प्रशासन और उद्यमियों को भी इस रेल लाइन के जल्दी निर्माण की प्रतीक्षा है।
सहजनवां-दोहरीघाट रेल मार्ग के लिए सर्वे का कार्य वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। तत्कालीन रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा इस रेल मार्ग को लेकर काफी उत्साहित थे। दोहरीघाट से मऊ तक पहले से ही लाइन बनी हुई है। पूरा ट्रैक बन जाने पर वाराणसी से लखनऊ के लिए यह एक अतिरिक्त रेल मार्ग मिल जाएगा।
इस रेल लाइन के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की तरफ से सहजनवा क्षेत्र के 11 किलोमीटर की 43 हेक्टेयर जमीन के लिए अधिग्रहण की अधिसूचना जारी करने के बाद रेलवे ने जिला प्रशासन को मुआवजे के लिए करीब 300 करोड़ रुपये उपलब्ध करा दिए हैं। इस रेल मार्ग पर 45 पुल बनाए जाने हैं। सबसे बड़ा पुल सरयू नदी पर बनना है, जिसके लिए टेंडर फाइनल होने की प्रक्रिया चल रही है।
इसे भी पढ़ें: बदल रहा है गोरखपुर: कब्जा मुक्त सड़कें यूं ही भरवाती रहें फर्राटा इसलिए अब सजेगा गोलघर
मार्च 2026 तक पूरी होगी यह विशेष रेल परियोजना
सहजनवां-दोहरीघाट नई रेल लाइन योजना को इस वर्ष रेल मंत्रालय ने विशेष रेल परियोजना में शामिल किया है। यह प्रोजेक्ट तीन चरणों में पूरा कराया जाएगा। पहले चरण में 2024 तक सहजनवा से बेदौली तक 27 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने का लक्ष्य तैयार किया गया है। दूसरे फेज में मार्च 2025 तक बेदौली से गोला बाजार तक 29 किलोमीटर रेल लाइन बिछाई जाएगी।
तीसरे और अंतिम चरण में मार्च 2026 तक गोला बाजार से न्यू दोहरीघाट तक 25.5 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने की योजना बनाई गई है। 17 दिसंबर 2019 की कैबिनेट मीटिंग नई रेल लाइन को मंजूरी देते हुए 1320 करोड़ का बजट भी स्वीकृत किया गया था।
इसे भी पढ़ें: रेलवे में रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार चीफ ओएस निलंबित, 66 कर्मचारियों का तबादला
नई रेल लाइन बिछाने से गोरखपुर से वाराणसी के बीच की दूरी कम हो जाएगी। गोरखपुर से दोहरीघाट होते हुए वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ के लिए ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी। दोहरीघाट से इंदारा होते हुए मऊ और वाराणसी रेल मार्ग से सीधे जुड़ जाएंगे।
इस रेल लाइन से चमकेगी धुरियापार औद्योगिक क्षेत्र की किस्मत
धुरियापार के औद्योगिक क्षेत्र की किस्मत इस रेल लाइन से चमकेगी। क्योंकि अदाणी समूह समेत सात कंपनियां यहां सीमेंट फैक्टरी लगाने की इच्छुक हैं। लेकिन, वे पहले इस औद्योगिक एरिया के रेल लाइन से जुड़ने का इंतजार कर रही हैं। क्योंकि सीमेंट फैक्टरी में कच्चे माल व तैयार माल की ढुलाई के लिए रेल लाइन की बहुत जरूरत होती है। इसके अलावा इलेक्ट्रानिक्स व अन्य उपकरणों की कई कंपनियां भी इस रेल मार्ग के निर्माण का इंतजार कर रही हैं। इससे न केवल इलाके का औद्योगिकीकरण होगा, बल्कि लोगों का आवागमन भी सुगम होगा।