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यूपी: दो युवकों ने ई-कॉमर्स कंपनियों को लगाया 70 लाख का चूना, ऐसे हो गया पर्दाफाश
Fri, 19 Feb 2021 08:15 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 19 Feb 2021 08:15 PM IST
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पुलिस की हिरासत में आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में ई-कॉमर्स कंपनियों को चूना लगाकर 70 लाख रुपये डकारने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। आरोपी युवकों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, बाइक समेत अलग-अलग प्रांतों के 23 आधार कार्ड बरामद हुए हैं।
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एसपी प्रदीप गुप्ता के मुताबिक पुलिस टीम ने 19 फरवरी को दोपहर 12.30 बजे मऊपाकड चिडरहा मोड़ से दो युवकों विशाल यादव (बंजरहा सोनबरसा टोला, बृजमनगंज) और आकाश यादव (दरबारी चक, लेहडा बाजार) को गिरफ्तार किया। दोनों पर ई-कॉमर्स कंपनियों को चूना लगाने का आरोप है। दोनों कंपनी की साइट हैक करने में माहिर हैं। अपने तकनीकी ज्ञान के बल पर ये कंपनी की साइट पर दर्शाए गए सामान की कीमत कम करके बुकिंग करने के बाद आर्डर कैंसिल कर लाखों कमाते थे।
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कंपनी की साइट हैक कर करते थे खेल
पूछताछ में विशाल एवं आकाश ने बताया कि पहले वे ई-कॉमर्स कंपनी की साइट हैक करते थे। इसके बाद बिक्री के सामान की कीमत उच्च तकनीक से इस तरह कम कर देते थे कि कंपनी को रेट के साथ छेड़छाड़ का पता ही नहीं चल पाता था। इसका फायदा उठाकर दोनों सामान की बुकिंग कर आर्डर निरस्त कर देते थे। नियमानुसार आर्डर निरस्त होने पर रकम की वापसी कंपनी करती है। ऐसे में कपंनी की ओर से सामान की असल कीमत इनके खाते में भेजी जाती थी। ऐसा करके दोनों ने मोटी कमाई की।
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यू-ट्यूब से सीखा हैकिंग का ज्ञान
पूछताछ में पता चला कि दोनों ने यू ट्यूब चैनल से साइट हैक करने का तरीका सीखा। विशाल बीसीए प्रथम वर्ष का छात्र है। उसने बग हंटिंग का कोर्स किया है। हक्स प्लस, एप्लीकेशन टर्मक्स आदि के माध्यम से उसने ई-कॉमर्स कंपनियों के पेज हैक करने में मदद ली। इसके बाद फर्जी ईमेल आईडी एवं डिस्पोजेबल मोबाइल नंबर से खाता बनाकर कंपनी के सामान की वास्तविक कीमत कम कर दी जाती थी। इसके लिए कई बैंकों में खाते भी खोले गए थे। पुलिस के हाथ इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल साक्ष्य भी लगे हैं।
एक अन्य युवक उपलब्ध कराता था आधार कार्ड
आरोपियों के अनुसार ऑनलाइन खरीदारी के लिए आधार कार्ड लेहड़ा बाजार निवासी एक युवक उपलब्ध कराता था। वह ब्लॉक में काम करता है और स्क्रीन शॉट लेकर ह्वाट्स एप पर भेजता था। इसके बाद फर्जी मोबाइल नंबर से पंजीकरण एवं ई-वॉलेट बनाकर कंपनियों को चूना लगाया जाता था।
एक बीसीए तो दूसरा बीए का छात्र
विशाल लखनऊ स्थित एक विश्वविद्यालय में बीसीए प्रथम वर्ष का छात्र है। उसकी उम्र 22 साल है, जबकि आकाश की उम्र 20 साल है। वह बृजमनगंज के एक कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में पढ़ता है।
एक अन्य युवक उपलब्ध कराता था आधार कार्ड
आरोपियों के अनुसार ऑनलाइन खरीदारी के लिए आधार कार्ड लेहड़ा बाजार निवासी एक युवक उपलब्ध कराता था। वह ब्लॉक में काम करता है और स्क्रीन शॉट लेकर ह्वाट्स एप पर भेजता था। इसके बाद फर्जी मोबाइल नंबर से पंजीकरण एवं ई-वॉलेट बनाकर कंपनियों को चूना लगाया जाता था।
एक बीसीए तो दूसरा बीए का छात्र
विशाल लखनऊ स्थित एक विश्वविद्यालय में बीसीए प्रथम वर्ष का छात्र है। उसकी उम्र 22 साल है, जबकि आकाश की उम्र 20 साल है। वह बृजमनगंज के एक कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष में पढ़ता है।