जालसाजों के फेर में फंस गईं भाजपा एमएलसी की पत्नी, वन विभाग की जमीन का ऐसे करा दिया सौदा
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एक जालसाज ने वन विभाग की जमीन फर्जी दस्तावेज तैयार कर भाजपा एमएलसी (विधान परिषद सदस्य) देवेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी को 44.48 लाख में बेच दी। जालसाजी का पता छह साल बाद तब चला जब एमएलसी ने बाउंड्री कराने के लिए जमीन की पैमाइश कराई।
एमएलसी की तहरीर पर पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, शाहपुर के श्यामकुंज कॉलोनी में रहने वाले भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने 2014 में कैंपियरगंज के नवापार गांव में स्थित 1.064 हेक्टेयर जमीन खरीदने के लिए बातचीत की थी। खुद को जमीन का मालिक बताने वाले हरिद्वार दत्तक ने 44.48 लाख रुपये में डील फाइनल की।
दर्ज कराई एफआईआर
दो फरवरी 2014 को एमएलसी की पत्नी अशोकलता के नाम से उसने रजिस्ट्री भी कर दी। जमीन का सीमांकन कराकर एमएलसी ने उसे छोड़ दिया। दिसंबर 2019 में उनके प्रार्थना पत्र पर डीएम ने टीम गठित कर पैमाइश कराई तो पता चला कि जमीन वन विभाग की है।
हरिद्वार ने फर्जी तरीके से खतौनी में अपना नाम दर्ज करा लिया था और एमएलसी को झांसा देकर उनकी पत्नी को बैनामा कर दिया। सीओ कैंपियरगंज दिनेश सिंह ने बताया कि एमएलसी देवेंद्र सिंह की तहरीर पर आरोपितों नवापार निवासी हरिद्वार दत्तक और उसके बेटे कृष्णा, बलराम, पौत्र अखिलेश, बृजेश व शैलेष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।