चिंता: गोरखपुर में फिर सक्रिय हुआ महाकाल ग्रुप, वर्चस्व कायम करने के लिए की फायरिंग
खोराबार इलाके में युवक को निशाना बनाकर चलाई गई गोली, खोखा बरामद, तहरीर लेकर गए पीड़ित से बोली पुलिस-आरोपी को पकड़ने के बाद दर्ज करेंगे केस
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जानकारी के मुताबिक, कुसम्ही कोठी निवासी 17 वर्षीय राजवीर का गांव के ही पास के रामकेश से विवाद हो गया। वह मनबढ़ों के ग्रुप महाकाल से जुड़ा है। आरोप है कि जिस समय विवाद हुआ था रामकेश शराब पी रहा था। इसकी जानकारी होने पर महाकाल ग्रुप के लोग सोमवार रात एकत्र हो गए। राजवीर अपने घर से निकला तो बदमाशों ने उसे घेर लिया और पिटाई शुरू कर दी। जान बचाने को भागा तो मनबढ़ों ने पिस्टल से फायरिंग कर दहशत फैलाई। भागकर राजवीर ने जान बचाई और सूचना पुलिस को दी। इस संबंध में थाना प्रभारी खोराबार राहुल सिंह ने बताया की तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर आरोपितों की तलाश की जा रही है।
क्या है महाकाल ग्रुप
गोरखपुर में महाकाल और महादेव नाम के दो ग्रुप सक्रिय हैं। खोराबार, झंगहा, चौरीचौरा, देवरिया के गौरीबाजार, रुद्रपुर, महराजगंज और कुशीनगर के हाटा कोतवाली के रहने वाले कई युवक इस ग्रुप से जुड़े हैं। इसमें सभी की उम्र 18 से 22 वर्ष के बीच है। दोनों ग्रुप अपना वर्चस्व कायम करने केे लिए कई बार आमने-सामने हो चुके हैं। फिल्मी स्टाइल में एक दूसरे की पिटाई कर दहशत फैलाते हैं।
दोहरे हत्याकांड में नाम आने पर पुलिस ने की थी सख्ती
खोराबार के रामनगर कड़जहां गांव के चचेरे भाई दिवाकर निषाद और कृष्णा की झंगहा के गौरीघाट बांध के किनारे 24 मई 2020 को गोली मारकर हत्या की गई थी। बदमाशों ने दावत के बहाने बुलावा कर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले में 12 आरोपियों को जेल भेजा था, जिसके बाद महाकाल ग्रुप का नाम सामने आया था। तब पुलिस ने दोनों ग्रुप पर सख्ती शुरू की थी और तीन लोगों के नाम पते नोट कर कार्रवाई की तैयारी भी की गई थी। बाद में पुलिस ने निगरानी बंद कर दी और एक बार फिर ग्रुप के सदस्य सक्रिय होकर अपराध करने लगे हैं।