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यूपी: यहां जीआरपी के मुख्य आरक्षी की कमाई लाख में, खर्च करोड़ से ज्यादा, मुकदमा
Sun, 06 Dec 2020 03:48 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 06 Dec 2020 03:48 PM IST
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एफआईआर की प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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जीआरपी में तैनात मुख्य आरक्षी अमरेश यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति पाए जाने पर कैंट थाने में भ्रष्टाचार का केस दर्ज कराया गया है। आरोपी अमरेश, खोराबार के ब्लॉक प्रमुख व सपा नेता शैलेश यादव का भाई है।
एडीजी रेलवे और एसपी जीआरपी के आदेश पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर मुख्य आरक्षी के खिलाफ जांच कर रही थी। जांच में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सही पाया गया। अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर के इंस्पेक्टर रामधारी मिश्रा की तहरीर पर कार्रवाई की गई है। आरोप है कि मुख्य आरक्षी ने भाइयों की मदद से आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।
जानकारी के मुताबिक, भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर के इंस्पेक्टर रामधारी मिश्रा ने कैंट पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि खोराबार इलाके के मदरहवा, सूबा बाजार निवासी जवाहर यादव का पुत्र अमरेश यादव जीआरपी गोरखपुर में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात है। गोरखपुर जीआरपी में तैनाती के दौरान ही अमरेश यादव ने कई संपत्तियां खरीदी है।
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एडीजी रेलवे और एसपी जीआरपी के आदेश पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर मुख्य आरक्षी के खिलाफ जांच कर रही थी। जांच में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला सही पाया गया। अब भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर के इंस्पेक्टर रामधारी मिश्रा की तहरीर पर कार्रवाई की गई है। आरोप है कि मुख्य आरक्षी ने भाइयों की मदद से आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।
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जानकारी के मुताबिक, भ्रष्टाचार निवारण संगठन गोरखपुर के इंस्पेक्टर रामधारी मिश्रा ने कैंट पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि खोराबार इलाके के मदरहवा, सूबा बाजार निवासी जवाहर यादव का पुत्र अमरेश यादव जीआरपी गोरखपुर में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात है। गोरखपुर जीआरपी में तैनाती के दौरान ही अमरेश यादव ने कई संपत्तियां खरीदी है।
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आरोप है कि अमरेश भूमि की प्लाटिंग का कार्य करते हैं। इसमें अपने भाई दुर्गेश यादव एवं शैलेश यादव की मदद करते हैं। भाइयों के सहयोग से ही आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसका पर्दाफाश जांच से हुआ है। जांच में पाया गया कि आरोपी अमरेश यादव ने लोक सेवक के रूप में कार्यरत रहते हुए आय से दोगुनी संपत्ति अर्जित की है।
एक जनवरी 2006 से 31 दिसंबर 2018 तक समस्त ज्ञात आय के स्रोतों से अमरेश की कुल आय 52 लाख 40 हजार 500 रुपये पाई गई थी। इसके बावजूद निर्धारित अवधि में अमरेश ने एक करोड़ तीन लाख 98 हजार 388 रुपये खर्च किये थे। यह धनराशि अर्जित आय से 51 लाख 57 हजार 888 रुपये ज्यादा है। इस सिलसिले में नोटिस देकर अमरेश से जवाब भी मांगा गया था लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल सका। लिहाजा आय से अधिक संपत्ति का मामला सही पाया गया है।
अब मुकदमा दर्ज कराके कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की जानकारी एडीजी रेलवे व एसपी जीआरपी को दी जा चुकी है। कैंट इंस्पेक्टर अनिल उपाध्याय ने बताया कि आरोपी अमरेश यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जानकारी आला अफसरों को दी गई है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर चार्जशीट लगाई जाएगी।
खोराबार ब्लॉक प्रमुख शैलेश यादव ने बताया कि सभी भाई अपना-अपना काम करते हैं। किसके पास कितनी संपत्ति है यह वही भाई बता सकता है। मदद के आरोप निराधार हैं।
एक जनवरी 2006 से 31 दिसंबर 2018 तक समस्त ज्ञात आय के स्रोतों से अमरेश की कुल आय 52 लाख 40 हजार 500 रुपये पाई गई थी। इसके बावजूद निर्धारित अवधि में अमरेश ने एक करोड़ तीन लाख 98 हजार 388 रुपये खर्च किये थे। यह धनराशि अर्जित आय से 51 लाख 57 हजार 888 रुपये ज्यादा है। इस सिलसिले में नोटिस देकर अमरेश से जवाब भी मांगा गया था लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल सका। लिहाजा आय से अधिक संपत्ति का मामला सही पाया गया है।
अब मुकदमा दर्ज कराके कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पूरे मामले की जानकारी एडीजी रेलवे व एसपी जीआरपी को दी जा चुकी है। कैंट इंस्पेक्टर अनिल उपाध्याय ने बताया कि आरोपी अमरेश यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जानकारी आला अफसरों को दी गई है। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर चार्जशीट लगाई जाएगी।
खोराबार ब्लॉक प्रमुख शैलेश यादव ने बताया कि सभी भाई अपना-अपना काम करते हैं। किसके पास कितनी संपत्ति है यह वही भाई बता सकता है। मदद के आरोप निराधार हैं।