कोरोना से जंग के लिए बाजार भी होने लगा तैयार, यहां पचास पैसे में मिल रहा संक्रमण से लड़ने का हथियार
- बाजार में नजर आ रहे विभिन्न प्रकार के उत्पाद
- आठ आने का सैनिटाइजर, चाय की दुकानों पर मिलने लगा काढ़ा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना संकट के बीच धीरे-धीरे लॉकडाउन को अनलॉक किया जा रहा है। ऐसे में बाजारों में कोरोना संक्रमण से बचाव के उत्पाद अपनी जगह बनाने लगे हैं। बाजार में पाउच में सैनिटाइजर बिकने लगा है, जिसकी कीमत हर खास और आम की पहुंच में है। वहीं चाय की दुकानों पर बिक रहा काढ़ा अब लोगों की पहली पसंद बन रहा है।
पचास पैसे में कोरोना से जंग की हथियार
आज के समय में 50 पैसे का सिक्का भले ही चलन से बाहर हो गया है, लेकिन इतने ही पैसे खर्च कर आप कहीं भी बिना पानी के अपने हाथों को स्वच्छ कर सकते हैं। कैल्विन केयर नाम की कंपनी मात्र 50 पैसे में सैनिटाइजर का पाउच उपलब्ध करा रही है। यह लोगों के बीच लोकप्रिय भी हो रहा है।
गोरखपुर शहर के रुस्तमपुर के दुकानदार चंदन गुप्ता ने बताया कि मात्र 50 पैसे में मिलने वाले इस पाउच में हाथ को एक बार सैनिटाइज करने के लिए पर्याप्त मात्रा में सैनिटाइजर है। ऐसे में एक रुपये में दो पाउच खरीदने वालों की संख्या अच्छी-खासी है। वहीं इसके स्टॉकिस्ट अमित जगनानी का कहना है कि आने के साथ ही इसकी डिमांड काफी होने लगी।
चाय की दुकान पर मिल रहा आयुष काढ़ा
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए आयुष मंत्रालय ने आयुर्वेदिक काढ़ा पीने का सुझाव दिया है। इसको देखते हुए अब बाजार में चाय की दुकानों पर आयुष काढ़ा बिकने लगा है। विकास भवन दफ्तर के पास स्टॉल लगाकर एक दुकानदार आयुष काढ़ा लोगों को पिलाते मिले।
सात रुपये कप मिलने वाले इस काढ़े को लोग भी इसे काफी पसंद कर रहे हैं। दुकानदार दिनेश चौहान ने बताया कि इसमें उन तमाम तरह की जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया गया है जिसे आयुष मंत्रालय ने सुझाया है। तमाम लोग चाय के बदले इसी का सेवन कर रहे हैं।