कोविड 19 मरीजों को मिली ये सौगात, अब घर पर रहकर कोरोना का करेंगे काम तमाम
- कोरोना पॉजिटिव मरीज घर पर रह भी रह सकते हैं आइसोलेट
- अलक्षणिक कोरोना पॉजिटिव मरीजों को मिलेगी राहत
- तबीयत बिगड़ने पर बीआरडी में कराया जाएगा भर्ती
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कोरोना पॉजिटिव मरीज अब घर पर भी आइसोलेट रह सकते हैं। इसके लिए उन्हें स्वास्थ्य विभाग को यह जानकारी देनी होगी उनके रहने की व्यवस्था अलग है। उनका कमरा पूरी तरह से कोविड-19 सुरक्षा के मानकों पर है। इस पर स्वास्थ्य विभाग जांच करते हुए उन्हें घर पर आइसोलेट की सलाह देगा। यदि इस दौरान तबियत खराब होती है, तो उन्हें अस्पताल एंबुलेंस की मदद से लाया जाएगा। इस संबंध में शासन ने निर्देश जारी कर किया है।
शासन ने अलक्षणिक पॉजिटिव मरीजों को बड़ी राहत दी है, जिनके पास घर में रहने के लिए अलग शौचालयुक्त कमरा है। यदि उन्हें कोई लक्षण नहीं है तो वे घर पर आसानी से रह सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम उनकी निगरानी करेगी। घर से ही उनके नमूने लेकर दूसरी व तीसरी जांच कराई जाएगी।
इस दौरान उन्हें अस्पताल भी नहीं जाना होगा। यदि बीच में तबीयत खराब होती है, जैसे छींक, सर्दी, जुकाम के कोई भी लक्षण दिखते हैं, तो उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जाएगा। फिलहाल आईसीएमआर की जांच में यह बात सामने आ चुकी है कि 80 फीसद भारतीय को कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं, फिर भी वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए है। शासन के इस नए निर्णय से अलक्षणिक मरीजों को काफी हद तक राहत मिलेगी।
वुहान मॉडल की तर्ज पर लिया गया है फैसला
चीन के वुहान में जब कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ने लगी तो अलक्षणिक मरीजों को उनके घर पर ही आइसोलेट की सलाह डॉक्टरों ने दी थी। इससे काफी हद तक अस्पतालों में भीड़ कम हुई और इसका असर यह रहा कि लोग जल्दी स्वस्थ भी होने लगे। इसी मॉडल को देखते हुए शासन की ओर से यह फैसला लिया गया है।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव मरीज को घर पर रहने के लिए शासन की ओर से नया निर्देश आया है। अगर घर में रहने की अलग और अच्छी व्यवस्था है तो पॉजिटिव मरीज भी घर पर ही 14 दिन आइसोलेट रह सकता है। लक्षण नजर आने पर उन्हें अस्पताल लाया जाएगा।