{"_id":"60e66f0e25294246ad003be4","slug":"corona-delta-delta-plus-and-kappa-variants-effect-in-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"नई मुसीबत: कोरोना के डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट ने मचाई थी गोरखपुर में तबाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नई मुसीबत: कोरोना के डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट ने मचाई थी गोरखपुर में तबाही
Thu, 08 Jul 2021 08:50 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 08 Jul 2021 08:50 AM IST
सार
जीनोम सीक्वेसिंग की जांच में कोरोना के डेल्टा, डेल्टा प्लस के मामले सामने आए, अप्रैल-मई में मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की टीम ने भेजा था सैंपल।
विज्ञापन
डेल्टा प्लस
- फोटो : pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर में जिले में डेल्टा प्लस, डेल्टा और कप्पा वैरिएंट ने तबाही मचाई थी। 30 मरीजों की जीनोम सीक्वेसिंग जांच से कोरोना के घातक व अत्यधिक संक्रमण वाले नए वैरिएंट की जानकारी मिली है। डेल्टा प्लस से संक्रमित देवरिया के 66 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो चुकी है। जबकि दूसरी संक्रमित मेडिकल की छात्रा होम आईसोलेशन में रहकर अब स्वस्थ है। दोनों ही मरीजों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिली है। वहीं, घातक व अत्यधिक संक्रमणकारी वैरिएंट के मिलने से गोरखपुर से लेकर लखनऊ तक हड़कंप है। इस बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबॉयोलॉजी टीम ने 30 कोरोना संक्रमितों का नमूना अप्रैल और मई में जुटाया था। जीनोम सीक्वेसिंग के लिए इन नमूनों को आईजीआईबी (इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव) दिल्ली भेजा था। इसकी रिपोर्ट बुधवार को आई। 27 मरीजों में डेल्टा, दो मरीजों में डेल्टा प्लस और एक में कप्पा वैरिएंट का स्वरूप मिला है।
बता दें कि अप्रैल-मई माह में जिले में कोरोना का संक्रमण बहुत तेज था। औसतन 1000 के आसपास मरीज प्रतिदिन मिल रहे थे। ज्यादातर मरीजों को अस्पताल में जगह नहीं मिल पा रही थी। लेकिन वायरस के नए स्वरूप की जानकारी नहीं थी। डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट की चर्चा पूरी दुनिया में थी।
विज्ञापन
इस बीच माइक्रोबायोलॉजी की टीम ने अप्रैल और मई माह में 15-15 मरीजों के सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए आईजीआईबी दिल्ली भेजा। रिपोर्ट आई तो वायरस के स्वरूप के बारे में पता चला। बताया जा रहा है कि प्रदेश में डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट का यह पहला मामला है। अब तक प्रदेश में केवल डेल्टा के मरीजों के मिलने की पुष्टि हुई थी।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, बीआरडी मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबॉयोलॉजी टीम ने 30 कोरोना संक्रमितों का नमूना अप्रैल और मई में जुटाया था। जीनोम सीक्वेसिंग के लिए इन नमूनों को आईजीआईबी (इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव) दिल्ली भेजा था। इसकी रिपोर्ट बुधवार को आई। 27 मरीजों में डेल्टा, दो मरीजों में डेल्टा प्लस और एक में कप्पा वैरिएंट का स्वरूप मिला है।
विज्ञापन
बता दें कि अप्रैल-मई माह में जिले में कोरोना का संक्रमण बहुत तेज था। औसतन 1000 के आसपास मरीज प्रतिदिन मिल रहे थे। ज्यादातर मरीजों को अस्पताल में जगह नहीं मिल पा रही थी। लेकिन वायरस के नए स्वरूप की जानकारी नहीं थी। डेल्टा, डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट की चर्चा पूरी दुनिया में थी।
विज्ञापन
इस बीच माइक्रोबायोलॉजी की टीम ने अप्रैल और मई माह में 15-15 मरीजों के सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग जांच के लिए आईजीआईबी दिल्ली भेजा। रिपोर्ट आई तो वायरस के स्वरूप के बारे में पता चला। बताया जा रहा है कि प्रदेश में डेल्टा प्लस और कप्पा वैरिएंट का यह पहला मामला है। अब तक प्रदेश में केवल डेल्टा के मरीजों के मिलने की पुष्टि हुई थी।