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Gorakhpur News: उपभोक्ता ने अधीक्षण अभियंता पर 25 हजार रुपये हड़पने का लगाया आरोप
Thu, 23 Nov 2023 12:58 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 23 Nov 2023 12:58 PM IST
सार
ग्रामीण अधीक्षण अभियंता रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि आरोप किसी ने मुझसे द्वेष में आकर किया है। इस नाम का न कोई उपभोक्ता पूरे खंड में है और न ही कभी मुलाकात हुई है। फोन नंबर भी गलत दर्ज किया है। शिकायत सही है तो पता और खुद का परिचय तो सही होता।
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बिजली बिल। (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता ग्रामीण पर उपभोक्ता ने बिजली बिल जमा कराने के नाम पर 25 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। चेयरमैन के नाम से पत्र लिख उपभोक्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है। पोर्टल पर की गई शिकायत 18 नवंबर को चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल के पास पहुंची। उन्होंने शिकायत को प्रथम दृष्टया गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए एमडी को पत्र भेजा है। मामले की जांच शुरू हो गई है।
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सिकरीगंज के रेहारी गांव के रमाशंकर राय नाम के उपभोक्ता ने यह शिकायत की है। आरोप लगाया कि उनके पिता की तबीयत खराब होने से लंबे समय से वे बिजली बिल का भुगतान करने में असमर्थ थे। उनका बिजली बिल 40 हजार 300 रुपये हो गया था। ओटीएस योजना में बिजली बिल में सुधार करवाने के लिए मोहद्दीपुर पहुंचा तो वहां एसई से मुलाकात हुई।
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उन्होंने दो पार्ट में बिल जमा करने की सलाह देते हुए 25 हजार रुपये खुद ले लिए। पिछले महीने पता चला कि बिल बढ़कर 46 हजार नौ सौ रुपये हो गया है। इस संबंध में बात करने मोहद्दीपुर में एसई कार्यालय पहुंचा तो वहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में साहब को व्यस्त बताकर वापस कर दिया। आरोप लगाया कि एसई न तो रुपये वापस कर रहे हैं और न ही बिल से 25 हजार रुपये घटा रहे हैं। मांगने पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दे रहे हैं।
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जौनपुर का रहने वाला हूं, गोरखपुर से वास्ता ही नहीं: अनुज
शिकायती पत्र में रमाशंकर राय नाम के नीचे एक मोबाइल नंबर दिया है। इस नंबर पर अमर उजाला की तरफ से फोन कर आरोप के बारे में जानकारी ली। दूसरी तरफ से खुद को अनुज कुमार बताया। बताया, इस नाम को लेकर बार-बार फोन आ रहा है। मैं, जौनपुर का मूल निवासी हूं और बंगलूरू में काम करता हूं। इस नाम के न मेरे कोई रिश्तेदार हैं या न इस नाम को पहले सुना हूं। मेरा नंबर लिखकर शिकायत करना, ये गलत बात है।
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ग्रामीण अधीक्षण अभियंता रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि आरोप किसी ने मुझसे द्वेष में आकर किया है। इस नाम का न कोई उपभोक्ता पूरे खंड में है और न ही कभी मुलाकात हुई है। फोन नंबर भी गलत दर्ज किया है। शिकायत सही है तो पता और खुद का परिचय तो सही होता। अगर मैनें रुपये लिए हैं तो इसी नाम के उपभोक्ता से लिए होंगे। जब नाम सही लिखा तो अपना नंबर गलत क्यों दर्ज किया।
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ग्रामीण अधीक्षण अभियंता रमेश श्रीवास्तव ने कहा कि आरोप किसी ने मुझसे द्वेष में आकर किया है। इस नाम का न कोई उपभोक्ता पूरे खंड में है और न ही कभी मुलाकात हुई है। फोन नंबर भी गलत दर्ज किया है। शिकायत सही है तो पता और खुद का परिचय तो सही होता। अगर मैनें रुपये लिए हैं तो इसी नाम के उपभोक्ता से लिए होंगे। जब नाम सही लिखा तो अपना नंबर गलत क्यों दर्ज किया।