गोरखपुर: हरित कोयला उत्पादन यूनिट का सीएम योगी करेंगे शिलान्यास, एनटीपीसी बनाएगी बिजली
मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सुथनी का हरित कोयला प्लांट हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसे लेकर मुख्यमंत्री के सामने पूरे प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई। पूरा प्रयास है कि इस प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद करें। नगर निगम की तरफ से उन्हें शिलान्यास कार्यक्रम के लिए अनुरोध किया गया है।
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देश में वाराणसी के बाद जिले में दूसरा हरित कोयला (चारकोल) प्लांट गोरखपुर के सुथनी में लगेगा, जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों कराने की तैयारी है। सोमवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री के सामने एनटीपीसी के अधिकारियों और नगर निगम के अधिकारियों के बीच इसके लिए एमओयू पर दस्तख्त किए गए। यह कोयला रंग नहीं, बल्कि काम से ग्रीन (हरित) होगा। हरित कोयले को एनटीपीसी बिजली बनाने के काम में प्रयोग करेगी।
सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनी एनटीपीसी, सहजनवां क्षेत्र के सुथनी में कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत चारकोल प्लांट स्थापित करने जा रही है। सुथनी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट (एसडब्लूएमपी) के लिए खरीदी गई जमीन में से 15 एकड़ पर 255 करोड़ रुपये से प्लांट स्थापित होगा।
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निवेश के साथ ही सैकड़ों लोगों को रोजगार भी मिलेगा। सोमवार को एनटीपीसी ने अपने इस दूसरे वाणिज्यिक हरित कोयला (टॉरेफाइड चारकोल) परियोजना के लिए मुख्यमंत्री आवास में मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल की मौजूदगी में समझौता किया। जल्दी ही मुख्यमंत्री इस बड़ी योजना का शिलान्यास कर सकते हैं।
इस प्लांट की क्षमता 500 टन प्रतिदिन (टीपीडी) कूड़ा निस्तारण की होगी। इस साल दिसंबर तक कूड़े से चारकोल बनाना शुरू होने की उम्मीद है। 25 वर्ष के लिए हो रहे करार से नगर निगम 650 करोड़ रुपये की बचत करेगा। निवेश को जोड़ लिया जाए तो बचत 905 करोड़ रुपये हो जाएगी। एनटीपीसी वाराणसी में 600 टीपीडी क्षमता का प्लांट लगा रहा है।
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यह देश का पहला कूड़े से चारकोल बनाने का प्लांट है। अब गोरखपुर में देश के दूसरे प्लांट की नींव पड़ रही है। फरवरी में नगर आयुक्त बनने के बाद गौरव सिंह सोगरवाल ने वाराणसी की तरह गोरखपुर में भी चारकोल प्लांट लगाने का निर्णय लिया था। उन्होंने एनटीपीसी के दिल्ली कार्यालय में दो बार पहुंचकर अधिकारियों से मुलाकात की।
गोरखपुर के अलावा संतकबीरनगर से भी आएगा कूड़ा
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नगर निगम क्षेत्र में रोजाना 506 टन कूड़ा निकल रहा है। इसमें से 200 टन गीला कूड़ा बायो सीएनजी प्लांट को दिया जाएगा। बचा 306 टन कूड़ा चारकोल प्लांट को भेजा जाएगा। सहजनवां, मगहर, घघसरा, उनवल, बांसगांव आदि नगर पंचायतों व नगर पालिकाओं से कूड़ा मंगाया जाएगा।
मेयर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने कहा कि सुथनी का हरित कोयला प्लांट हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसे लेकर मुख्यमंत्री के सामने पूरे प्रोजेक्ट पर चर्चा हुई। पूरा प्रयास है कि इस प्लांट का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद करें। नगर निगम की तरफ से उन्हें शिलान्यास कार्यक्रम के लिए अनुरोध किया गया है।