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सीएम योगी ने की गोरखपुर-बस्ती मंडल की समीक्षा बैठक: बोले- अस्पतालों में कराएं ऑक्सीजन का ऑडिट, नहीं होनी चाहिए कालाबाजारी

Mon, 10 May 2021 05:12 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 10 May 2021 05:12 PM IST
सार

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में गोरखपुर-बस्ती मंडल की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, कहा- तीन से चार गुना तक बढ़ाएं निगरानी समितियों की संख्या, संक्रमितों तक वितरित कराएं मेडिकल किट

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CM Yogi holds review meeting of Gorakhpur-Basti Mandal
समीक्षा बैठक करते सीएम योगी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्राइवेट अस्पतालों को मुहैया कराए जा रहे ऑक्सीजन का ऑडिट कराने का निर्देश दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में अफसरों को चेताया कि कहीं भी ऑक्सीजन की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। इसकी जांच की जाए। पकड़े जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि नजीर पेश हो और दूसरे भी इस आपदा की घड़ी में जीवन रक्षक ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने से पहले डरें।

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मुख्यमंत्री सोमवार को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोविड-19 प्रबंधन से संबंधित गोरखपुर/बस्ती मंडल की समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान गोरखपुर के अलावा बाकी जिलों के अफसर वर्चुअली, बैठक से जुड़े। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि निगरानी समितियों की संख्या 3 से 4 गुना तक बढ़ाई जाये। उन्होंने कहा कि सरकार मेडिकल किट समेत सभी जरूरी संसाधन उपलब्ध करा रही है। निगरानी समितियों के माध्यम से प्रत्येक संक्रमित तक  मेडिकल किट पहुंचाया जाए।
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उन्होंने कहा कि मेडिकल किट की पर्याप्त दवाएं हर जिले में  उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस 108 का 75 प्रतिशत प्रयोग कोविड-19 में किया जाए और आरआरटी को वाहन उपलब्ध कराएं जाएं। उन्होंने चेताया कि कोविड प्रबंधन कार्य में लापरवाही क्षम्य नही होगी, शत प्रतिशत कांटेक्ट ट्रेसिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय पर मरीज को सुविधा दी जाए तो निश्चित ही वह आरोग्यता को प्राप्त करेगा। उन्होंने कहा कि रोग को छिपाया न जाये, अगर बीमारी है तो उसका उपचार आवश्यक है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन स्तर पर ऑक्सीजन की उपलब्धता, रेडमिसिविर इंजेक्शन, होम आइसोलेशन, स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, फागिंग आदि कार्यों की व्यवस्था/निगरानी संबंधी समितियां गठित की गयी है। इसी प्रकार जनपद स्तर पर भी समिति गठित कर उनके कार्य/दायित्व निर्धारित किए जाएं। इस दौरान  सदर सांसद रविकिशन, सांसद बासगांव कमलेश पासवान, राज्यसभा सांसद जयप्रकाश निषाद, विधायक विपिन सिंह, संगीता यादव, महेन्द्रपाल सिंह, संत प्रसाद, शीतल पाण्डेय, क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह, कमिश्नर जयंन्त नार्लिकर, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन आदि मौजूद रहे।

टीम भावना से कार्य प्रबंधन हुआ तो सफलता तय
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक-एक व्यक्ति का जीवन अमूल्य है। उसे हर हाल में बचाना है। लक्षणयुक्त/संदिग्ध की तत्काल टेस्टिंग करते हुए रिपोर्ट पॉजीटिव आने पर उसे जल्द  मेडिकल किट  उपलब्ध करा दिया  जाए। उन्होंने कहा कि यदि कार्य प्रबंधन टीम भावना से किया जाए तो निश्चित रूप से शत प्रतिशत सफलता मिलेगी। उन्होंने कोरोना कर्फ्यू  का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया। साथ ही प्राइवेट अस्पतालों/एम्बुलेन्स का रेट निर्धारित करने और कहीं भी मनमाना रेट लेने का मामला सामने आए तो कड़ी कार्रवाई की जाए।

 

सीसीटीवी कैमरे लगाएं, रोज पॉजिटिव, रिकवरी व एक्टिव केस की करें समीक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। हर जिले में प्रतिदिन 24 घंटे के अन्दर पॉजीटिव, रिकवरी, एक्टिव केस आदि की समीक्षा की जाए। होम आइसोलेशन के कोविड मरीजों के साथ संवाद स्थापित किए जाएं और विधानसभावार होम आइसोलेट मरीजों की सूची/मोबाइल नंबर सांसद, विधायक को भी उपलब्ध कराए जाएं ताकि वे उनसे संवाद स्थापित कर सकें। उन्होंने कहा कि हर कोविड हॉस्पिटल में मरीजों के संबंध में जानकारी उनके परिजनों को जरूर दी जाए।

खाद्यान्न वितरण की निगरानी के लिए तैनात करें नोडल अधिकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद्यान्न वितरण कार्य की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करें। गेहूं क्रय केन्द्रों को सोशल डिस्टेंसिंग/कोविड प्रोटोकाल के तहत  संचालित किया जाए तथा गोआश्रय स्थल पर चारे आदि की व्यवस्था की जाए।

अभियान चलाकर करें सैनिटाइजेशन व फॉगिंग
मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फागिंग कार्य को एक अभियान के रूप में संचालित करने तथा इसके लिए नोडल अधिकारी नामित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह अभियान कोविड के साथ ही बरसात में इंसेफेलाइटिस से बचाव में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि कन्टेनमेन्ट जोन में सख्ती की जाए। वहां केवल मेडिकल, स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, फागिंग, डोर स्टेप डिलेवरी की अनुमति होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सावधानी/सतर्कता कोविड से बचाव का सर्वोत्तम उपाय है। उन्होंने बेड की संख्या बढ़ाने तथा शासन के नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन करने और पीकू को क्रियाशील रखने के निर्देश दिये।

 

मंडल में 63042 एंटीजन टेस्ट व 54633 आरटीपीसीआरः कमिश्नर

बैठक के दौरान कमिश्नर  जयन्त नार्लिकर ने मुख्यमंत्री को गोरखपुर मंडल में कोविड प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि टेस्टिंग, कान्टेक्ट ट्रेसिंग, सैनिटाइजेशन, स्वच्छता, वैक्सीनेशन आदि कार्यों को तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंडल में कुल 63042 एन्टीजन टेस्ट, 54633 आरटीपीसीआर सैम्पलिंग करायी गई है।

इसके अलावा  मंडल में कुल 4856 क्रियाशील निगरानी समितियां है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 4368 तथा शहरी क्षेत्र में 488 है। कोविड प्रबंधन के लिए मंडल  में कुल 126 एम्बुलेंस का प्रयोग किया जा रहा है। कोविड टीकाकरण के संबंध में जानकारी देते हुए आयुक्त ने बताया कि मंडल में कुल 719118 प्रथम डोज तथा 175442 द्वितीय डोज कवरेज किया गया है।

बताया कि मंडल में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति/आवश्यकता, उपयुक्त मानव संपदा की कमी, मण्डल में एल-2/एल-3 लेवल के निजी चिकित्सालयों की कमी तथा एल-2 फैसलिटी के चिकित्सकों एवं अन्य कार्मिकों का आसीयू प्रबंधन में सतत ट्रेनिंग की जरूरत है। इसी तरह कमिश्नर बस्ती ने भी अपने मण्डल से संबंधित कोविड-19 प्रबंधन के संबंध में जनपदवार विस्तृत जानकारी दी।

डीएम ने जिले के बारे में अपडेट कराया
इस दौरान डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने जिले में  पाजीटिव रेट, आरआरटी, निगरानी समितियां, होम आइसोलेशन, आईसीसीसी में टेलीफोन संख्या, एम्बुलेंस आदि की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गोरखपुर जिले में कुल 58957 सेम्पलिंग, कोविड प्रबंधन के लिए कुल 64 एम्बुलेंस का प्रयोग किया जा रहा है। जनपद में कोविड टीकाकरण प्रथम डोज 273632 तथा द्वितीय डोज 65420 दिया जा चुका है।

जिला प्रशासन के सहयोग से जल्द कोविड वार्ड शुरू करे एम्स प्रबंधन
मेडिकल कॉलेज में समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने एम्स का निरीक्षण कर वहां पर बोइंग कंपनी के सहयोग से 200 बेड के कोविड वार्ड के निर्माण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने एम्स के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला प्रशासन के सहयोग से तत्काल 200 बेड का वार्ड शुरू किया जाए साथ ही एम्स के तृतीय तल के कार्य को भी तेजी से पूर्ण किया जाए ताकि बेडों की संख्या में और वृद्धि की जा सके। उन्होंने कहा कि एम्स सेवाभाव के साथ कार्य करें। अस्पताल के संचालन में किसी प्रकार की कमी नही आने दी जाएगी।

युवाओं से लिया टीकाकरण का फीडबैक
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज जाते समय चरगावां स्वास्थ्य केंद्र पर चल रहे  18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के कोविड टीकाकरण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने टीकाकरण की स्थिति जानी और वहां वैक्सीनेशन कराने पहुंचे युवाओं से बातचीत कर फीडबैक भी लिया। सभी ने व्यवस्था पर संतुष्टि जताई। मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने वहां 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के कोविड टीकाकरण के कार्य का भी निरीक्षण किया।



 

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