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10 लाख से अधिक का फंड होने पर भी शौचालय नहीं बनवा रहे सचिव, सीएम करेंगे कार्रवाई
Thu, 27 Feb 2020 11:21 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 27 Feb 2020 11:21 AM IST
सार
- सीएम की समीक्षा के 48 घंटे पहले 67 पंचायत सचिवों को प्रतिकूल प्रविष्टि
- शौचालय निर्माण में लापरवाही पर डीपीआरओ ने की कार्रवाई, कल सीएम जांचेंगे प्रगति
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सीएम योगी आदित्यनाथ।(file)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा के दो दिन पहले ही स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बनने वाले शौचालयों के निर्माण में लापरवाही पर 79 पंचायतों से जुड़े 67 पंचायत सचिवों को डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर ने प्रतिकूल प्रविष्टि दे दी। विकास भवन सभागार में बुधवार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान यह पाया गया कि संबंधित ग्राम पंचायतों में शौचालयों की फोटो अपलोड करने, अप्रूव्ड करने में लापरवाही बरती जा रही है। इसके अलावा 10 लाख रुपये से अधिक का फंड मौजूद होने के बाद भी शौचालयों का निर्माण नहीं कराया जा रहा।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग भारत सरकार के सचिव परमेश्वरन अय्यर के इसी महीने के आखिरी में संभावित दौरे को लेकर सीडीओ हर्षिता माथुर ने सभी एडीओ पंचायत और पंचायत सचिवों के साथ 19 फरवरी को विकास भवन में बैठक की थी। उन्होंने सभी शौचालयों का निर्माण और फोटो अपलोड करने के लिए 25 फरवरी तक की मोहलत देने के साथ ही निर्देश की अनदेखी पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। इसी बीच मुख्यमंत्री ने 28 फरवरी को शौचालय निर्माण की समीक्षा का निर्णय किया है जिसके बाद आनन-फानन में पंचायतीराज विभाग ने यह कार्रवाई की।
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पेयजल एवं स्वच्छता विभाग भारत सरकार के सचिव परमेश्वरन अय्यर के इसी महीने के आखिरी में संभावित दौरे को लेकर सीडीओ हर्षिता माथुर ने सभी एडीओ पंचायत और पंचायत सचिवों के साथ 19 फरवरी को विकास भवन में बैठक की थी। उन्होंने सभी शौचालयों का निर्माण और फोटो अपलोड करने के लिए 25 फरवरी तक की मोहलत देने के साथ ही निर्देश की अनदेखी पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। इसी बीच मुख्यमंत्री ने 28 फरवरी को शौचालय निर्माण की समीक्षा का निर्णय किया है जिसके बाद आनन-फानन में पंचायतीराज विभाग ने यह कार्रवाई की।
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17 हजार शौचालय बनने बाकी
बेस लाइन सर्वे 2012 के मुताबिक जिले में 2013- 14 से लेकर 2018- 19 तक 5.27 लाख शौचालयों का निर्माण किया जाना था। दो साल पहले ही जिला खुले में शौचमुक्त घोषित कर दिया गया, मगर अभी हजारों की संख्या में शौचालयों का निर्माण कार्य ही नहीं पूरा हो सका। पंचायती राज विभाग के मुताबिक, बेस लाइन सर्वे 2012 में तय लक्ष्य के सापेक्ष 17 हजार शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया है तो वहीं 23 हजार शौचालयों की फोटो अपलोड नहीं हो सकी है, जबकि 98 हजार शौचालयों की फोटो अप्रूव्ड होना बाकी है।
आज लखनऊ रवाना होंगे सीडीओ-डीपीआरओ
28 फरवरी को लखनऊ के लोकभवन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बने शौचालयों की समीक्षा के लिए बुलाई गई मुख्यमंत्री की बैठक में शामिल होने के लिए सीडीओ, उप निदेशक पंचायतीराज, डीपीआरओ और मिशन के कंसलटेंट बृहस्पतिवार को लखनऊ रवाना हो जाएंगे।
आज लखनऊ रवाना होंगे सीडीओ-डीपीआरओ
28 फरवरी को लखनऊ के लोकभवन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत बने शौचालयों की समीक्षा के लिए बुलाई गई मुख्यमंत्री की बैठक में शामिल होने के लिए सीडीओ, उप निदेशक पंचायतीराज, डीपीआरओ और मिशन के कंसलटेंट बृहस्पतिवार को लखनऊ रवाना हो जाएंगे।