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MMMUT में पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ, कहा- इस विश्वविद्यालय के ऊपर नौजवानों का बड़ा उत्तरदायित्व है
Thu, 20 Feb 2020 05:41 PM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 20 Feb 2020 05:41 PM IST
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Cm yogi
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गोरखपुर दो दिवसीय दौरे पर गए हैं। इस दौरान उन्होंने मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर में संचालित विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति और संस्थान के लिए भविष्य के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु मानकों को निर्धारित करना हो तो यह जानना महत्वपूर्ण होता है कि उनके मूल्य और आदर्श क्या हैं? उनकी प्रेरणा के स्रोत क्या हैं।
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सीएम ने कहा कि ये विश्वविद्यालय एक ऐसे महामनीषी के नाम पर है, जिन्होंने एक ऐसे संस्थान की स्थापना का सपना, देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में पहचान रखने वाली काशी में देखा था। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इसी सोच की उपज थी और जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं जहां काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने अपने लक्ष्य को प्राप्त न किया हो।
जिस मनीषी ने देश की आजादी के पहले ही काशी जैसे विश्वविद्यालय की नींव रखी उसी मनीषी के नाम पर इस विश्वविद्यालय का नामकरण इस संस्थान से जुड़े हुए प्रत्येक छात्र और शिक्षक के लिए आदर्श और प्रेरणा का एक केंद्र बन कर उभरता है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत के मूल्यों और आदर्शों की मजबूत नींव पर हम देश को एक ऐसे शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करें जो भारत के नागरिकों को योग्य नागरिकों के रूप में विकसित करने के साथ सभी क्षेत्रों में सक्षम बना सके। मुझे प्रसन्नता है कि 1857 की क्रांति के जिस महानायक ने देश में ब्रिटिश हुकूमत को हिलाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया, ऐसे शहीद बंधु सिंह के नाम पर यहां स्टेडियम का नामकरण किया जा रहा है। इसके लिए मैं विश्वविद्यालय को हृदय से बधाई देता हूं।
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मा. मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर में संचालित विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए। https://t.co/UDNDy9SLQXविज्ञापन— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) February 20, 2020
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सीएम ने कहा कि ये विश्वविद्यालय एक ऐसे महामनीषी के नाम पर है, जिन्होंने एक ऐसे संस्थान की स्थापना का सपना, देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में पहचान रखने वाली काशी में देखा था। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय इसी सोच की उपज थी और जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं जहां काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने अपने लक्ष्य को प्राप्त न किया हो।
जिस मनीषी ने देश की आजादी के पहले ही काशी जैसे विश्वविद्यालय की नींव रखी उसी मनीषी के नाम पर इस विश्वविद्यालय का नामकरण इस संस्थान से जुड़े हुए प्रत्येक छात्र और शिक्षक के लिए आदर्श और प्रेरणा का एक केंद्र बन कर उभरता है।
उन्होंने आगे कहा कि भारत के मूल्यों और आदर्शों की मजबूत नींव पर हम देश को एक ऐसे शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करें जो भारत के नागरिकों को योग्य नागरिकों के रूप में विकसित करने के साथ सभी क्षेत्रों में सक्षम बना सके। मुझे प्रसन्नता है कि 1857 की क्रांति के जिस महानायक ने देश में ब्रिटिश हुकूमत को हिलाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया, ऐसे शहीद बंधु सिंह के नाम पर यहां स्टेडियम का नामकरण किया जा रहा है। इसके लिए मैं विश्वविद्यालय को हृदय से बधाई देता हूं।
विश्वविद्यालय के ऊपर एक बड़ा उत्तरदायित्व है
मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे हमारे आदर्श होंगे वैसे ही हमारे लक्ष्य भी होंगे और जैसे हमारे लक्ष्य होंगे उसी के अनुरूप हम प्रयत्न भी कर पाएंगे। इस विश्वविद्यालय ने मालवीय जी और शहीद बन्धु सिंह जी जैसे महान क्रांतिकारी को अपने प्रेरणा स्रोत के रूप में रख कर इस विश्वविद्यालय से जुड़े सभी छात्र-छात्राओं के सामने एक बेहतर आदर्श प्रदर्शित किया है।
उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के ऊपर एक बड़ा उत्तरदायित्व है कि यहां के नौजवानों के अनुरूप उनके आर्थिक स्वावलंबन के साथ उनके समग्र विकास की रूपरेखा को कैसे आगे बढ़ाया जाए। कई बार ऐसा होता है कि शिक्षण संस्थान टापू बन जाते हैं। हम व्यवस्था पर बोझ ना बनें, ना समाज पर बनें और ना शासन पर बनें, बल्कि हम अपने इनोवेटिव आइडिया के माध्य्म से समाज के सामने एक ऐसी तस्वीर प्रस्तुत करें जिसको लेकर संस्थान और समाज, सभी आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि ज्ञान केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। व्यावहारिक धरातल पर जो समाज की ज्वलंत समस्याएं हैं उनसे ये संस्थाएं खुद को अलग नहीं कर सकती हैं और इन संस्थानों को भी समाज के साथ जुड़ना पड़ेगा।
गोरखपुर को बनाएं स्मार्ट सिटी
सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के कार्य में पं. मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में आगे आना चाहिए। तकनीक का प्रयोग करते हुए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना करके पूरे शहर को स्मार्ट एंड सेफ सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है। महत्वपूर्ण यह नहीं है कि इससे विश्वविद्यालय को क्या फायदा होगा, महत्वपूर्ण यह है कि विश्वविद्यालय का समाज के साथ एक बेहतर तारतम्य स्थापित होगा।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी बहुत आगे बढ़ चुकी है। हमने कुंभ में भी इसका बेहतर इस्तेमाल किया, संदिग्धों एवं अपराधियों पर टेक्नोलॉजी के जरिए नजर रखी और इसीलिए बिना किसी दुर्घटना के कुंभ का आयोजन हुआ। आज के यूथ के पास नया स्टार्टअप शुरू करने की ललक है, वह नए आइडिया के साथ काम करना चाहता है। आज के समय में सबसे बड़ा चैलेंज सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट है और इस पर बेहतर कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के ऊपर एक बड़ा उत्तरदायित्व है कि यहां के नौजवानों के अनुरूप उनके आर्थिक स्वावलंबन के साथ उनके समग्र विकास की रूपरेखा को कैसे आगे बढ़ाया जाए। कई बार ऐसा होता है कि शिक्षण संस्थान टापू बन जाते हैं। हम व्यवस्था पर बोझ ना बनें, ना समाज पर बनें और ना शासन पर बनें, बल्कि हम अपने इनोवेटिव आइडिया के माध्य्म से समाज के सामने एक ऐसी तस्वीर प्रस्तुत करें जिसको लेकर संस्थान और समाज, सभी आगे बढ़ सकें।
उन्होंने कहा कि ज्ञान केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए। व्यावहारिक धरातल पर जो समाज की ज्वलंत समस्याएं हैं उनसे ये संस्थाएं खुद को अलग नहीं कर सकती हैं और इन संस्थानों को भी समाज के साथ जुड़ना पड़ेगा।
गोरखपुर को बनाएं स्मार्ट सिटी
सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के कार्य में पं. मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर के रूप में आगे आना चाहिए। तकनीक का प्रयोग करते हुए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना करके पूरे शहर को स्मार्ट एंड सेफ सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है। महत्वपूर्ण यह नहीं है कि इससे विश्वविद्यालय को क्या फायदा होगा, महत्वपूर्ण यह है कि विश्वविद्यालय का समाज के साथ एक बेहतर तारतम्य स्थापित होगा।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी बहुत आगे बढ़ चुकी है। हमने कुंभ में भी इसका बेहतर इस्तेमाल किया, संदिग्धों एवं अपराधियों पर टेक्नोलॉजी के जरिए नजर रखी और इसीलिए बिना किसी दुर्घटना के कुंभ का आयोजन हुआ। आज के यूथ के पास नया स्टार्टअप शुरू करने की ललक है, वह नए आइडिया के साथ काम करना चाहता है। आज के समय में सबसे बड़ा चैलेंज सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट है और इस पर बेहतर कार्य किए जाने की आवश्यकता है।