गोरखपुर में सीएम योगी ने की समीक्षा बैठक, कहा- अक्तूबर तक पूरा कर लें प्राणि उद्यान का निर्माण
- वन विभाग एवं कार्यदायी संस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने तय की डेटलाइन
- बोले- निर्माण कार्य में तेजी लाएं, अब विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
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गोरखपुर में दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माणाधीन प्रणि उद्यान, कोविड-19 और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक गोरखनाथ मंदिर सभागार में की। इस दौरान उन्होंने प्राणि उद्यान का निर्माण कार्य हर हाल में अक्तूबर में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कार्यदायी संस्था और वन विभाग के अफसरों को चेताया भी कि निर्माण कार्य में तेजी लाकर तय समयसीमा के भीतर इसे पूरा कर लिया जाए वर्ना अब विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कमिश्नर जयंत नार्लिकर और डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी एवं समीक्षा के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्राणि उद्यान के निदेशक से कहा कि प्राणि उद्यान के निर्माण के साथ ही साथ केंद्रीय प्राणि उद्यान प्राधिकरण के अधिकारियों के दौरे भी कराएं ताकि अनुमति संबंधी प्रक्रिया भी समय से पूरी की जा सके।
मुख्यमंत्री ने प्राणि उद्यान के निदेशक अंजनी आचार्य से चिड़ियाघर में आने वाले जानवरों की संख्या के बारे में भी जानकारी ली। आचार्य ने बताया कि सितंबर-अक्तूबर तक सीजेडए का पहला दौरा करा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि दो चरण में जानवर लाए जाएंगे। इस संबंध में योजना बना कर जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पौधरोपण कराया जा रहा है।
कुछ स्थानों पर बाड़ों के बीच में पौधरोपण का काम बाकी रह गया है, जल्द ही इसे भी पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में सीएम ने बिजली निगम के अभियंताओं को प्राणि उद्यान के मुख्य द्वार से बिजली के हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट करने का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में कमिश्नर, डीएम के अलावा डीएफओ अविनाश कुमार भी मौजूद रहे।
तुर्रा नाला निर्माण के लिए कितना वक्त चाहिए?
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कूडाघाट-इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय से कुसम्ही जंगल तक निर्माणाधीन नाले की समीक्षा के दौरान काम की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। उन्होंने सी एण्डडी एस के अधिकारियों से दो टूक शब्दों में पूछा कि आखिर उन्हें कितना वक्त चाहिए?
बताया गया कि कुसम्ही जंगल क्षेत्र में नाला निर्माण को लेकर थोड़ा पेच है। मगर वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सड़क के चौड़ीकरण के लिए वन विभाग की जमीन हस्तांतरित की गई थी। चौड़ीकरण के लिए ली गई जमीन में नाला का निर्माण किया जा सकता है। इसके लिए मंत्रालय से वन विभाग की जमीन पर नाला बनाने की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्था को जल्द तुर्रा नाले का निर्माण पूरा करने का निर्देश दिया।
स्वतंत्रता दिवस, मोहर्रम पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि वह पूरी तरह से सतर्क रहे। छोटी-छोटी घटनाओं को भी गंभीरता से लिया जाए। अपराधियों से सख्ती से पेश आते हुए पूरी सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के साथ ही मोहर्रम भी नजदीक है। ऐसे में निगरानी तेज कर दी जाए। किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज में स्थित बाल संस्थान में जल्द 300 बेड का कोविड अस्पताल खोलने के साथ ही अक्तूबर तक प्राणि उद्यान का निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया है। इसकी नियमित निगरानी की जा रही है। निर्माण कार्य में तेजी लाकर तय समय सीमा के भीतर इसे पूरा कराया जाएगा।