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Gorakhpur News: साथी की माैत से सहमे बच्चे, बोले- बस में नहीं थे कंडक्टर अंकल
Sun, 13 Sep 2026 02:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:45 AM IST
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]पिपराइच। स्कूल बस में रोज साथ आने-जाने वाले बच्चों के लिए शनिवार का दिन सामान्य नहीं था। हादसे के बाद बस में सवार मासूम छात्र सहमे नजर आए। बच्चों ने बताया कि बस में कंडक्टर अंकल नहीं थे। बच्चे खुद ही बस में चढ़ और उतर रहे थे।
कक्षा दो के छात्र रितिक ने बताया कि वह तीन साल से स्कूल में पढ़ रहा है और करीब एक साल से इसी बस से आता-जाता है। उसके मुताबिक, आमतौर पर कंडक्टर अंकल बच्चों को बस में चढ़ाने और उतारने में मदद करते थे। शनिवार को वह बस में नहीं थे। रितिक ने कहा कि कंडक्टर अंकल आज नहीं थे। शायद इसीलिए ऐसा हो गया। हिमांशु बहुत अच्छा था।
चिलबिलवा निवासी साबना खातून भी इसी बस से कक्षा चार में पढ़ने जाती है। हादसे के बाद वह भी सहमी हुई थी। वहीं पिपरही गांव निवासी दिनेश सिंह की बेटी साधना सिंह भी इसी बस से स्कूल आती-जाती है। घटना की जानकारी पर वह बस में हुए हादसे को लेकर दुखी नजर आई। उसने कहा कि यह कैसे हो गया, पता नहीं। रोज स्कूल जाने के लिए इसी बस में बैठने वाले बच्चों के लिए साथी की मौत का यह हादसा एक ऐसी घटना बन गया, जिसे वे लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे।
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कक्षा दो के छात्र रितिक ने बताया कि वह तीन साल से स्कूल में पढ़ रहा है और करीब एक साल से इसी बस से आता-जाता है। उसके मुताबिक, आमतौर पर कंडक्टर अंकल बच्चों को बस में चढ़ाने और उतारने में मदद करते थे। शनिवार को वह बस में नहीं थे। रितिक ने कहा कि कंडक्टर अंकल आज नहीं थे। शायद इसीलिए ऐसा हो गया। हिमांशु बहुत अच्छा था।
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चिलबिलवा निवासी साबना खातून भी इसी बस से कक्षा चार में पढ़ने जाती है। हादसे के बाद वह भी सहमी हुई थी। वहीं पिपरही गांव निवासी दिनेश सिंह की बेटी साधना सिंह भी इसी बस से स्कूल आती-जाती है। घटना की जानकारी पर वह बस में हुए हादसे को लेकर दुखी नजर आई। उसने कहा कि यह कैसे हो गया, पता नहीं। रोज स्कूल जाने के लिए इसी बस में बैठने वाले बच्चों के लिए साथी की मौत का यह हादसा एक ऐसी घटना बन गया, जिसे वे लंबे समय तक नहीं भूल पाएंगे।
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