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पड़ोसी ने मासूम पर दिखाई हैवानियत: बच्चे का अपहरण कर हत्या, मुंह में कपड़ा ठूंसकर दबा दिया गला

Thu, 11 May 2023 04:12 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 11 May 2023 04:12 PM IST
सार

बच्चे की मौत की खबर सुनकर गांव वाले बौखला गए। उन्होंने आरोपी का घर घेर लिया। इस दौरान सूचना पर पहुंची पुलिस से भी ग्रामीणों की झड़प हो गई। ग्रामीण उच्च अधिकारियों को गांव में बुलाने की मांग पर अड़े हैं।

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child kidnapped and murdered in gorakhpur by neighbor
मौके पर जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पड़ोसी ने छात्र का अपहरण कर हत्या कर दी। उसका हाथ-पैर बांधकर, मुंह में कपड़ा ठूंसकर गला दबाया गया था। पुलिस ने बुधवार देर रात पुलिया के नीच उसे अचेत अवस्था में बरामद कर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान गुरुवार को उसकी मौत हो गई। मामला हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र का है। आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है।

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बच्चे की मौत की खबर सुनकर गांव वाले बौखला गए। उन्होंने आरोपी का घर घेर लिया। इस दौरान सूचना पर पहुंची पुलिस से भी ग्रामीणों की झड़प हो गई। ग्रामीण उच्च अधिकारियों को गांव में बुलाने की मांग पर अड़े हैं।

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यह है पूरा मामला

बताया जा रहा है कि हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के गोरहडीह निवासी सत्यनरायण सिंह का पुत्र आयुष सिंह (10) गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीन का छात्र था। बुधवार को छुट्टी होने के बाद गांव के ही एक युवक रामसिंह ने उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बिठाकर कटाई टिकर पुल के नीचे ले गया। वहां उसका हाथ-पैर बांधकर मुंह में कपड़ा ठूस कर नदी के किनारे फेंक दिया।

वहीं दोपहर बाद से ही गायब छात्र की तलाश में परिजन और गांव वाले जगह-जगह तलाश कर रहे थे। छात्र के साथ पढ़ने वाले दो बच्चों ने बताया कि गांव के ही रामसिंह उसे चॉकलेट दिलाने के बहाने मोटरसाइकिल से ले गया था। शाम को जब इसकी सूचना पुलिस को मिली तो हरपुर बुदहट पुलिस ने रामसिंह को खोज निकाला और पूछताछ शुरू की।

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कड़ाई से पूछताछ करने पर रामसिंह ने अपहरण की बात कबूल कर ली। उसने रात 11 बजे पुलिस को बताया कि छात्र को पुल के नीचे रखा है। इसके बाद पुलिस फोर्स कटाई टिकर पुल के पास पहुंची और बच्चे को बंधन से मुक्त कराया। इस दौरान उसकी हालत खराब हो चुकी थी। पुलिस ने आनन-फानन बच्चे को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचवाया, जहां गुरुवार को छात्र की इलाज के दौरान मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार रामसिंह बच्चे को बेचने की फिराक में था।
 

साथ काम करते है बच्चे के पिता और आरोपी

गोरहडीह निवासी सत्यनरायण सिंह और रामसिंह दोनों सगे पट्टीदार हैं और साथ में ही गीडा स्थित एक फैक्ट्री में काम करते हैं। सत्यनरायण सिंह ने ही रामसिंह की नौकरी लगवाई थी। बुधवार को सत्यनरायण सिंह ड्यूटी चले गए और रामसिंह नहीं गया। विदयालय की छुट्टी होते ही रामसिंह बच्चे को चॉकलेट खिलाने के बहाने लेकर चला गया, चूंकी रामसिंह को बच्चा जानता था इसलिए बेहिचक उसके साथ चला गया।

हत्या में पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
गोरहडीह निवासी राजेंद्र सिंह के बड़े पुत्र रामसिंह की अभी शादी नहीं हुई है। वर्ष 2016 में वह खोराबार थाना क्षेत्र में ट्रक की सरिया लूट कर ट्रक मालिक की हत्या में पहले ही जेल जा चुका है। वर्ष 2020 में जमानत पर बाहर आया था और तभी से गीडा में सत्यनरायण सिंह के साथ फैक्ट्री में काम करता था। अगले महीने ही आरोपी रामसिंह की शादी तय थी।

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तीन लड़कियों के बाद पैदा हुआ था आयुष
गोरहडीह निवासी सत्यनारायण सिंह पुत्र मंगरु सिंह की पहली पत्नी से तीन लड़कियों के बाद आयुष का जन्म हुआ था, उसके कुछ दिन बाद आयुष की मां की मौत हो गई थी। उसके बाद सत्यनारायण सिंह ने बच्चों के परवरिश के लिये दूसरी शादी की, जिससे फिर एक बच्ची का जन्म हुआ, कुछ दिनों बाद दूसरी पत्नी भी मर गई। तभी से सत्यनारायण गांव पर ही बच्चों को पढ़ाते लिखाते थे और गीडा में नौकरी करते थे। बच्चे की मौत के बाद घर में मातम छाया हुआ है। पूरे गांव के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।

स्थानीय पुलिस की लापरवाही से भी हो गई देरी
बुधवार दोपहर बाद छात्र की अपहरण के बाद स्थानीय पुलिस ने आरोपी रामसिंह को शाम 5 बजे ही पकड़ लिया था और पूछताछ की तो वह कुछ भी नहीं बताया। पुलिस आरोपी द्वारा लगभग 6 घंटे तक गुमराह होती रही। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस अगर शाम को ही आरोपी से छात्र की बात कबूल करवा लेती तो शायद उसकी जान बच सकती थी।

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