UP News: गोरखपुर में बोले सीएम योगी, दुनिया के लिए कौतुहल हैं प्रदेश की उपलब्धियां
मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति की ‘बदलता परिदृश्य और पत्रकारिता’ विषयक संगोष्ठी में सीएम ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश को 2.61 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य मिला था। ढाई साल में 43 लाख शौचालय बन पाए थे। वर्ष 2017 में सूबे की कमान संभालने के बाद नियोजित प्रयास से तय समय सीमा से पहले लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि विगत पांच-छह सालों में प्रदेश की उपलब्धियां दुनिया के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई हैं। उत्तर प्रदेश अब दंगा मुक्त हो गया है। बड़े-बड़े पर्व, त्योहार सिस्टम की जवाबदेही सुनिश्चित होने से ऑटो मोड पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो रहे हैं।
मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति की ‘बदलता परिदृश्य और पत्रकारिता’ विषयक संगोष्ठी में सीएम ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रदेश को 2.61 करोड़ शौचालय बनाने का लक्ष्य मिला था। ढाई साल में 43 लाख शौचालय बन पाए थे। वर्ष 2017 में सूबे की कमान संभालने के बाद नियोजित प्रयास से तय समय सीमा से पहले लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया। तीसरी दुनिया के देशों के सम्मेलन में जब उपराष्ट्रपति ने प्रदेश में 2.61 करोड़ शौचालय बनने की घोषणा की तो दुनिया अचंभित थी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश ने साढ़े पांच सालों में गरीबों के लिए 45 लाख आवास भी बना दिए हैं। जब कार्य करने का जज्बा होगा तो परिणाम भी आएगा। सीएम ने कहा कि मकर संक्रांति पर 25 लाख लोगों ने संगम में स्नान किया तो लाखों श्रद्धालुओं ने गोरखपुर में बाबा गोरखनाथ को अपनी आस्था की खिचड़ी चढ़ाई। कहीं भी कोई व्यवधान नहीं हुआ।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह, विधायक राजेश त्रिपाठी, डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी, विपिन सिंह, प्रदीप शुक्ल, महेंद्रपाल सिंह, वरिष्ठ पत्रकार मदन मोहन, दीप्त भानु डे, राकेश पाल, अखिलेश चंद, रत्नाकर सिंह, मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के अध्यक्ष अरविंद राय, रमेंद्र प्रताप चंद्र आदि उपस्थित रहे।
अराजकता की छूट से असंतोष पैदा होगा : योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि अराजकता की छूट दी गई तो असंतुलन व असंतोष पैदा होगा, इस पर हमेशा विचार करना होगा। उत्तर प्रदेश के प्रति लोगों की धारणा बदली है। कभी गुंडा टैक्स, फिरौती और अपहरण उद्योग की पहचान थी। आज निवेश के शानदार गंतव्य की है। फरवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए 16 देशों में मंत्रियों के रोड शो के दौरान सात लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
सीएम ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में जुलाई से लेकर नवंबर तक का महीना भय पैदा करने वाला होता था। इंसेफलाइटिस से 40 वर्षों में 50,000 बच्चों की मौतें हो गईं। बीते 5 सालों में बेहतर प्रबंधन, समन्वय व टीमवर्क से इंसेफलाइटिस पर 95 फीसदी तक नियंत्रण पा लिया गया है। अगले कुछ सालों में इस पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंसेफलाइटिस की वैक्सीन जापान में 1905 में बन गई, लेकिन उसे भारत आने में 100 साल लग गए। नई बीमारी होने के बावजूद कोरोना के लिए दो सर्वश्रेष्ठ वैक्सीन नौ माह में तैयार कर ली गई। यह नेतृत्व के विजन व कार्यशैली का परिचायक है।
इन्हें किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने उद्योग, व्यापार, समाजसेवा, शिक्षा, पत्रकारिता आदि क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए विनय सिंह, कमलेश जैन, अशोक जालान, अतुल सराफ, शम्भू शाह, प्रगति श्रीवास्तव, राजीव ओझा, हरेकृष्ण, राजेश नेभानी और उमेश अग्रहरि को सम्मानित किया।
जन सरोकार से जुड़ा है पत्रकारिता का मूल चरित्र : आचार्य मिथिलेश नंदिनी
संगोष्ठी को विशिष्ट वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए आध्यात्मिक विचारक आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि पत्रकारिता का मूल चरित्र जन सरोकार से जुड़ा है। यह बेहद प्रसन्नता का विषय है कि गोरखपुर का मीडिया बदलते समाज के प्रति जागरूक है।
कहा कि मीडिया पर सिर्फ सवाल पूछने तक खुद को सीमित करने के बजाय शासन की जनकल्याणकारी प्रतिबद्धताओं को भी जनता तक पहुंचाने की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि तटस्थता की स्थिति घातक होती है इसलिए पत्रकार को सत्यता, सटीकता और सदाशयता का परिचय देना चाहिए। उन्होंने प्रदेश में आए सकारात्मक बदलाव की चर्चा करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ ने धर्म और राजनीति के एक साथ न हो सकने के मिथक तोड़ा है। उनके शासन में कुछ दुर्जन निपट गए तो कुछ घट गए।
यूपी में हो रहा भावना व संवेदना केंद्रित विकास : बद्री नारायण
विशिष्ट वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार व स्तंभकार बद्री नारायण ने कहा कि समाज को प्रेरणा देने में पत्रकारों की बड़ी भूमिका है। मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में भावना और संवेदना केंद्रित विकास हो रहा है। वास्तव में जो विकास असंवेदनशील बनाए, वह व्यर्थ है। सीएम ने विकास के लिए जो गोरखपुर मॉडल तैयार किया है, उसे अन्य राज्य भी अपना रहे हैं। धर्म कैसे समाज को नेतृत्व दे सकता है, योगी इसके अनुपम उदाहरण हैं। उनमें सत्ता में रहकर सत्ता को जन समर्पित करने की भावना है। उन्होंने कहा कि बदलते परिदृश्य में विकास की प्रक्रिया से जनता को जोड़ने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मीडिया पर है।