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व्यापारी अपहरण-लूट कांड: निलंबित दारोगा शुभम श्रीवास्तव जेल से रिहा

Fri, 31 Jul 2026 02:22 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 02:22 AM IST
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Businessman kidnapping-robbery case: Suspended sub-inspector Shubham Srivastava released from jail
गोरखपुर। राजघाट पुल के पास व्यापारी का अपहरण कर 90 हजार रुपये लूटने के मामले में जेल भेजे गए निलंबित दारोगा शुभम श्रीवास्तव मंगलवार( 29 जुलाई) की शाम जमानत मिलने के बाद जिला कारागार से रिहा हो गया। विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) से जमानत आदेश मिलने के बाद जेल प्रशासन ने रिहाई की प्रक्रिया पूरी की।
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शुभम श्रीवास्तव ने अप्रैल 2026 में विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ओमकार शुक्ल की अदालत में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।
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शुभम श्रीवास्तव मूल रूप से लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विरामखंड का रहने वाला है। घटना के समय वह नौसड़ पुलिस चौकी प्रभारी के पद पर तैनात था। आरोप है कि पांच अगस्त 2025 को बेलीपार क्षेत्र के पिछौरा निवासी और वर्तमान में राजस्थान में रह रहे व्यापारी रविशंकर को राजघाट पुल के पास रोककर कथित रूप से अपहरण किया गया और उनसे 90 हजार रुपये लूट लिए गए। आरोप के अनुसार, वारदात को अंजाम देने वाले खुद को पुलिसकर्मी बता रहे थे। मामले की जांच में नौसड़ पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आने के बाद तत्कालीन चौकी प्रभारी शुभम श्रीवास्तव समेत महिला दरोगा आंचल, सिपाही प्रवीण यादव, राजेश चौधरी और सुभाष यादव को निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही विभागीय जांच भी शुरू की गई थी। मामला सामने आने के बाद सभी आरोपी भाग गए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपियों ने हाईकोर्ट से अंतरिम राहत प्राप्त की थी।
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हाईकोर्ट ने हटाई थी गिरफ्तारी पर रोक
पुलिस के अनुसार, हाईकोर्ट ने आरोपियों को जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया था। पुलिस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि आरोपी विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे हैं और पीड़ित पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। इसके बाद हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी थी। इसके बाद 10 अप्रैल 2026 को शुभम श्रीवास्तव ने विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) की अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। जमानत का आदेश मिलने के बाद मंगलवार शाम उसकी जिला कारागार से रिहाई हो गई।
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