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जल संरक्षण की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे ने बढ़ाया कदम, अब ऐसे बचाएगा पानी
Mon, 29 Jun 2020 07:16 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 29 Jun 2020 07:16 PM IST
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gorakhpur railway station
- फोटो : अमर उजाला
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अब रेलवे में बिना रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए नए भवन नहीं बनाए जाएंगे। पुराने भवनों में भी अब यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जल संरक्षण की अहमियत को महसूस करते हुए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने इसे अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है।
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योजना के तहत पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्यालय गोरखपुर में राप्ती अधिकारी रेस्ट हाउस, राप्ती विस्तार अधिकारी रेस्ट हाउस, अधिकारी क्लब के तरणताल के बगल में तथा गोरखपुर जंक्शन स्थित रनिंग रूम में व्यवस्था कर दी गई है। वहीं न्यू कोचिंग डिपो एवं पुराने कोचिंग डिपो में वाटर रिसाइकलिंग प्लांट भी लगाया गया है। आरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर तथा आरपीएफ रेस्ट हाउस में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए आवश्यक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
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एनईआर के सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। नीतिगत निर्णय के अनुसार भविष्य में बनने वाले सभी भवनों जैसे स्टेशन भवन, रेल आवास तथा चिकित्सालय आदि में रेन वाटर हार्वेस्टिंग का प्रावधान हर हाल में किया जाएगा। कई जगहों पर व्यवस्था करा दी गई है और कुछ जगहों पर कार्य प्रारंभ है।
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यहां है प्लानिंग
मुख्यालय गोरखपुर में आरपीएसएफ रजही कैंप की आरावली बिल्डिंग, आरपीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर, आरपीएफ बैरक, रेलवे स्टेडियम के स्वीमिंग पूल तथा स्काउट डेन के नए भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की जाएगी।