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BRD Gorakhpur: जो मरीज आग से बचे, उनकी सड़क पर गुजरी पूरी रात; सुबह मिला बेड
Sat, 29 Jul 2023 02:04 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 29 Jul 2023 02:04 PM IST
सार
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि आग लगने से कमरों से अधिक क्षति गैलरी में हुई है। हालांकि धुआं भरने से कमरा भी काला पड़ गया है। रंगाई-पुताई के बाद वार्ड को फिर सक्रिय करने में महीने भर का वक्त लग सकता है।
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गोरखपुर बीआरडी
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के वार्ड संख्या 14 में रात में लगी आग पर काबू पाने में दो घंटे लगे, लेकिन व्यवस्था को पटरी पर लाने में पूरी रात बीत गई। मरीजों और तीमारदारों को पूरी रात खुले आसमान में बीआरडी के अंदर वाली सड़क पर गुजारनी पड़ी। सुबह तक जब सभी को बेड मिल गया, तब जाकर तसल्ली मिली।
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वार्ड से निकाले गए मरीजों में सबसे पहले आईसीयू में भर्ती मरीजों को वार्ड 100 व कोविड वार्ड के खाली आईसीयू में शिफ्ट किया गया। इसके बाद अन्य गंभीर मरीजों को बेड दिया गया। अन्य मरीजों को जहां जगह मिली, वहां भेजा गया। आग लगने पर वार्ड संख्या 14 के मरीज सड़क पर आ गए थे। इसमें कई गंभीर रोगी भी थे।
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चारों तरफ चीख-पुकार व अफरा-तफरी का माहौल था। रात करीब साढ़े बारह बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया। अपने एक रिश्तेदार के साथ आए महराजगंज के चौक क्षेत्र निवासी रामनिवास ने बताया कि आग बुझने के बाद मरीजों के परिजन हिम्मत जुटाकर वार्ड में गए। वहां मौजूद कर्मियों ने बताया कि मेडिसिन वार्ड में भर्ती मरीजों को अलग-अलग जगह शिफ्ट किया जा रहा है। वह जिस मरीज के साथ आया था, उसे वार्ड संख्या 100 में बेड मिला। लेकिन इसके लिए रात में करीब 3 बजे तक इधर-उधर भटकना पड़ा।
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देवरिया से अपने पति के साथ आई महिला ने बताया कि रात में आग बुझने के बाद बेड पाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। नए वार्ड में आवंटित बेड को खोजने में ही कई घंटे लग गए।
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वार्ड को दोबारा सक्रिय होने में लगेंगे महीना भर
आग लगने से मेडिसिन विभाग का कमरा पूरी तरह से काला पड़ गया है। वार्ड को दोबारा भर्ती लायक बनाने में महीना भर का वक्त लग जाएगा। जबकि मेडिसिन विभाग में हर दिन करीब 150 मरीज आते हैं।
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि आग लगने से कमरों से अधिक क्षति गैलरी में हुई है। हालांकि धुआं भरने से कमरा भी काला पड़ गया है। रंगाई-पुताई के बाद वार्ड को फिर सक्रिय करने में महीने भर का वक्त लग सकता है। कितना नुकसान हुआ है, इसका पता जांच कमेटी की रिपोर्ट आन के बाद ही चलेगा।
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वार्ड को दोबारा सक्रिय होने में लगेंगे महीना भर
आग लगने से मेडिसिन विभाग का कमरा पूरी तरह से काला पड़ गया है। वार्ड को दोबारा भर्ती लायक बनाने में महीना भर का वक्त लग जाएगा। जबकि मेडिसिन विभाग में हर दिन करीब 150 मरीज आते हैं।
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि आग लगने से कमरों से अधिक क्षति गैलरी में हुई है। हालांकि धुआं भरने से कमरा भी काला पड़ गया है। रंगाई-पुताई के बाद वार्ड को फिर सक्रिय करने में महीने भर का वक्त लग सकता है। कितना नुकसान हुआ है, इसका पता जांच कमेटी की रिपोर्ट आन के बाद ही चलेगा।