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गोरखपुर: पांच दिसंबर से शुरू होगा बिस्मिल बलिदानी मेला एवं खेल महोत्सव, तैयारी शुरू
Wed, 26 Oct 2022 12:41 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 26 Oct 2022 12:41 PM IST
सार
आयोजन बिस्मिल के अंत्येष्टि स्थल राप्ती नदी के राजघाट तट पर रेत से सैंड स्क्लपचर (रेत शिल्प आकृति) बनेगा। हॉकी, कबड्डी, कुश्ती और वॉलीबॉल जैसे गांव की मिट्टी से जुड़ें भारतीय खेल आयोजित होंगे। इसके अलावा शौर्य एवं वीरता, साहित्य, कला, संस्कृति और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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शहीद पंडित राम प्रसाद बिस्मिल। (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंडित राम प्रसाद बिस्मिल बलिदानी मेला एवं खेल महोत्सव का आयोजन पांच दिसंबर से शुरू होगा। भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत इस आयोजन में चंद्रशेखर आजाद एवं अशफाक उल्ला खान के प्रपौत्र विशेष मेहमान होंगे।यह जानकारी अखिल भारतीय क्रांतिकारी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बृजेश राम त्रिपाठी ने दी।
उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर को भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्मदिन है। इसी दिन पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गोंडा, बलिया, आजमगढ, मऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर में बिस्मिल बलिदानी मेला आयोजन समिति में विशिष्टजनों को जोड़ा जा रहा है। सभी लोग 19 दिसंबर को गोरखपुर मंडलीय कारागार के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इन खेलों का होगा आयोजन बिस्मिल के अंत्येष्टि स्थल राप्ती नदी के राजघाट तट पर रेत से सैंड स्क्लपचर (रेत शिल्प आकृति) बनेगा। हॉकी, कबड्डी, कुश्ती और वॉलीबॉल जैसे गांव की मिट्टी से जुड़ें भारतीय खेल आयोजित होंगे। इसके अलावा शौर्य एवं वीरता, साहित्य, कला, संस्कृति और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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आकर्षण के केंद्र‘एक दिया बिस्मिल के नाम’ मातृभूमि पूजन, सामूहिक शंखनाद व भारत माता आरती, मशाल जुलूस के साथ तिरंगा चेतना यात्रा, देशभक्ति गीतों पर एकल व सामूहिक नृत्य और गायन, रंगोली, देश के विविध परिधानों पर आधारित दुल्हन व मेहंदी सजाओ प्रतियोगिता, स्केचिंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, पुष्पांजलि स्वरांजलि श्रद्धांजलि कार्यक्रम आकर्षण के केंद्र होंगे।
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उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर को भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय का जन्मदिन है। इसी दिन पुरस्कार वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न होगा। उन्होंने बताया कि कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, गोंडा, बलिया, आजमगढ, मऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर में बिस्मिल बलिदानी मेला आयोजन समिति में विशिष्टजनों को जोड़ा जा रहा है। सभी लोग 19 दिसंबर को गोरखपुर मंडलीय कारागार के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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इन खेलों का होगा आयोजन बिस्मिल के अंत्येष्टि स्थल राप्ती नदी के राजघाट तट पर रेत से सैंड स्क्लपचर (रेत शिल्प आकृति) बनेगा। हॉकी, कबड्डी, कुश्ती और वॉलीबॉल जैसे गांव की मिट्टी से जुड़ें भारतीय खेल आयोजित होंगे। इसके अलावा शौर्य एवं वीरता, साहित्य, कला, संस्कृति और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
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आकर्षण के केंद्र‘एक दिया बिस्मिल के नाम’ मातृभूमि पूजन, सामूहिक शंखनाद व भारत माता आरती, मशाल जुलूस के साथ तिरंगा चेतना यात्रा, देशभक्ति गीतों पर एकल व सामूहिक नृत्य और गायन, रंगोली, देश के विविध परिधानों पर आधारित दुल्हन व मेहंदी सजाओ प्रतियोगिता, स्केचिंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, पुष्पांजलि स्वरांजलि श्रद्धांजलि कार्यक्रम आकर्षण के केंद्र होंगे।