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हटाए गए विक्रमजोत ब्लॉक के बीडीओ, तीन दिन से चल रही खींचतान का पटाक्षेप

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 12:12 AM IST
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हटाए गए विक्रमजोत ब्लॉक के बीडीओ, तीन दिन से चल रही खींचतान का पटाक्षेप
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- परियोजना निदेशक डीआरडीए को विक्रमजोत और डीडीओ को हर्रैया के बीडीओ का चार्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। विकास खंड कार्यालय विक्रमजोत में तीन दिन से चल रही खींचतान का बुधवार को पटाक्षेप हो गया। यहां तैनात बीडीओ को हटाकर दो जिला स्तरीय अफसरों को चार्ज सौंपा गया है।
सीडीओ सरनीत ब्रोका ने दोनों ब्लॉक का कार्यभार संभाल रहे उमाशंकर सिंह (बीडीओ) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया। उनकी जगह परियोजना निदेशक डीआरडीए आरपी सिंह को विक्रमजोत और डीडीओ अजीत कुमार श्रीवास्तव को हर्रैया ब्लॉक के बीडीओ का चार्ज सौंपा गया है।

सीडीओ ने अपने आदेश में कहा है कि सोमवार से कुछ अराजक तत्वों द्वारा विक्रमजोत ब्लॉक कार्यालय में ताला बंद करने की रिपोर्ट मिली थी। कामकाज में बाधा पहुंचाने की सूचना पर एसडीएम आनंद श्रीनेत और सीओ हर्रैया शेषमणि उपाध्याय को मौके पर भेजा गया। सरकारी कामकाज में अवरोध दूर करने के लिए यह आदेश जारी किया गया है। इससे पहले दोपहर करीब 3:00 बजे विधायक अजय सिंह अपने काफिले के साथ ब्लॉक मुख्यालय के गेट पर पहुंचे। बीडीओ को गेट पर बुलाकर जानकारी हासिल की और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा। जिसमें विक्रमजोत व हर्रैया ब्लाक के विकास कार्य में भ्रष्टाचार व्याप्त होने की शिकायत की गई। किसी की सूचना पर पुलिस भी ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंच गई। बीडीओ ने डीएम को हालात से अवगत कराया।
जिसके बाद एसडीएम आनंद श्रीनेत और क्षेत्राधिकारी शेषमणि उपाध्याय ब्लॉक पर पहुंच गए। दोनों ब्लॉक के बीडीओ का कार्यभार देख रहे उमाशंकर सिंह के साथ कार्यालय में बैठकर पूरी जानकारी ली।
विधायक ने सीएम को भेजा पत्र, कहा- दुर्व्यवहार करते हैं बीडीओ
विधायक हर्रैया अजय सिंह ने खंड विकास अधिकारी हर्रैया की शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए सतर्कता अधिष्ठान व ईओडब्लू से बीडीओ की संपत्ति के जांच कराने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में विधायक ने बीडीओ पर लोगों से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया है। प्रधानों के शिकायती पत्र का हवाला देते हुए पत्र में कहा है। पक्के काम के लिए प्रधानों को 10 से 15 फीसदी कमीशन देना पड़ता है। पक्का काम में 60 व 40 का अनुपात पूरा करने और न करने का अलग-अलग कमीशन लिया जाता है। सुविधा शुल्क न देने पर बिना भुगतान किए बार-बार मस्ट रोल डिलीट कर दिया जाता है।

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