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Gorakhpur News: फर्जी रायल्टी- विभागों में चलता था अरविंद का सिक्का, जांच में बेनकाब होंगे बड़े 'खिलाड़ी'
Tue, 18 Jun 2024 10:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2024 10:37 AM IST
सार
पुलिस के अनुसार अरविंद, अमित कुमार यादव और आमिर को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इससे पहले तीनों आरोपियों ने आपस में बातचीत की। फर्जी रॉयल्टी से जुड़ा सारा डेटा अमित के लैपटॉप में सेव था। एम्स थाना जाने से पहले अमित ने मोबाइल और लैपटॉप से उसे डिलीट कर दिया था। पुलिस का कहना है कि डिलीट डेटा रिकवर करने के लिए लैपटॉप और मोबाइल मंगलवार को फॉरेंसिक टीम को भेजा जाएगा।
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एसएसपी गौरव ग्रोवर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
फर्जी राॅयल्टी पर सरकार को चूना लगाने वाले मास्टर माइंड अरविंद सिंह का गोरखपुर समेत प्रदेश के कई जिलों के विभागों में अच्छी पकड़ बन गई थी। जिसका इस्तेमाल कर वह ठेकेदारी के साथ ही फर्जीवाड़े के काम को अंजाम दे रहा था।
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पुलिस ने सोमवार को आठ विभाग लोक निमार्ण विभाग, नगर निगम, एनएचएआई, जिला पंचायत, मंडी समिति, सिडको, सिंचाई विभाग व विकास प्राधिकरण को पत्र भेजकर आरोपियों से संबंधित जानकारी मांगी है। विभाग में ठेके के रजिस्ट्रेशन से लगाए आरोपियों द्वारा किए गए कार्यों का लेखा-जोखा मांगा गया है। ऐसा माना जा रहा है कि जांच के बाद कई विभागों में बड़े खिलाड़ियों के चेहरे बेनकाब होंगे।
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एसटीएफ ने 14 जून को एम्स पुलिस की मदद से आजमगढ़ राउत मऊ सठियाव का मूल निवासी व हाल पता चिलुआताल मिलेनियम सिटी करीमनगर विष्णुपुर काॅलोनी में रहने वाला मास्टरमाइंड अरविंद सिंह उर्फ पिंटू, सिंघड़िया में रहने वाले साथी अमित कुमार यादव और लोक निर्माण विभाग के संविदा कर्मचारी मोहम्मद आमिर को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
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इसमें पता चला कि फर्जी रॉयल्टी बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया जा रहा था। अब इस मामले की जांच एम्स पुलिस कर रही है। पुलिस के अनुसार अरविंद, अमित कुमार यादव और आमिर को शुक्रवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इससे पहले तीनों आरोपियों ने आपस में बातचीत की। फर्जी रॉयल्टी से जुड़ा सारा डेटा अमित के लैपटॉप में सेव था।
एम्स थाना जाने से पहले अमित ने मोबाइल और लैपटॉप से उसे डिलीट कर दिया था। पुलिस का कहना है कि डिलीट डेटा रिकवर करने के लिए लैपटॉप और मोबाइल मंगलवार को फॉरेंसिक टीम को भेजा जाएगा।
विभागों में मची हलचल
सूत्रों की मानें तो अरविंद के पकड़े जाने के बाद से ही पीडब्ल्यूडी समेत कई विभागों में जहां उसकी बैठकी जमती थी वहां अधिकारी और कर्मचारी परेशान हैं। उन्हें लग रहा है कि कभी भी पुलिस उनसे पूछताछ करने आ सकती है। वहीं, अरविंद के साथ कई पार्टी करने और घूमने वाले युवक अचानक से लापता हो गए हैं।
चार साल गिट्टी बेची, बन गया ठेकेदार
मास्टरमाइंड अरविंद सिंह उर्फ पिंटू 2015-16 में मिट्टी-मोरंग व बालू की सप्लाई का काम करता था। इसके बाद वह 2019 से कई विभागों का रजिस्टर्ड ठेकेदार हो गया। इस दौरान सरकार को चूना लगाकर अरविंद द्वारा फर्जीवाड़ा कर अर्जित संपत्ति की जांच अब एम्स पुलिस कर रही है।
अरविंद के पिता रेलवे के कर्मचारी थे। जांच में मूल पता आजमगढ़ की संपत्ति अरविंद के पिता के नाम पर पाई गई है। अन्य जगहों की संपत्ति की जांच चल रही है।
एसएसपी गौरव ग्रोवर ने बताया कि रॉयल्टी के फर्जीवाड़े के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस टीम इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। साक्ष्य के आधार पर जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।