कोविड प्रोटोकॉल के तहत आयोजित हो रहा है ये खास कार्यक्रम, जानिए इसके बारे में सब कुछ
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कोविड-19 से बचाव अभियान के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग ने अन्य सेवाओं पर भी जोर देना शुरू कर दिया है। नियोजित परिवार की सोच को बढ़ावा देने के लिए जिले में प्रत्येक गुरुवार को अंतराल दिवस का आयोजन भी सुचारू तौर पर होने लगा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि जनपद में लॉकडाउन के बाद अब तक छह अंतराल दिवस के आयोजन हो चुके हैं। इन दिवसों पर परिवार नियोजन के कुल 14031 साधन चुने गये। यह आयोजन सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स और एएनएम सब सेंटर्स पर किये जा रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि एसीएमओ आरसीएच डॉ. नंद कुमार को दिशा-निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक गुरूवार को सभी केंद्रों पर आयोजन सुनिश्चित करवाया जाए और उसकी डेली रिपोर्टिंग भी की जाए। यह एक ऐसा मौका होता है जब योग्य दम्पत्ति अपनी पसंद के परिवार नियोजन के अस्थायी या स्थायी साधन का चुनाव कर सकते हैं।
इस दिवस पर उत्तर प्रदेश तकनीकी सेवा इकाई (यूपीटीएसयू) के जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ तकनीकी सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने सुयोग्य दम्पत्तियों से अपील की है कि वह प्रत्येक गुरूवार को आशा कार्यकर्ता और एएनएम की मदद से स्वास्थ्य केंद्रों पर अवश्य आएं। वहां उन्हें परामर्श के साथ परिवार नियोजन के लिए सही साधन के चुनाव में सहयोग किया जाएगा।
112 ने नसबंदी का चुनाव किया
अस्थायी विधियों को बढ़ावा देना उद्देश्य
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नंद कुमार ने बताया कि अंतराल दिवस के दिन जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर नसबंदी के निर्धारित सेवा दिवस का आयोजन होता है, वहां नसबंदी की सुविधा भी दी जाती है। जिले में हुए छह अंतराल दिवसों पर कुल 112 महिलाओं ने नसबंदी का साधन अपनाया।
इन दिवसों पर 111 महिलाओं ने आईयूसीडी, 252 ने पीपीआईयूसीडी, 218 ने त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन, 889 ने साप्ताहिक गोली छाया, 1259 ने ओरल कंट्रासेप्टिव पिल्स (ओसीपी) और 357 ने इमरजेंसी कंट्रोसेप्टिव पिल्स (ईसीपी) का चुनाव किया। कुल 10833 कंडोम इन दिवसों पर वितरित किये गये।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अंतराल दिवस का मुख्य जोर अस्थायी साधन को बढ़ावा देने पर रहता है। शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार इस दिन सुनिश्चित किया जाता है कि सभी को उनकी पसंद के साधन चुनने के बारे में पूरी जानकारी दी जाए और सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। इस मौके पर स्थायी साधन नसबंदी के बारे में भी जानकारी दी जाती है और इच्छुक लोगों को पंजीकरण भी किया जाता है।