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Gorakhpur News: नेपाल की त्रासदी के बीच गोरखपुर में अलर्ट, 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम
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गोरखपुर। नेपाल में बाढ़ की त्रासदी के बीच गोरखपुर जिला प्रशासन ने भी एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं। किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय है। यहां तीन शिफ्टों में छह कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। बाढ़ से जुड़ी किसी भी सूचना के लिए कंट्रोल रूम का नंबर 9454416252 जारी किया गया है।
बृहस्पतिवार को पूरे दिन कंट्रोल रूम में बाढ़ से संबंधित सिर्फ एक सूचना पहुंची। बांसगांव थाना क्षेत्र के लालपुर गांव निवासी करीब 40 वर्षीय पुरमल पुत्र बर्फी ने गांव से सटे जयंतीपुर स्थित पोखरे में कूदकर जान दे दी। सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन की टीम को मौके पर भेजा गया। प्रशासन की ओर से घटना को नेपाल में बाढ़ की स्थिति से अलग बताया गया है। नेपाल में बाढ़ की सूचना मिलने के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रभारी अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व के निर्देशन में जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता महाराजगंज और कुशीनगर के अधिकारियों से लगातार संपर्क कर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। दोनों जिलों से मिलने वाले अपडेट के आधार पर गोरखपुर में भी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।
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आपात स्थिति के लिए रिस्पांस एजेंसियां तैयार
गौतम गुप्ता के अनुसार, जिले में एनडीआरएफ के रीजनल रिस्पांस सेंटर की एक कंपनी, 26वीं बटालियन पीएसी की फ्लड यूनिट और एसडीआरएफ उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए इन एजेंसियों को तैयार रखा गया है। इसके अलावा प्रशासन की आर्मी और एयरफोर्स के अधिकारियों से भी समन्वय बना हुआ है।
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एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की एक टीम कुशीनगर और पीएसी फ्लड यूनिट की एक टीम महाराजगंज भेजी गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का कहना है कि फिलहाल पर्याप्त रिस्पांस एजेंसियां उपलब्ध हैं और संबंधित विभागों से लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत-बचाव कार्य बिना देरी के शुरू किया जा सके।
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बृहस्पतिवार को पूरे दिन कंट्रोल रूम में बाढ़ से संबंधित सिर्फ एक सूचना पहुंची। बांसगांव थाना क्षेत्र के लालपुर गांव निवासी करीब 40 वर्षीय पुरमल पुत्र बर्फी ने गांव से सटे जयंतीपुर स्थित पोखरे में कूदकर जान दे दी। सूचना मिलते ही आपदा प्रबंधन की टीम को मौके पर भेजा गया। प्रशासन की ओर से घटना को नेपाल में बाढ़ की स्थिति से अलग बताया गया है। नेपाल में बाढ़ की सूचना मिलने के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रभारी अधिकारी एडीएम वित्त एवं राजस्व के निर्देशन में जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता महाराजगंज और कुशीनगर के अधिकारियों से लगातार संपर्क कर स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। दोनों जिलों से मिलने वाले अपडेट के आधार पर गोरखपुर में भी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।
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आपात स्थिति के लिए रिस्पांस एजेंसियां तैयार
गौतम गुप्ता के अनुसार, जिले में एनडीआरएफ के रीजनल रिस्पांस सेंटर की एक कंपनी, 26वीं बटालियन पीएसी की फ्लड यूनिट और एसडीआरएफ उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए इन एजेंसियों को तैयार रखा गया है। इसके अलावा प्रशासन की आर्मी और एयरफोर्स के अधिकारियों से भी समन्वय बना हुआ है।
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एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की एक टीम कुशीनगर और पीएसी फ्लड यूनिट की एक टीम महाराजगंज भेजी गई है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का कहना है कि फिलहाल पर्याप्त रिस्पांस एजेंसियां उपलब्ध हैं और संबंधित विभागों से लगातार समन्वय किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत-बचाव कार्य बिना देरी के शुरू किया जा सके।