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UP News: गोरखपुर में इन दो जगहों की हवा खराब कर सकती है आपकी सेहत, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी जानकारी

Sun, 04 Dec 2022 04:30 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 04 Dec 2022 04:30 PM IST
सार

गोलघर और गीडा में इलाके में पीएम-10 यानी पार्टीकुलर मैटर (धूल के कण) की मात्रा 300 के आसपास दर्ज की जा रही है। इस स्थिति को स्वास्थ्य के लिहाज से काफी खराब माना जाता है। हवा में इतना प्रदूषण होने से आंखों में जलन के अलावा सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। बच्चों पर भी गंभीर असर पड़ता है।

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air of Golghar and Gida area going to spoil health
गोरखपुर में प्रदूषण। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर शहर के व्यावसायिक इलाके गोलघर और औद्योगिक क्षेत्र गीडा में कई दिनों से हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है। जबकि आवासीय इलाके मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) की भी हवा सेहत के लिए नुकसानदायक बनी हुई है।

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औद्योगिक क्षेत्र गीडा की हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 300 के करीब है, जबकि गोलघर इलाके का सूचकांक 250 से ऊपर है। एमएमएमयूटी क्षेत्र का हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 125 से ऊपर बना हुआ है। जबकि 100 एक्यूआई ही सेहत के लिए संतोषजनक माना जाता है। इसके बाद इंसान से लेकर जानवरों तक को हवा का प्रदूषण प्रभावित करने लगता है।  
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गोलघर और गीडा में इलाके में पीएम-10 यानी पार्टीकुलर मैटर (धूल के कण) की मात्रा 300 के आसपास दर्ज की जा रही है। इस स्थिति को स्वास्थ्य के लिहाज से काफी खराब माना जाता है। हवा में इतना प्रदूषण होने से आंखों में जलन के अलावा सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। बच्चों पर भी गंभीर असर पड़ता है। फेफड़ा सिकुड़ जाता है। जानकार बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर से प्रदूषित हवा के गोरखपुर पहुंचने से भी स्थिति खराब हुई है।
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एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) मानक

  • 0-50- अच्छा
  • 51-100- संतोषजनक
  • 101-200- थोड़ा खराब
  • 201-300- खराब
  • 301-400- अत्यंत खराब
  • 401-500- गंभीर

आवासीय जोन- एमएमएमयूटी गोरखपुर

तारीख        पीएम-10      एसओ-2    एनओ-2   एक्यूआई
24 नवंबर     138.59         1.52         5.03  126
28 नवंबर     142.91         1.44         5.16  129
02 दिसंबर   146.62         1.53         5.09   131

औद्योगिक जोन- गीडा गोरखपुर
24 नवंबर    347.13     32.29     51.49       297
28 नवंबर    342.76     35.27      53.52      293
02 दिसंबर   349.28     34.49      52.14      299

व्यावसायिक जोन- जलकल भवन, गोलघर गोरखपुर
24 नवंबर   297.34     5.13     17.46    247
28 नवंबर   308.16     5.64     19.65    258
02 दिसंबर 304.58     5.42      21.89    255

 

आवासीय क्षेत्रों में भी लगे मापक यंत्र तो पता चले हवा की गुणवत्ता
हवा के प्रदूषण के बारे में शहर के लोगों को सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह यह है कि आवासीय से लेकर औद्योगिक क्षेत्र तक में सिर्फ तीन स्थानों पर ही प्रदूषण नियंत्रण विभाग हवा की गुणवत्ता मापने का यंत्र लगा पाया है। शहर के तमाम धूल वाले इलाकों में हवा की सेहत की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। इस वजह से हवा के प्रदूषण को रोकने के संबंध में समुचित उपाय भी नहीं हो पा रहे हैं।

लंबे समय से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड शहर के कुछ और स्थानों के लिए स्थायी या पोर्टेबल डस्ट सैंपलर मशीन की मांग कर रहा है, लेकिन फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। फिलहाल, आवासीय क्षेत्र के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एमएमएमयूटी परिसर में रेस्पिरेबल डस्ट सैंपलर मशीन लगाई है। इसी तरह व्यावसायिक क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता जांचने के लिए गोलघर स्थित जलकल परिसर और औद्योगिक क्षेत्र के लिए गीडा में स्थायी मशीन लगी है।

आवासीय क्षेत्रों में देवरिया बाईपास रोड, जेल बाईपास रोड, पादरी बाजार, पैडलेगंज से लेकर रुस्तमपुर होते हुए राजघाट पुल तक दोनों तरफ के डेढ़ दर्जन से अधिक मोहल्लों तथा असुरन से लेकर मेडिकल कॉलेज रोड के दोनों तरफ के मोहल्लों में जहां धूल उड़ती रहती है। इन इलाकों की हवा की गुणवत्ता का पता नहीं लग पाता है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव ने कहा कि शहर के चार व्यस्ततम इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (हवा की गुणवत्ता का सूचकांक) मापने की मशीनें लगाई जानी हैं। इन स्थानों में गोलघर, रामगढ़ताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और बैंक रोड शामिल है। इस संबंध में प्रस्ताव केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजा जा चुका है। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद इन स्थानों पर मशीनों को लगा दिया जाएगा। मशीनों के लग जाने के बाद शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों के अलावा काफी ज्यादा यातायात वाले इलाकों में भी वायु की गुणवत्ता पता चल सकेगी।

 

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