महराजगंज: बालक को मार डालने के बाद तेंदुए ने गाय को बनाया शिकार, ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी
दहशत में हैं जंगल के किनारे बसे गांव के लोग, वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की दी हिदायत।
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महराजगंज जिले के नौतनवां थाना क्षेत्र के सेमरहवा टोला बरतानी में बृहस्पतिवार शाम चार बजे सात वर्षीय बालक को तेंदुए ने मार डाला। इसके बाद देर रात तेंदुआ एक बार फिर गांव की ओर रुख किया। गांव में गाय को भी मार डाला जिससे गांव के लोग दहशत में हैं। लोग पूरी रात ठीक ढंग से सो नहीं सके। जंगल के किनारे बसे गांव के लोग इस घटना के बाद से सहमे हैं। दिन में गांव के लोग एकत्र होकर बचाव की युक्ति पर चर्चा करते रहे।
उधर, वन विभाग के अधिकारियों ने लोगों को जंगल की ओर से अकेले नहीं जाने की सलाह दी है। वन विभाग की टीम क्षेत्र में नजर बनाए हुए हैं। लेकिन लोगों को भी चौकन्ना रहने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
नौतनवां थाना क्षेत्र के सेमरहवा गांव में तेंदुआ के आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं। लोग डर के वजह से बाहर नहीं निकल रहे हैं। सेमरहवा गांव में बृहस्पतिवार की शाम पिता के साथ खेत में पानी चला रहे सात वर्षीय बालक छोटेलाल को जंगल से निकलकर आया तेंदुआ जबड़े में पकड़कर जंगल में ले जाकर मार डाला। उसके बाद लोग रात में दरवाजा बंद कर बच्चों को लेकर अंदर सोए थे। वहीं, बृहस्पतिवार की देर रात तेंदुआ गांव चंद्रकेश चौहान की गाय को शिकार बनाया। गाय को पकड़कर गांव से लगभग पांच सौ मीटर की दूरी पर ले जाकर मार डाला।
गाय को मार डालने से ग्रामीण भयभीत हैं। ग्राम प्रधान उपेंद्र यादव, गुड्डू राजभर, महेंद्र यादव, मनोज राजभर, विनोद, महेंद्र राजभर, पन्ने, रामचन्द्र, घरभरन, तीजू यादव, रामरतन यादव आदि लोगों ने बताया कि तेंदुए के आतंक से गांव के लोग भयभीत हैं।
एसडीओ राकेश चंद्र यादव ने बताया कि लोगों को सजग रहने की जरूरत है। वन विभाग की टीम क्षेत्र में सतर्क है। गांव में उत्तरी चौक के रेंजर मोहन कुमार सिंह वनकर्मियों के साथ लगे हुए हैं। जाल बिछाकर पिंजरा लगाया जा रहा है जिससे कि तेंदुआ दोबारा गांव में आने पर पकड़ा जा सके। सेमरहवा टोला बरतानी में तेंदुए के हमले में बालक की मौत के बाद से वन विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। वन विभाग की ड्रोन कैमरे से तेंदुए की निगरानी की जा रही है।
‘ठंड शुरू होते ही अक्सर हमलावर हो जाते हैं तेंदुआ’
महराजगंज सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग में विचारण करने वाले वन्य जीव ठंड बढ़ते ही हिंसक हो जाते हैं। वह भोजन की तलाश में जंगल से भटक कर गांव का रूख करते हैं। इस बीच उनकी चपेट में आने वाले लोग या तो घायल होते हैं, या फिर उनका निवाला बन जाते हैं। ठंड के मौसम में ऐसा अक्सर होता रहता है। आंकडे़ इस बात की गवाही देते हैं कि समय-समय तेंदुओं का हमला लोगों पर होता रहता है। 28 दिसंबर 2016 को मोहम्मदा गांव में तेंदुए तांडव किया।
गांव के 12 लोग हमले में घायल हुए थे जिनका इलाज अस्पताल में कराया गया। 29 दिसंबर 2016 को पनियरा थाना क्षेत्र के सुचितपुर बघौना गांव में बृहस्पतिवार सुबह तेंदुए ने दो लोगों पर हमला कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
19 दिसंबर 2017 को थाना क्षेत्र कोल्हुई के ग्राम सभा लक्ष्मीपुर कैथवलियां में घुसकर एक तेंदुआ ने तीन लोगों को घायल करने के बाद एक मकान में घुस गया। 24 मई 2018 को ग्राम पंचायत जमुहानी में दिखा। वहां से ग्राम पंचायत पुरुषोत्तमपुर में जाकर एक मकान में छिप गया। तेंदुए ने चार लोगों को घायल किया था।