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हाईकोर्ट का आदेश: गोरखपुर में धार्मिक स्थलों से हटाए गए 116 लाउडस्पीकर, पुलिस ने चलाया अभियान
Thu, 28 Apr 2022 01:07 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 28 Apr 2022 01:07 PM IST
सार
एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि जिले में बुधवार को अभियान चलाकर 116 लाउडस्पीकर हटाए गए हैं। इसके बाद भी हर हफ्ते चिह्नित स्थानों पर जाकर यह सुनिश्चित भी किया जाएगा कि फिर से स्पीकर की संख्या न बढ़ गई हो, जो भी दोबारा से अधिक लाउडस्पीकर लगाएगा, उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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धार्मिक स्थलों से उतारा गया लाउडस्पीकर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के बाद गोरखपुर जिले के धार्मिक स्थलों से बुधवार को 116 लाउडस्पीकर हटाए गए। जिलेभर में पुलिस ने धर्मगुरुओं से संपर्क किया और नियमों का पालन कराते हुए लाउडस्पीकर हटवाए। बचे लाउडस्पीकर का मुंह धार्मिक स्थल परिसर में अंदर की ओर कर दिया गया। आवाज भी कम करा दी गई है।
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पुलिस-प्रशासन ने टीम बनाकर मंदिरों और मस्जिदों में जाकर धर्मगुरुओं को हाईकोर्ट और सरकार के आदेश के बारे में जानकारी दी गई। टीमों ने धर्मगुरुओं को बताया कि किसी भी धार्मिक स्थल पर एक सीमित ध्वनि में ही लाउडस्पीकर बजाए जा सकते हैं। वहीं नए लाउडस्पीकर बिना अनुमति के नहीं लगाए जा सकते हैं।
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जानकारी के मुताबिक, ध्वनि प्रदूषण को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अपर मुख्य सचिव गृह ने धर्मस्थलों में तय मानकों से अधिक लगाए गए लाउडस्पीकरों को हटाने के लिए आदेश जारी किया था। आदेश के बाद बुधवार को इस पर कार्रवाई कराई गई। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सीओ, एसओ और उपनिरीक्षकों, प्रशासनिक टीम ने जाकर धार्मिक स्थलों से ऐसे लाउडस्पीकरों को हटवाया, जो मानक का पालन नहीं कर रहे थे। इस दौरान कुछ धर्मगुरुओं ने भी स्वेच्छा से लाउडस्पीकरों को हटा दिया।
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धर्मगुरुओं के मोबाइल में साउंड मीटर ऐप डाउनलोड कराया
धार्मिक स्थल पर लगे लाउडस्पीकर की आवाज मानक के हिसाब से आ रही है या नहीं, इसकी जांच करने के लिए धर्मगुरुओं के मोबाइल में साउंड मीटर ऐप भी डाउनलोड कराया है। इससे यह पता चल सकेगा कि आवाज कितने डेसीबल आ रही। टीम ने बताया कि मानक के हिसाब से आवाज 50 से 60 डेसीबल के बीच होनी चाहिए। रात में आवाज 45 से 55 डेसीबेल ही होनी चाहिए। टीम ने चेताया कि अगर मानक का पालन नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि जिले में बुधवार को अभियान चलाकर 116 लाउडस्पीकर हटाए गए हैं। इसके बाद भी हर हफ्ते चिह्नित स्थानों पर जाकर यह सुनिश्चित भी किया जाएगा कि फिर से स्पीकर की संख्या न बढ़ गई हो, जो भी दोबारा से अधिक लाउडस्पीकर लगाएगा, उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ध्वनि प्रदूषण तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में प्रदेश सरकार के धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारे जाने और उनकी आवाज धीमी किए जाने की जो कार्रवाई की गई है वह सराहनीय है। रविंद्र दास, कालीबाड़ी महंत।
रमजान शरीफ का पवित्र माह चल रहा है। मस्जिदों पर मानक के अनुसार लाउडस्पीकर का इस्तेमाल हो रहे हैं। मानक का पालन करने वाली मस्जिदों से लाउडस्पीकर न उतारे जाएं।- मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी, नायब काजी
धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर जरूर उतरने चाहिए। क्योंकि पूजा अपने लिए की जाती है न की दूसरों के लिए। धार्मिक स्थलों पर आवाज इतनी ही रखनी चाहिए जिससे किसी दिक्कत न हो।- जसपाल सिंह, अध्यक्ष, गुरुद्वारा कमेटी जटाशंकर
मुख्यमंत्री की पहल सराहनीय है। ध्वनि प्रदूषण को देखते हुए धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतारे जाने और उनकी आवाज कम किया जाना प्रशंसनीय है। इससे किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी।- रेव्ह डीआर लाल, पुरोहित क्राइस्ट चर्च शास्त्री चौक