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गोरखपुर: डीएम ने दिया सख्त आदेश, बोले- मरीजों के इलाज में हुई लापरवाही तो होगी कार्रवाई

Tue, 14 Sep 2021 11:12 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 14 Sep 2021 11:12 AM IST
सार

महिला अस्पताल पहुंचकर डीएम ने मरीजों की जानी स्थिति, महिला अस्पताल के कर्मियों और डॉक्टरों को दी सख्त चेतावनी।

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Action will be taken if negligence in treatment of patients at Gorakhpur
जिला अस्पताल की ओपीडी का निरीक्षण करते डीएम विजय किरन आनंद। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर जिले के महिला अस्पताल में शुक्रवार को मरीज के इलाज में लापरवाही के मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए, डीएम विजय किरन आनंद सोमवार शाम अचानक अस्पताल पहुंच गए। डीएम ने एसआईसी से लेकर सभी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि मरीजों के इलाज में लापरवाही न बरती जाए। ऐसी शिकायत मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर डीएम के पहुंचने से पहले ही अस्पताल प्रशासन ने उस महिला मरीज के पति से बेहतर इलाज का वादा करते हुए, अस्पताल प्रशासन के पक्ष में एक पत्र लिखवा लिया था, जिसे शुक्रवार को सीएमओ के दखल के बाद इलाज मिल सका था।

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जानकारी के मुताबिक, डीएम ने महिला अस्पताल में सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय और एसआईसी डॉ. नीना त्रिपाठी मौजूदगी में कर्मचारी और डॉक्टरों के साथ बैठक की। सख्त लहजे में निर्देश दिया कि मरीजों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। कहा कि मरीजों के हित में अगर कोई संसाधन की जरूरत होती है तो उसे बताया जाए। उसे प्रशासन की मदद से उपलब्ध कराया जाएगा। कहा कि अगर भविष्य में मरीजों के साथ लापरवाही होती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस देकर मांगा हैं जवाब
सोना देवी के इलाज में लापरवाही और बाजार से दवा मंगाने के मामले में सोमवार को अस्पताल प्रशासन के अधिकारी अलर्ट मोड में दिखे। कार्यवाहक एसआईसी डॉ. नीना त्रिपाठी ने स्वास्थ्यकर्मियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बताया जा रहा है कि डीएम के दौरे की सूचना डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को हो गई थी। ऐसे में सोना देवी और उसके पति से यह लिखवा लिया है कि वह इलाज से संतुष्ट है। इसके बाद एसआईसी को स्वास्थ्यकर्मियों ने यही लिखित तौर पर जवाब भी दे दिया है।  
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यह है पूरा  मामला
बिहार के बेतिया निवासी गुड्डू महतो शहर में मजदूरी करता है। वह महादेव झारखंडी कॉलोनी में किराए पर कमरा लेकर परिवार के साथ रहता है। शुक्रवार की रात पत्नी सोना देवी के पेट में तेज दर्द और उल्टी शुरू हो गई। इस बीच गुड्डू के पास रुपये नहीं थे। उसने इलाज के लिए अपना मोबाइल 700 रुपये में गिरवी रख दिया। इसके बाद पत्नी को इलाज के लिए महिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस बीच अस्पताल की ओर से उसे कुछ दवाएं दी गई। लेकिन दो बार उसे बाजार से 335 रुपये की दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ी। इसके बाद सुबह दर्द की हालत में मरीज को वार्ड से बाहर कर दिया गया। इस मामले में अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रमेश गोयल और सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय की पहल पर ढाई घंटे बाद मरीज को दोबारा भर्ती कराया गया। जहां पर उसका इलाज चल रहा है।

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