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मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना: गोरखपुर के ये होनहार युवा खुद कर रहे हैं कारोबार, दे रहे औरों को रोजगार
Mon, 02 Aug 2021 03:11 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 02 Aug 2021 03:11 PM IST
सार
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 62 उद्यमियों ने शुरू किया अपना व्यवसाय। और युवाओं को भी योजना के तहत जल्द ऋण मिलने की उम्मीद।
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अभिषेक सिंह, मो. इब्राहिम, विवेक कुमार सिंह व रवि कुमार शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का लाभ उठाकर गोरखपुर जिले के 62 युवाओं ने न सिर्फ खुद का कारोबार शुरू किया, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दिया है। योजना के अंतर्गत आए कुल 161 आवेदनों में से 62 को ऋण दिया जा चुका है। बाकी कई आवेदकों को भी जल्द ही ऋण मिलने की उम्मीद है।
कोरोना काल में आया स्वरोजगार का विचार
तारामंडल के विवेक कुमार सिंह ने बताया कि पढ़ाई करने के साथ सीटेट क्वालीफाई कर चुका हूं। कोरोना काल में खुद का कारोबार करने की सोची तो मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की याद आई। मोबाइल रिपेयरिंग और बिक्री की दुकान खोलने संबंधी योजना तैयार की और योजना के तहत आवेदन कर दिया। 10 लाख रुपये का ऋण मिलने के बाद कारोबार शुरू किया। अब कई और लोगों को रोजगार दे रहा हूं। कोरोना संक्रमण के समय में कुछ परेशानी आई थी, लेकिन अब सब ठीक है। महीने में किस्त देने और सारे खर्चे निकालने के बाद करीब पचास हजार रुपये बच जाते हैं। मुख्यमंत्री की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी भी खाते में आ चुकी है।
प्लांट में 50 लोग कर रहे हैं काम
गीडा के अभिषेक सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत ऋण मिलने के बाद गीडा के सेक्टर 13 में मिनरल वाटर का प्लांट लगाया। कोविड की वजह से कुछ समय तक तो परेशानियां हुईं, लेकिन अब सब ठीक है। हालांकि अभी यह कारोबार किराये के भवन में चल रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री की इस योजना की ही देन है कि अपना कारोबार खड़ा कर पाया हूं। अभी मेरी फैक्ट्री में पचास लोग काम कर रहे हैं। जब सीजन आता है तो यह संख्या और बढ़ जाती है। अभी फिलहाल कोरोना के बाद व्यापार ठीक चल रहा है। प्रतिदिन चार से पांच सौ पेटी माल बिक जा रहा है।
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कोरोना काल में आया स्वरोजगार का विचार
तारामंडल के विवेक कुमार सिंह ने बताया कि पढ़ाई करने के साथ सीटेट क्वालीफाई कर चुका हूं। कोरोना काल में खुद का कारोबार करने की सोची तो मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की याद आई। मोबाइल रिपेयरिंग और बिक्री की दुकान खोलने संबंधी योजना तैयार की और योजना के तहत आवेदन कर दिया। 10 लाख रुपये का ऋण मिलने के बाद कारोबार शुरू किया। अब कई और लोगों को रोजगार दे रहा हूं। कोरोना संक्रमण के समय में कुछ परेशानी आई थी, लेकिन अब सब ठीक है। महीने में किस्त देने और सारे खर्चे निकालने के बाद करीब पचास हजार रुपये बच जाते हैं। मुख्यमंत्री की तरफ से मिलने वाली सब्सिडी भी खाते में आ चुकी है।
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प्लांट में 50 लोग कर रहे हैं काम
गीडा के अभिषेक सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत ऋण मिलने के बाद गीडा के सेक्टर 13 में मिनरल वाटर का प्लांट लगाया। कोविड की वजह से कुछ समय तक तो परेशानियां हुईं, लेकिन अब सब ठीक है। हालांकि अभी यह कारोबार किराये के भवन में चल रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री की इस योजना की ही देन है कि अपना कारोबार खड़ा कर पाया हूं। अभी मेरी फैक्ट्री में पचास लोग काम कर रहे हैं। जब सीजन आता है तो यह संख्या और बढ़ जाती है। अभी फिलहाल कोरोना के बाद व्यापार ठीक चल रहा है। प्रतिदिन चार से पांच सौ पेटी माल बिक जा रहा है।
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बेकरी शुरू करने की है योजना
नकहा ओवरब्रिज मो. इब्राहिम ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत बेकरी का कारोबार शुरू करने की योजना है। योजना के तहत 10 लाख रुपये ऋण मिलने के बाद बेकरी की मशीन मंगवाई है। एक से दो महीने में कारोबार शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री की इस योजना का कोई जवाब नहीं है। मुख्यमंत्री योगी जी सभी का भला देख रहे और कर रहे हैं। जिला उद्योग कार्यालय ने भी काफी मदद की है। फैक्ट्री में बिस्किट, ब्रेड और अन्य उत्पाद बनाने हैं। बाजार भी तलाश लिया है। काम जल्द ही शुरू करने वाला हूं। काम शुरू होने के बाद कम से कम पचीस लोग रोजगार पाएंगे।
उपायुक्त उद्योग रवि कुमार शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत करीब 106 लोगों को ऋण उपलब्ध कराना था। फिलहाल 62 लोगों को ऋण उपलब्ध करा दिया गया है। मेरे पास जो भी फाइल आती है। उसकी प्रक्रिया पूरी कराने के बाद बैंक को भेज दिया जाता है। बैंक से बात भी करते हैं, लेकिन कभी-कभी परेशानी होती है। कुछ कमी आवेदक के कागजात में होती है, तो कुछ ऋण देने में बैंकों की। फिर भी हमारी कोशिश होती है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार सरकार की इस योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन किया जाए।
उपायुक्त उद्योग रवि कुमार शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत करीब 106 लोगों को ऋण उपलब्ध कराना था। फिलहाल 62 लोगों को ऋण उपलब्ध करा दिया गया है। मेरे पास जो भी फाइल आती है। उसकी प्रक्रिया पूरी कराने के बाद बैंक को भेज दिया जाता है। बैंक से बात भी करते हैं, लेकिन कभी-कभी परेशानी होती है। कुछ कमी आवेदक के कागजात में होती है, तो कुछ ऋण देने में बैंकों की। फिर भी हमारी कोशिश होती है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार सरकार की इस योजना का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन किया जाए।
योजना के तहत ऐसे करें आवेदन
आवेदन के लिए उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय की वेबसाइट https://diupmsme.upsdc.gov.in/ पर जाएं। यहां मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का पर क्लिक करें। खुलने वाले पेज पर नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण के विकल्प चुनें। इसके बाद पंजीकरण फॉर्म खुल जाएगा। इस फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी जैसे- योजना, नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, राज्य, जिला आदि भरनी होगी। इसके बाद फार्म सब्मिट कर दें। इस तरह आपका पंजीकरण पूरा हो जाएगा।
फाइल स्वीकृत होने के एक महीने के भीतर देना होगा ऋण
उद्यमियों की ओर से बैंकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के बाद रविवार को डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी योजनाओं में फाइल स्वीकृत होने बाद अगर संबंधित बैंक की ओर से ऋण नहीं दिया गया तो इसे शोषण माना जाएगा। इसी तरह ऋण स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर धनराशि खाते में भेजनी होगी। बैंकों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। डीएम ने बताया कि कार्यशैली में सुधार के लिए बैंकों को पत्र भी लिखा जा रहा है। उद्योग बंधु की बैठक के दौरान भी डीएम ने इस तरह के मामले आनेे पर नाराजगी जताई थी।
फाइल स्वीकृत होने के एक महीने के भीतर देना होगा ऋण
उद्यमियों की ओर से बैंकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने के बाद रविवार को डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि सरकारी योजनाओं में फाइल स्वीकृत होने बाद अगर संबंधित बैंक की ओर से ऋण नहीं दिया गया तो इसे शोषण माना जाएगा। इसी तरह ऋण स्वीकृति के एक सप्ताह के भीतर धनराशि खाते में भेजनी होगी। बैंकों की कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। डीएम ने बताया कि कार्यशैली में सुधार के लिए बैंकों को पत्र भी लिखा जा रहा है। उद्योग बंधु की बैठक के दौरान भी डीएम ने इस तरह के मामले आनेे पर नाराजगी जताई थी।