Gorakhpur News: 1.8 किमी लंबे फोरलेन के लिए काटे जाएंगे 545 पेड़ और टूटेंगे पांच मकान, खर्च होगा 277 करोड़
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता आर बी सिंह ने कहा कि जिस जमीन का अधिग्रहण किया जाना है उसका मुआवजा बनाने की प्रक्रिया चल रही है। मुआवजा बनाकर शासन को भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद मुआवजा वितरित किया जाएगा। यह प्रक्रिया चल रही है।
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पैडलेगंज से फिराक चौक तक बनने वाले फोरलेन की राह में पड़ने वाले पांच मकान व कैंट थाना का भवन तोड़ा जाएगा। इसके अलावा बहुत से घरों और प्रतिष्ठानों की बाउंड्रीवाल को भी तोड़ा जाएगा। उसके लिए लोक निर्माण विभाग ने चिन्हांकन की कार्रवाई कर लाल निशान लगा दिया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुआवजा देकर निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
शहर के बीच में लगातार जाम की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों को राहत देने के लिए पैडलेगंज से लेकर फिराक चौराहे तक फोरलेन का निर्माण कराया जा रहा है। 277 करोड़ की लागत से बनने वाले इस मार्ग पर शहर का बहुत ही पुराना थाना कैंट है। उसका भवन इस फोरलेन की जद में आ रहा है। इसके अलावा डीआईजी कार्यालय की बाउड्री भी पड़ रही है। कहा जा रहा है कि दिवानी न्यायालय की बाउंड्री का कुछ हिस्सा भी इसमें आ सकता है। लोक निर्माण विभाग ने सर्वे के बाद उसका चिन्हांकन कर जहां तक तोड़ा जाना है वहां तक लाल निशान लगा दिया गया है।
लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदारों के मुताबिक इस फोरलेन के निर्माण से पहले वन विभाग को उस रास्ते में पड़ने वाले 545 पेड़ों को काटना होगा। इसके लिए लोक निर्माण विभाग की तरफ से वन विभाग को 45 लाख दे दिया गया है। बिजली विभाग के तार खंभे, ट्रांसफार्मर, तथा जल निगम की पाइप लाइन को बदला जाना है। इन विभागों से एस्टीमेट मांगा गया है।
इनको मुआवजा देकर इसे हटाया जाएगा। वैसे विभाग के लोगों का कहना है कि इसका टेंडर कर दिया गया है। टेक्निकल बीट खोली गई है। टेंडर डालने वालों के कागजात की जांच की जा रही है। इस महीने तक टेंडर की सभी औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगी। 15 मार्च के बाद काम शुरू किया जाएगा। जो खाली जमीन होगी वहां काम शुरू हो जाएगा। जैसे-जैसे जमीन मिलती जाएगी काम होता रहेगा।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता आर बी सिंह ने कहा कि जिस जमीन का अधिग्रहण किया जाना है उसका मुआवजा बनाने की प्रक्रिया चल रही है। मुआवजा बनाकर शासन को भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद मुआवजा वितरित किया जाएगा। यह प्रक्रिया चल रही है। पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।