{"_id":"5fe431fe8ebc3e3b865b4145","slug":"51-entrepreneurs-demand-of-set-up-a-readymade-garment-unit-in-gida-garment-park","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर में 20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, 51 उद्यमियों ने की गारमेंट पार्क स्थापित करने की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर में 20 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार, 51 उद्यमियों ने की गारमेंट पार्क स्थापित करने की मांग
Thu, 24 Dec 2020 11:45 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 24 Dec 2020 11:45 AM IST
सार
- अब तक 27 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव आया, 31 दिसंबर तक इकाई स्थापित करने का आवेदन किया जा सकेगा
- चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज को 500 इकाइयों के स्थापित होने की उम्मीद
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के 50 एकड़ में प्रस्तावित गारमेंट पार्क में 51 उद्यमियों ने रेडीमेड गारमेंट की इकाई स्थापित करने की इच्छा जताई है। इसके लिए 27 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज को करीब 500 औद्योगिक इकाई स्थापित होने की उम्मीद है। ऐसा हुआ तो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से करीब 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
गारमेंट पार्क के लिए चेंबर आफ इंडस्ट्रीज की ओर से उद्यमियों के बीच सर्वे कराया जा रहा है। जो उद्यमी निवेश के इच्छुक हैं, उन सबसे आवेदन मांगे जा रहे हैं। अब तक 51 उद्यमियों ने औद्योगिक इकाई स्थापित करने की इच्छा जताई है। आवेदन की आखिरी तिथि 31 दिसंबर है। अब तक जो उद्यमी आगे आए हैं उनमें ज्यादातर शर्ट-टी-शर्ट, जैकेट और लेडीज गारमेंट की फैक्ट्री लगाना चाहते हैं।
दरअसल, चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी व उद्यमियों ने गीडा के सीईओ संजीव रंजन से मिलकर गारमेंट पार्क स्थापित करने की मांग की थी। इस पर सीईओ ने कहा था कि अगर उद्यमी इकाई लगाने में रुचि दिखाएंगे तो गारमेंट पार्क विकसित किया जाएगा। इसी का नतीजा रहा कि चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने गीडा और इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित उद्योग भवन में आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसे लेकर उद्यमियों ने उत्साह दिखाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गारमेंट पार्क के लिए चेंबर आफ इंडस्ट्रीज की ओर से उद्यमियों के बीच सर्वे कराया जा रहा है। जो उद्यमी निवेश के इच्छुक हैं, उन सबसे आवेदन मांगे जा रहे हैं। अब तक 51 उद्यमियों ने औद्योगिक इकाई स्थापित करने की इच्छा जताई है। आवेदन की आखिरी तिथि 31 दिसंबर है। अब तक जो उद्यमी आगे आए हैं उनमें ज्यादातर शर्ट-टी-शर्ट, जैकेट और लेडीज गारमेंट की फैक्ट्री लगाना चाहते हैं।
विज्ञापन
दरअसल, चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारी व उद्यमियों ने गीडा के सीईओ संजीव रंजन से मिलकर गारमेंट पार्क स्थापित करने की मांग की थी। इस पर सीईओ ने कहा था कि अगर उद्यमी इकाई लगाने में रुचि दिखाएंगे तो गारमेंट पार्क विकसित किया जाएगा। इसी का नतीजा रहा कि चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने गीडा और इंडस्ट्रियल एस्टेट स्थित उद्योग भवन में आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसे लेकर उद्यमियों ने उत्साह दिखाया है।
विज्ञापन
अभी 21 हजार वर्ग मीटर जगह की जरूरत
अब तक आए आवेदनों में इकाई लगाने के लिए 21 हजार वर्ग मीटर जगह की जरूरत बताई गई है। 51 औद्योगिक इकाइयां भी स्थापित हुईं तो प्रत्यक्ष रूप से 2500 युवाओं को रोजगार मिलेगा। अप्रत्यक्ष रूप से भी रोजगार मिलेगा। यदि औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़कर 500 हुई तो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 20 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। अभी आवेदन प्रक्रिया जारी है। चेंबर आफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल का कहना है कि गारमेंट पार्क का विचार अच्छा है। उद्यमी भी रुचि दिखा रहे हैं। कइयों ने आवेदन किया है। तमाम जानकारी लेने भी आ रहे हैं।
एक जिला एक उत्पाद है रेडीमेड गारमेंट
यूपी सरकार ने रेडीमेड गारमेंट को एक जिला एक उत्पाद घोषित किया है। इससे गोरखपुर के उद्यमी उत्साहित हैं। वह रेडीमेड गारमेंट में बेहतर भविष्य देख रहे हैं। गीडा से ही पिपरौली क्षेत्र जुड़ा है, जहां रेडीमेड गारमेंट पर अच्छा काम होता है। बड़ी संख्या में कारीगर भी हैं। इसका फायदा शहर के उद्यमी उठाना चाहते हैं। यह गोरखपुर का दूसरा एक जिला एक उत्पाद है। इससे पहले टेराकोटा को एक जिला एक उत्पाद घोषित किया गया था।
रोजगार की संभावना बढ़ेगी
चेंबर आफ इंडस्ट्रीज अध्यक्ष विष्णु प्रसाद अजित सरिया ने बताया कि गारमेंट पार्क बनाने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। अब तक 51 औद्योगिक इकाइयों के स्थापित किए जाने का प्रस्ताव आए हैं। इसके लिए 21 हजार वर्ग मीटर भूमि की जरूरत पड़ेगी। मौजूदा प्रस्तावों के हिसाब से काम हुआ तो करीब 2500 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। औद्योगिक इकाइयों की संख्या के साथ रोजगार भी बढ़ेगा। सर्वे पूरा होने के बाद पूरी जानकारी गीडा सीईओ को दी जाएगी।
एक जिला एक उत्पाद है रेडीमेड गारमेंट
यूपी सरकार ने रेडीमेड गारमेंट को एक जिला एक उत्पाद घोषित किया है। इससे गोरखपुर के उद्यमी उत्साहित हैं। वह रेडीमेड गारमेंट में बेहतर भविष्य देख रहे हैं। गीडा से ही पिपरौली क्षेत्र जुड़ा है, जहां रेडीमेड गारमेंट पर अच्छा काम होता है। बड़ी संख्या में कारीगर भी हैं। इसका फायदा शहर के उद्यमी उठाना चाहते हैं। यह गोरखपुर का दूसरा एक जिला एक उत्पाद है। इससे पहले टेराकोटा को एक जिला एक उत्पाद घोषित किया गया था।
रोजगार की संभावना बढ़ेगी
चेंबर आफ इंडस्ट्रीज अध्यक्ष विष्णु प्रसाद अजित सरिया ने बताया कि गारमेंट पार्क बनाने के लिए सर्वे कराया जा रहा है। अब तक 51 औद्योगिक इकाइयों के स्थापित किए जाने का प्रस्ताव आए हैं। इसके लिए 21 हजार वर्ग मीटर भूमि की जरूरत पड़ेगी। मौजूदा प्रस्तावों के हिसाब से काम हुआ तो करीब 2500 लोगों को रोजगार मिल सकेगा। औद्योगिक इकाइयों की संख्या के साथ रोजगार भी बढ़ेगा। सर्वे पूरा होने के बाद पूरी जानकारी गीडा सीईओ को दी जाएगी।