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फर्जी अंकपत्र बनाने वाले चार गिरफ्तार
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देवरिया पुलिस और एसओजी टीम ने तरकुलवा से फर्जी प्रवेश पत्र और हाई स्कूल और इंटर का फर्जी अंक पत्र ?
- फोटो : DEORIA
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फर्जी अंकपत्र बनाने वाले चार गिरफ्तार
हाईस्कूल, इंटर और बीए के बने और सादे अंकपत्र बरामद
प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, कंप्यूटर समेत अन्य सामग्री जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने चार जालसाजों को पकड़कर उनके कब्जे से हाईस्कूल, इंटर, स्नातक की सादी मार्कशीट, तमाम अधिकारियों की मुहर, प्रवेश पत्र, बैंक पासबुक और कई अन्य सामान बरामद किए। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया। इनमें एक आरोपी विद्यालय का लिपिक है।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में डीएम अमित किशोर और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने पत्रकारों को बताया कि तरकुलवा स्थित पीएन डिजिटल फोटो स्टूडियो में फर्जी मार्कशीट, प्रवेश पत्र और अन्य कागजात तैयार करने की सूचना पर सोमवार की देर रात एसडीएम सदर दिनेश मिश्र, सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय, एसओजी और तरकुलवा पुलिस ने छापा मारा। यहां से एक इंटर कॉलेज के लिपिक दिग्विजय सिंह (हरैया), स्टूडियो संचालक चंद्रप्रताप सिंह, अजय गोंड, अंगद गोंड (सभी कनकपुरा) को गिरफ्तार किया गया। अंगद गोंड 11वीं का छात्र है। पुलिस ने मौके से इंटर के 26 और सात सादे अंकपत्र, हाईस्कूल के 65, झारखंड स्टेट ओपेन स्कूल के हाईस्कूल और इंटर के छह अंकपत्र, गोरखपुर विश्वविद्यालय के स्नातक के 11 अंकपत्र, 17 आधार कार्ड, 28 लोगों की फोटो, पूर्वांचल बैंक के 11 और एसबीआई का एक पासबुक, 16 कक्ष निरीक्षकों का परिचय पत्र, स्कूलों व अधिकारियों की 35 मुहर, 14 प्रवेश पत्र, दो लैपटॉप, तीन प्रिंटर, एक सीपीयू, एक मॉनिटर बरामद किया। एसपी ने बताया कि मामले की तह तक पहुंचा जाएगा। संभव है कि इनकी बनाई मार्कशीट पर कुछ लोग नौकरी भी कर रहे हों।
वर्षों से करते आ रहे हैं फर्जीवाड़ा
देवरिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्त में आए जालसाज वर्षों से इस काम में लिप्त रहे हैं। इससे पूर्व साकेतनगर के रहने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था। वह फर्जी बोर्ड की मान्यता देता था। हालांकि उस मामले में भटपाररानी इलाके का रहने वाला सरगना अब भी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। जालसाजों को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ तरकुलवा नरेंद्र प्रताप राय, एसओजी प्रभारी अनिल यादव, संतोष सिंह, हेड कांस्टेबल योगेंद्र प्रसाद, कांस्टेबल प्रशांत शर्मा, अरुण खरवार, सुदामा यादव, राहुल सिंह, धनंजय श्रीवास्तव, विमलेश सिंह शामिल रहे।
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हाईस्कूल, इंटर और बीए के बने और सादे अंकपत्र बरामद
प्रवेश पत्र, आधार कार्ड, कंप्यूटर समेत अन्य सामग्री जब्त
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने चार जालसाजों को पकड़कर उनके कब्जे से हाईस्कूल, इंटर, स्नातक की सादी मार्कशीट, तमाम अधिकारियों की मुहर, प्रवेश पत्र, बैंक पासबुक और कई अन्य सामान बरामद किए। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया। इनमें एक आरोपी विद्यालय का लिपिक है।
पुलिस लाइंस के मनोरंजन कक्ष में डीएम अमित किशोर और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने पत्रकारों को बताया कि तरकुलवा स्थित पीएन डिजिटल फोटो स्टूडियो में फर्जी मार्कशीट, प्रवेश पत्र और अन्य कागजात तैयार करने की सूचना पर सोमवार की देर रात एसडीएम सदर दिनेश मिश्र, सीओ सिटी निष्ठा उपाध्याय, एसओजी और तरकुलवा पुलिस ने छापा मारा। यहां से एक इंटर कॉलेज के लिपिक दिग्विजय सिंह (हरैया), स्टूडियो संचालक चंद्रप्रताप सिंह, अजय गोंड, अंगद गोंड (सभी कनकपुरा) को गिरफ्तार किया गया। अंगद गोंड 11वीं का छात्र है। पुलिस ने मौके से इंटर के 26 और सात सादे अंकपत्र, हाईस्कूल के 65, झारखंड स्टेट ओपेन स्कूल के हाईस्कूल और इंटर के छह अंकपत्र, गोरखपुर विश्वविद्यालय के स्नातक के 11 अंकपत्र, 17 आधार कार्ड, 28 लोगों की फोटो, पूर्वांचल बैंक के 11 और एसबीआई का एक पासबुक, 16 कक्ष निरीक्षकों का परिचय पत्र, स्कूलों व अधिकारियों की 35 मुहर, 14 प्रवेश पत्र, दो लैपटॉप, तीन प्रिंटर, एक सीपीयू, एक मॉनिटर बरामद किया। एसपी ने बताया कि मामले की तह तक पहुंचा जाएगा। संभव है कि इनकी बनाई मार्कशीट पर कुछ लोग नौकरी भी कर रहे हों।
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वर्षों से करते आ रहे हैं फर्जीवाड़ा
देवरिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्त में आए जालसाज वर्षों से इस काम में लिप्त रहे हैं। इससे पूर्व साकेतनगर के रहने वाले एक शख्स को गिरफ्तार किया गया था। वह फर्जी बोर्ड की मान्यता देता था। हालांकि उस मामले में भटपाररानी इलाके का रहने वाला सरगना अब भी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। जालसाजों को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ तरकुलवा नरेंद्र प्रताप राय, एसओजी प्रभारी अनिल यादव, संतोष सिंह, हेड कांस्टेबल योगेंद्र प्रसाद, कांस्टेबल प्रशांत शर्मा, अरुण खरवार, सुदामा यादव, राहुल सिंह, धनंजय श्रीवास्तव, विमलेश सिंह शामिल रहे।
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