{"_id":"6448b121877442662b00c926","slug":"20-to-25-thousand-children-left-out-of-regular-vaccination-in-gorakhpur-2023-04-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: गोरखपुर में नियमित टीकाकरण से छूट गए 20 से 25 हजार बच्चे, भविष्य में हो सकती है दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: गोरखपुर में नियमित टीकाकरण से छूट गए 20 से 25 हजार बच्चे, भविष्य में हो सकती है दिक्कत
Wed, 26 Apr 2023 10:35 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 26 Apr 2023 10:35 AM IST
सार
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि पहली बार प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर का टीका बेटियों को लगाया जाएगा। इसके लिए बीआरडी मेडिकल काॅलेज को नोडल केंद्र बनाया गया है। इसकी प्रभारी डॉ. रीना श्रीवास्तव बनाई गई हैं, जो इस टीके को लगाने का प्रशिक्षण देंगी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना की पहली और दूसरी लहर के बाद जिले के करीब 20 से 25 हजार से अधिक मासूम जीवन की रक्षा करने वाले टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। ये वे बच्चे हैं, जिन्हें टीके की एक भी डोज नहीं लगी है। इन बच्चों पर टीबी, पोलियो, पीलिया, डायरिया, निमोनिया, काली खांसी, गला घोंटू, टिटनेस, हेपेटाइटिस बी, खसरा, रूबेला, दिमागी बुखार का खतरा मंडरा रहा है। इन बच्चों को टीका लगाने के लिए विभाग इसी सप्ताह से मेगा अभियान शुरू करने जा रहा है।
विज्ञापन
बच्चों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच टीकाकरण है। नियमित टीकाकरण के तहत लगने वाले सात तरह के महत्वपूर्ण टीके कई तरह की गंभीर बीमारियों से बच्चों की रक्षा करता है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि टीका बच्चों के इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें: नेपाली युवती के साथ लिव इन रिलेशन में रहता था युवक, गर्भवती होने पर छोड़ा
विज्ञापन
टीकाकरण की बदौलत ही इंसेफेलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों पर पूर्वांचल में काबू पाया जा सका है। टीका न लगवाने वाले बच्चों को 95 फीसदी खतरा जानलेवा बीमारियों की रहती है। बताया कि टीका न लगाने का असर तत्काल नहीं दिखता है। बल्कि, जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है वैसे-वैसे उसे दिक्कतें शुरू होती है। इसके बाद उन्हें पोलियो, निमोनिया, काली खांसी, गला घोंटू, हेपेटाइटिस आदि जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती है, जिसका इलाज काफी मुश्किल और महंगा है। ऐसे में सही समय पर बच्चों का टीकाकरण जरूरी है।
नौ से 14 वर्ष की बच्चियों को जल्द लगेगा सर्वाइकल कैंसर का टीका
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि पहली बार प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर का टीका बेटियों को लगाया जाएगा। इसके लिए बीआरडी मेडिकल काॅलेज को नोडल केंद्र बनाया गया है। इसकी प्रभारी डॉ. रीना श्रीवास्तव बनाई गई हैं, जो इस टीके को लगाने का प्रशिक्षण देंगी। यह स्वदेशी टीका मानव पेपिलोमावायरस जल्द ही नियमित टीकाकरण अभियान में शामिल हो सकता है। क्योंकि, यह टीके काफी महंगे हैं।
हर साल एक लाख 20 हजार बच्चों का होता है जन्म
जिले की बात करें तो हर साल एक लाख 20 हजार बच्चों का जन्म होता है। इनमें शुरुआती दौर में केवल 60 फीसदी बच्चों को नियमित टीकाकरण हो पाता है। इस साल के आंकड़ों की बात करें तो करीब 62 फीसदी बच्चों को ही टीका लग सका है। 38 फीसदी बच्चे अभी भी टीकाकरण से वंचित है। इन बच्चों का विशेष टीकाकरण अभियान के तहत टीका लगाने की योजना है।
यह टीके हैं जरूरी
हर साल एक लाख 20 हजार बच्चों का होता है जन्म
जिले की बात करें तो हर साल एक लाख 20 हजार बच्चों का जन्म होता है। इनमें शुरुआती दौर में केवल 60 फीसदी बच्चों को नियमित टीकाकरण हो पाता है। इस साल के आंकड़ों की बात करें तो करीब 62 फीसदी बच्चों को ही टीका लग सका है। 38 फीसदी बच्चे अभी भी टीकाकरण से वंचित है। इन बच्चों का विशेष टीकाकरण अभियान के तहत टीका लगाने की योजना है।
यह टीके हैं जरूरी
- बच्चे के जन्म पर बीसीजी, हेपेटाइटिस-बी एवं पोलियो की जीरो डोज।
- बच्चे के डेढ़ महीने का होने पर पेंटावैलेट एक, ओपीवी एक, एफआईवीपी एक, रोटा एक एवं पीसीवी एक लगेगा।
- बच्चे के ढाई महीने का होने पर पेंटावेलेट दो, ओपीवी दो और रोटा दो लगेगा।
- बच्चे के साढ़े तीन महीने का होने पर पेंटावेलेट तीन, ओपीवी तीन, एफआईपीवी दो, रोटा तीन एवं पीसीवी दो लगेगा।
- बच्चे को नौ से बारह महीने की उम्र में एमआर एवं जेई पहला टीका, पीसीवी और विटामिन ए देंगे।
- 16 से 24 माह की उम्र में बच्चे को एमआर, जेई, डीपीटी, ओपीवी और विटामिन ए हर 6 माह पर 5 साल तक देंगे।
- बच्चे को पांच से छह साल की उम्र में डीपीटी दो लगेगा।
- बच्चे को 10 साल की उम्र में टीडी का टीका लगेगा।
- बच्चे को 16 साल की उम्र में टीडी।
- गर्भवती को टीडी का टीका लगता है।