फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fashion ›   Yoga Fashion Revolution Western Country Change Traditional Yoga Look And Clothes in Hindi

Yoga Fashion Revolution: पश्चिमी देशों ने बदला पारंपरिक योग का स्वरूप, योग पर हावी हुआ फैशन

Tue, 21 Jun 2022 04:42 PM IST
Shivani Awasthi शिवानी अवस्थी
Updated Tue, 21 Jun 2022 04:42 PM IST
सार

योग के लिए नायलॉन और पॉलिएस्टर के कपड़ों का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में नहीं करना चाहिए लेकिन पश्चिम देशों में 10 में से 9 योगी प्लास्टिक गारमेंट को पहनकर योग करते हैं।

विज्ञापन
Yoga Fashion Revolution Western Country Change Traditional Yoga Look And Clothes in Hindi
योगा पर फैशन हावी - फोटो : instagram

विस्तार

योग का मूल रूप आध्यात्मिक विकास का अभ्यास है, जिसमें शरीर और मन को प्रशिक्षित करते हुए स्वयं के बारे में अवगत करना होता है। लेकिन वक्त के साथ योग के मूल रूप में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला। समय के साथ योग शारीरिक व्यायाम का एक तरीका बन गया और बाद में बड़ा उद्योग।

विज्ञापन


प्राचीन हिंदू ग्रंथ ऋग्वेद के मुताबिक, योग की प्राचीन जड़ें 3000 साल से पुरानी हैं। उस दौर में योग का उद्देश्य व्यक्ति के विवेक, जागरूकता और आत्म नियमन को बढ़ाना था। हालांकि योग का प्रसार हुआ तो यह शारीरिक और आध्यात्मिक विकास की चाह रखने वालों के बीच विभाजन को बढ़ाता चला गया।
विज्ञापन


योग में आए नवाचार का असर केवल शारीरिक और आध्यात्मिक अभ्यास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि योग परिधान पर भी इसका असर देखने को मिला। भले ही योग भारत की संस्कृति से निकला है, लेकिन विदेशी संपर्क में आते ही योग के स्वरूप में परिवर्तन आए। ये परिवर्तन शरीर के लिए नुकसानदायक हैं लेकिन उद्योग और फैशन के लिहाज से सफल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


फैशन जगत ने भारतीय पारंपरिक योग में जो क्रांतिकारी बदलाव लाए, उसका गहरा असर कोविड काल में देखने को मिला। योग और फैशन पर हुए बदलाव, और नवाचार को विस्तार से समझें। 

योग का बदलता स्वरूप

हिंदू ग्रंथों के मुताबिक, योग की उत्पत्ति और विस्तार गुरु शिष्य परंपरा के तहत हुआ। जिसमें योग का ज्ञान परंपरागत तौर पर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को मिलता रहा। ऋषि- मुनि वैदिक काल में वेदों की शिक्षा के साथ ही शस्त्र और योग की शिक्षा भी देते थे। वेदों और सिंधु घाटी सभ्यता से प्राप्त मूर्तियों में योग मुद्राओं और आसनों को लेकर जो भी सबूत मिले, उनके मुताबिक योग प्राकृतिकता के बीच, गुफा, पर्वत या किसी ऐसी जगह पर किया जाता था, जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का काम करता है। लेकिन आज के दौर में योग उद्योग से जुड़ गया। अब दुनियाभर में बड़े और लग्जरी योग स्टूडियो हैं, जहां लोग ध्यान, मेडिटेशन और योग की क्लास लेते हैं।

योग स्टूडियो में योग का स्वरूप

पश्चिमी देशों में योग का प्रसार करने वाले योग गुरु बी. के. एस. अयंगर, आधुनिक योग के पिता योग गुरु तिरुमलाई कृष्णमचार्य और अन्य कई योग गुरुओं ने अमेरिका, यूके में योग के महत्व का प्रसार किया। उन्होंने विदेशी लोगों का योग क्लासेज दीं। जब पाश्चात्य कल्चर में योग शामिल हुआ तो इसका स्वरूप अध्यात्म से निकलकर शारीरिक व्यायाम के रूप में आ गया। व्यायाम करने के लिए आपको एक शांत और सुविधाजनक जगह की जरूरत होती है।

विदेशी योग छात्रों ने भारत की तरह योग को खुले मैदान या कुडप्पा नाम के चट्टान के बने पत्थरों पर नंगे पैर करने की परंपरा को खत्म किया। वह अपने घर पर फिसलन वाली जमीन पर योग करते थे। इसलिए उन्हें योग मैट की जरूरत महसूस हुई। धीरे धीरे योग स्टूडियो विकसित हुए।

दुनिया के सबसे टॉप क्लास योग स्टूडियो का जिक्र किया जाए तो भारत से बाहर विदेशों में आपको बेस्ट योग स्टूडियो मिल जाएंगे। इसमें यूरोपीय देशों समेत, यूएसए, दक्षिण अमेरिका और एशियाई देश शामिल हैं। एमस्टरडम का डिलाइट योगा स्टूडियो, ऑस्ट्रेलिया का गुड वाइब योगा स्टूडियो, लंडन में स्थित मूव स्टूडियो और हांगकांग का फाइव एलिमेंट्स हैबिटेट स्टूडियो योग की सदियों पुरानी प्रथा को चुनौती देते हैं।

ये स्टूडियो शांत और सुंदर स्थानों पर स्थित हैं, जो आपको प्राचीन काल में साधु संतों के द्वारा प्राकृतिक वातावरण में योग करने जैसी अनुभूति तो देते हैं लेकिन इसके लिए आपको काफी पैसा व्यय करना पड़ता है। कुल मिलाकर भौगोलिक स्तर पर आज के योग को प्राचीनता से जुड़ने का भरपूर प्रयास जारी है। लेकिन अन्य मामलों में भी योग को लेकर क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिले। ये बदलाव योग फैशन बन गया है।

Yoga Fashion Revolution Western Country Change Traditional Yoga Look And Clothes in Hindi
योग के लिए नायलॉन और पॉलिएस्टर के कपड़ें नुकसानदायक होते हैं। - फोटो : Istock

योग और फैशन

योग एक साधना की तरह हुआ करता था, जिसमें वस्त्र आत्मा और परमात्मा के मिलन के बीच कोई बंधन नहीं थे। वैसे भी प्राचीन काल और मॉर्डन युग में वस्त्रों को लेकर बड़ा बदलाव आया लेकिन अगर योग या व्यायाम से इसे जोड़ें तो यह बदलाव धीरे-धीरे फैशन बिजनेस को बूस्ट करता चला गया। ऋषि मुनियों के दौर से आगे निकलकर 80-90 के दशक के योगियों पर नजर डालें तो वह पारंपरिक रूप से धोती पहनते थे, जो ढीला ढाला परिधान होता है।

प्रोयोग परिधान कंपनी की सह संस्थापक मलिका बरुआ के मुताबिक, 'योग के पारंपरिक परिधानों में पुरुष अपनी छाती को खुला छोड़ा करते थे और महिलाएं स्तन ढकने के लिए बंदनी टॉप या फिर साड़ी पहनती थीं। बाद में योग के पारंपरिक परिधानों से ही प्रेरित होकर कंपनियों ने योग के आधुनिक परिधानों का निर्माण शुरू किया।

बरुआ के मुताबिक, भारत में बहुत सारे शहरी योग अभ्यास करने वाले लोग टी शर्ट या बनयान के साथ चड्डी और पैंट पहनने लगे थे लेकिन पारंपरिक स्कूलों में धोती के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाता था। भारत में गंभीर योगी निश्चित रूप से धोती में वैरिएशंस को अपनाते रहे। वहीं भारत में अधिकांश योग अभ्यास करने वाले काॅटन की तरह के अन्य प्राकृतिक मटेरियल्स को योग के लिए फैब्रिक के तौर पर चयन करने लगे थे।''

योगा फैब्रिक

काॅटन के योग आउटफिट के फैब्रिक में भी बदलाव देखा गया। प्रोयोग की बरूआ कहती हैं, 'योग के लिए नायलॉन और पॉलिएस्टर के कपड़ों का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में नहीं करना चाहिए लेकिन पश्चिम देशों में 10 में से 9 योगी प्लास्टिक गारमेंट को पहनकर योग करते हैं।

अमेरिका योगा वॉर्डरोब में भी बदलाव हुआ। योग के पारंपरिक वस्त्रों को आधुनिकता से जोड़े रखने के लिए पहले लूज पैंट आई लेकिन वक्त के साथ स्ट्रेची पैंट से जगह ले ली। योग प्रैक्टिशनर्स के बीच इनकी डिमांड बढ़ी। अमेरिका में योगी स्ट्रेची योगा पैंट्स को हाई प्राइज पर खरीदने को तैयार थे, भले ही वह उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो। कई प्लस साइज योगा अभ्यास करने वालों को भी स्ट्रेची पैंट्स ने अधिक आकर्षित किया।

योग कपड़ों की तंग फिटिंग

योग परिधान को लेकर कहा गया कि तंग फिटिंग और शरीर को संकुचित करने वाले कपड़े योग करने वालों के लिए सही विकल्प नहीं था, जो योगाभ्यास करते समय सांस की समस्या कर सकते थे। लेकिन जैसे जैसे योग भारत से निकलकर अमेरिका की ओर बढ़ा, योगियों ने कई वैरायटी के कपड़ों को योग आउटफिट में शामिल करना शुरू कर दिया। इसमें टाइट्स और लियोटार्ड से लेकर लूज पैंट और टी-शर्ट शामिल हैं।

सिएटल योगा न्यूज की अरुंधति बैतमंगलकर ने एक साक्षात्कार में कहा-

जब तक मैं संयुक्त राज्य अमेरिका नहीं आई थी, मुझे योग के विशेष कपड़ों के बारे में नहीं पता था। भारत में योग करने वाले बहुत ही आरामदायक रोजमर्रा के कपड़े पहनते हैं,वह खुद को अच्छा दिखाने के लिए एक्सेसरीज या योगा आउटफिट पर पैसे खर्च नहीं करते। भारतीयों का मानना था कि योग शरीर और इन्द्रियों को अलग करने के बारे में है।''

हालांकि 21वीं सदी में योग परिधान किसी यूनिफार्म के रूप में तब्दील हो चुका है। इसका प्रभाव विदेशों से खासकर यूएस में योग प्रसार होने के बाद भारत में देखने को मिला। कुल मिलाकर आधुनिक योग एक खर्चीला व्यायाम का तरीका बन गया। योगा क्लासेस से लेकर योगा आउटफिट तक के लिए प्रेक्टिशनर्स को काफी व्यय करना पड़ता है।

कोविड काल में बढ़ा योग उद्योग

वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक-

साल 2014 स्पोर्ट्स एंड फिटनेस इंडस्ट्री एसोसिएशन की रिपोर्ट में पाया गया कि 2013 में 4.5% योग प्रैक्टिशनर्स की वृद्धि हुई, जबकि योग परिधान की बिक्री में 45% की वृद्धि हुई। 1990 के दशक की अपेक्षा योग आउटफिट उद्योग में लगभग 10 बिलियन डॉलर को पार कर चुका है। योग की लोकप्रियता के साथ दशकों से यूनिफॉर्म में भी विकास होता चला गया।

टाइट पैंट्स, क्रॉप टॉप्स, नियॉन कलर्स, फिटेड टैंक, योग की यह वही यूनिफॉर्म हैं जो इंस्टाग्राम पर योग करती एक्ट्रेस और मॉडल पहने नजर आ जाती हैं। वूनिक कंपनी के सीईओ सुजायत अली ने कहा योगा के लिए पहने जाने वाले एक्टिव वियर अपने कैजुअल काउंटरपार्ट्स की तुलना में 30 फीसदी प्रीमियम पर हैं। इस श्रेणी में 25 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से देखी जा रही है।

फ्यूचर बिजनेस इनसाइट्स की रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक योग कपड़ों का बाजार 2021 में 22.72 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2028 में 39.91 बिलियन डॉलर हो जाने का अनुमान है। कोरोना काल में योग क्लोदिंग को बढ़ावा मिला। 2017 से 19 के बीच औसत वर्ष की तुलना में 2020 में कोविड के समय योग वस्त्र बाजार में 32.56 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed