फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fashion ›   Beauty tips ›   reason behind size change of mole

तिल और मस्सों का आकार बदलने का राज है ये

Sun, 06 Mar 2016 11:02 PM IST
टीम डिजीटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजीटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 06 Mar 2016 11:02 PM IST
सार

  • ऐसा नहीं है कि ये तिल का आकार बदलना आम बात है।
  • गंभीर बीमारी के कारण भी ऐसा हो सकता है।

विज्ञापन
reason behind size change of mole
- फोटो : getty images

विस्तार

अगर आपके शरीर पर मौजूद तिल अथवा मस्सों का आकार बदल रहा है, तो लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें, क्योंकि यह मेलानोमा कैंसर भी हो सकता है। मेलानोमा एक किस्म का स्किन कैंसर होता है। त्वचा के रंग का निर्माण करने वाले मेलेनोसाइट्स में यह रोग होता है।

विज्ञापन


त्वचा के अन्य कैंसर के मुकाबले यह ज्यादा गंभीर होता है। धीरे-धीरे यह कैंसर शरीर के अन्य अंगो को प्रभावित करने लगता है। यहां तक कि इस रोग के चलते हड्डियों को भी नुकसान पहुंचना शुरू हो जाता है।
विज्ञापन

 

लक्षण और कारण क्या हैं इसके

reason behind size change of mole

क्या हैं कारण
इस रोग का पहला कारण है सूरज की तेज किरणें। ज्यादा देर तक सूरज की रोशनी में रहने पर त्वचा की कोशिकाओं को नुकसान होता है। इसके अलावा संक्रमण से भी यह रोग फैलता है। अगर घर में किसी एक को हो जाए, तो दूसरे में भी यह रोग होने की संभावना बढ़ जाती है।

लक्षण कहते हैं
तिल और मस्सों से इस रोग की शुरुआत होती है। सबसे पहले इनके आकार में बदलाव होना शुरु हो जाता है। इसके अलावा त्वचा पर अलग-अलग आकार के दाग-धब्बे बनने लगते हैं। जैसे-जैसे ये दाग पुराने होते हैं, उनमें खुजली होने लगती है।

अगर तुरंत इसका इलाज नहीं कराया गया, तो दाग के चारों तरफ काले निशान बनने लगते हैं। खुजलाने पर खून निकलने लगता है। धीरे-धीरे दाग पूरी त्वचा पर फैलने लगते हैं। इनका रंग भी त्वचा के रंग से गहरा या काला होता जाता है। कई बार ये दाग-धब्बे सफेद, गुलाबी, लाल और नीले रंग के भी होते हैं।

मेलानोमा का क्या है उपचार

reason behind size change of mole

इस बीमारी से बचना है, तो ज्यादा देर धूप में न रहें। जरूरत पड़ने पर जाना पड़े, तो सनस्क्रीन लोशन लगाकर और शरीर को ठीक से ढंककर ही निकलें। बीमारी होने की आशंका होने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें। शुरुआत में ही अगर इलाज कराया जाए, तो छोटी सी सर्जरी करके इन दाग-धब्बों ठीक कर दिया जाता है।

मेलानोमा एक तरह का कैंसर ही होता है। जो लोग ज्यादा सन-बाथ लेते हैं या धूप में रहते हैं, उनमें ये बीमारी ज्यादा होती है। गोरे लोग इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं। तिल और मस्सों से इसकी शुरुआत होती है। इनका साइज बदलना शुरु हो जाता है।

अगर कोई भी कैंसर एक ही जगह है, तो उसे सर्जरी के जरिये निकाल देते हैं, लेकिन अगर वह शरीर में फैल गया है, तो कीमो-थेरेपी या रेडियो-थेरेपी से उपचार करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all fashion news in Hindi related to fashion tips, beauty tips, fashion trends etc. Stay updated with us for all breaking news from fashion and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed