Styling Mistakes: कपड़े सिर्फ शरीर को ढकने का जरिया नहीं हैं, बल्कि वे आपके पूरे लुक और व्यक्तित्व को प्रभावित कर सकते हैं। कई बार वार्डरोब में मौजूद कपड़े अच्छे होते हैं, लेकिन उनकी फिटिंग, रंगों का संयोजन या स्टाइलिंग सही न होने पर पूरा आउटफिट अपेक्षा से ज्यादा भारी या पुराना नजर आ सकता है। ऐसे कपड़े आपको उम्र से ज्यादा बड़ा या अलग दिखा सकते हैं।
स्टाइलिंग टिप्स: क्या आपके कपड़े आपको उम्र से ज्यादा बड़ा दिखा रहे हैं? ये छोटी गलतियां बदल देती हैं पूरा लुक
Styling Mistakes: फ्रेश और युवा दिखने के लिए नए कपड़े खरीदने की जरूरत नहीं होती। कुछ छोटी स्टाइलिंग की गलतियों को पहचानकर मौजूदा वार्डरोब को भी ज्यादा ताजा और पाॅलिस्ड बनाया जा सकता है।
बहुत ज्यादा ढीले कपड़े पहनना
ओवरसाइज फैशन ट्रेंड में है, लेकिन ओवरसाइज और गलत फिटिंग कपड़ों में अंतर होता है। अगर शर्ट, कुर्ता, जैकेट या ट्राउजर जरूरत से ज्यादा ढीले हैं तो आउटफिट का ओवरआॅल सिल्हुट दब सकता है।
अगर आप आरामदायक फिटिंग पसंद करते हैं, तो पूरे आउटफिट को ओवरसाइज रखने के बजाय एक पीस को रिलैक्स और दूसरे को तुलनात्मक फिटिंग का रख सकते हैं। इससे लुक ज्यादा संतुलित दिखाई देता है।
फिट पर ध्यान न देना
महंगा या ब्रांड आउटफिट भी गलत फिटिंग के कारण अच्छा नहीं लग सकता। कंधों, बाजुओं की लेंथ, ट्राउजर की लेंथ और वेस्ट फिटिंग जैसे छोटे डिटेल्स पूरे लुक पर असर डालते हैं। जरूरत पड़ने पर किसी अच्छे दर्जी से छोटे अल्टरेशन करवाना पुराने कपड़े को भी ज्यादा पाॅलिश अपीरियंस दे सकता है।
हर चीज को एक ही गहरे शेड में रखना
काला, नेवी ब्लू, चारकोल और गहरा भूरा जैसे रंग स्टाइलिश हो सकते हैं, लेकिन पूरे आउटफिट में एक ही डार्क टोन रखने से कभी-कभी लुक देखने में भारी लग सकता है। डार्क आउटफिट में हल्के रंग की शर्ट, काॅन्ट्रास्टिंग फुटवियर, हल्की एक्सेसरीज जोड़कर लुक का संतुलन बनाया जा सकता है।
बहुत पुराने स्टाइल एक्सेसरीज
बेल्ट, हैंडबैग, चश्मे, जूते, घड़ी या ज्वेलरी जैसी एक्सेसरीज आउटफिट के पूरे अपीरियंस को बदल सकती हैं। कई बार कपड़े ठीक होते हैं, लेकिन आउटडेटेड दिखने वाले एक्सेसरीज पूरे लुक को पुराना फील दे देती हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हर सीजन एक्सेसरीज बदलनी जरूरी हैं। बस ऐसे डिजाइन चुनें जो आपके आउटफिट के साथ अनुपात और स्टाइल में नेचुरली फिट हों।
कपड़ों की लंबाई का गलत चुनाव
ट्राउजर की बहुत ज्यादा लंबाई, शर्ट की गलत हेमलाइन या जैकेट का अनुचित पोशाक की लंबाई के अनुपात को बदल सकता है। खासकर फुटवियर के साथ बाॅटम की लेंथ का बैलेंस महत्वपूर्ण होता है।
अपनी लंबाई, बाॅडी साइज और आउटफिट की स्टाइल के अनुसार लेंथ चुनना ज्यादा उपयोगी है बजाय सिर्फ किसी ट्रेंड को काॅपी करने के।
हर ट्रेंड को एक साथ पहन लेना
ट्रेंडी दिखने के लिए एक साथ कई फैशन ट्रेंड्स अपनाना जरूरी नहीं है। बहुत सारे पैटर्न, स्टेटमेंट एक्सेसरीज और काॅन्ट्रैस्टिंग एलिमेंट्स एक साथ होने पर आउटफिट देखने में अव्यवस्थित लग सकता है।
एक काॅन्टैम्परी एलिमेंट को क्लासिक बेसिक्स के साथ पेयर करना अक्सर ज्यादा स्टाइलिंग देता है।
जूतों को नजरअंदाज करना
जूते पूरे आउटफिट का छोटा लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पुराने, बहुत घिसे हुए या आउटफिट से बिल्कुल अलग स्टाइल के फुटवियर अच्छे कपड़ों का प्रभाव भी कम कर सकते हैं। क्लीन स्नीकर्स, लूफर्स, सैंडल्स या मौके के हिसाब से फुटवियर चुनकर पूरे लुक को आसानी से रिफ्रेश किया जा सकता है।
सबसे जरूरी है कंफर्ट और काॅन्फिडेंस
किसी कपड़े को सिर्फ इसलिए न पहनें कि वह आपको कम उम्र का दिखाएगा। बेहतर स्टाइलिंग का उद्देश्य आपकी उम्र छिपाना नहीं, बल्कि आपके निजी स्टाइल को बेहतर तरीके से एक्सप्रेस करना है।
अगली बार आउटफिट चुनते समय शीशे में सिर्फ यह न देखें कि कपड़ा ट्रेंड में है या नहीं। यह भी देखें कि फिट कैसा, संतुलित हैं या नहीं और क्या आप उसमें सहज महसूस कर रहे हैं। कई बार यही छोटी चीजें पूरे लुक को देखने योग्य बेहतर बना देती हैं।