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Heeramandi: हीरामंडी से पहले देख लें तवायफों के जीवन पर बनी ये पुरानी फिल्में, एक तो भंसाली ने ही बनाई है
Wed, 24 Apr 2024 11:06 PM IST
सुवेश शुक्ला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुवेश शुक्ला
Updated Wed, 24 Apr 2024 11:06 PM IST
सार
वेब सीरीज हीरामंडी से पहले भी बॉलीवुड में तवायफों की जिंदगी पर कई फिल्में बन चुकी हैं। यहां तवायफों की जिंदगी पर बनी पांच पुरानी फिल्मों की सूची है।
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तवायफों के जीवन पर बनी पुरानी फिल्में
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज हीरामंडी इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है। इसके सेट की चर्चा भी खूब हो रही है। यह भंसाली का अब तक का सबसे बड़ा सेट है। फिल्म अंग्रेजों के जमाने में भारत के लाहौर के तवायफों की जिंदगी के इर्द-गिर्द घूमती है। बॉलीवुड में इससे पहले भी तवायफों की जिंदगी पर फिल्में बन चुकी हैं। आइए आज उन पुरानी फिल्मों के बारे में जानते हैं जो तवायफों की जिंदगी को दर्शाती हैं।
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पाकीजा
- फोटो : सोशल मीडिया
पाकीजा
साल 1972 में आई फिल्म ‘पाकीजा’ एक तवायफ ‘साहिबजान’ की कहानी है। इस फिल्म में मीना कुमारी ने तवायफ की भूमिका निभाई है। मीना कुमारी के दिल छू लेने वाले अभिनय और गुलाम मोहम्मद के संगीत ने फिल्म को काफी शानदार बना दिया। इस फिल्म के गीत ‘चलते-चलते यूंहीं कोई मिल गया था’, ‘तीर-ए-नजर देखेंगे’, ‘थाढ़े रहियो ओ बांके यार रे’, ‘इन्हीं लोगों ने ले लीना दुपट्टा मेरा’ बहुत ही मशहूर हैं।
साल 1972 में आई फिल्म ‘पाकीजा’ एक तवायफ ‘साहिबजान’ की कहानी है। इस फिल्म में मीना कुमारी ने तवायफ की भूमिका निभाई है। मीना कुमारी के दिल छू लेने वाले अभिनय और गुलाम मोहम्मद के संगीत ने फिल्म को काफी शानदार बना दिया। इस फिल्म के गीत ‘चलते-चलते यूंहीं कोई मिल गया था’, ‘तीर-ए-नजर देखेंगे’, ‘थाढ़े रहियो ओ बांके यार रे’, ‘इन्हीं लोगों ने ले लीना दुपट्टा मेरा’ बहुत ही मशहूर हैं।
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उमराव जान
- फोटो : सोशल मीडिया
उमराव जान
1981 में मुजफ्फर अली के निर्देशित की हुई फिल्म ‘उमराव जान’ आई। उमराव जान एक तवायफ की सच्ची कहानी है। यह फिल्म ‘मिर्जा हादी रुस्वा’ के उपन्यास 'उमराव जान अदा' आधारित थी। फिल्म के गीत आशा भोसले जी ने गाए हैं। अभिनेत्री रेखा ने फिल्म में उमराव जान का किरदार निभाया है।
1981 में मुजफ्फर अली के निर्देशित की हुई फिल्म ‘उमराव जान’ आई। उमराव जान एक तवायफ की सच्ची कहानी है। यह फिल्म ‘मिर्जा हादी रुस्वा’ के उपन्यास 'उमराव जान अदा' आधारित थी। फिल्म के गीत आशा भोसले जी ने गाए हैं। अभिनेत्री रेखा ने फिल्म में उमराव जान का किरदार निभाया है।
साधना
- फोटो : सोशल मीडिया
साधना
साल 1958 में सुनील दत्त और वैजयंती माला की फिल्म ‘साधना’ आई। यह फिल्म एक तवायफ चंपाबाई (वैजयंती माला) और प्रोफेसर मोहन (सुनील दत्त) के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में चंपाबाई समाज और तवायफों के प्रति मोहन की हीन सोच के बावजूद उससे प्रेम करने लगती है, लेकिन उसे बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
साल 1958 में सुनील दत्त और वैजयंती माला की फिल्म ‘साधना’ आई। यह फिल्म एक तवायफ चंपाबाई (वैजयंती माला) और प्रोफेसर मोहन (सुनील दत्त) के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म में चंपाबाई समाज और तवायफों के प्रति मोहन की हीन सोच के बावजूद उससे प्रेम करने लगती है, लेकिन उसे बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
शराफत
- फोटो : सोशल मीडिया
शराफत
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की फिल्म ‘शराफत’ ने 1970 में सिनेमाघरों में दस्तक दी। शराफत एक ऐसी महिला की कहानी है, जो अपने पुराने पेशे को छोड़कर समाज में सम्मान के साथ रहना चाहती है, लेकिन समाज के कुछ लोग उसे ऐसा करने से रोकते हैं। फिल्म में धर्मेंद्र एक प्रोफेसर की भूमिका में हैं, वह हेमा मालिनी जो कि एक तवायफ की भूमिका अदा कर रही होती हैं उन्हें उनके काम से छुटकारा दिलाते हैं।
धर्मेंद्र और हेमा मालिनी की फिल्म ‘शराफत’ ने 1970 में सिनेमाघरों में दस्तक दी। शराफत एक ऐसी महिला की कहानी है, जो अपने पुराने पेशे को छोड़कर समाज में सम्मान के साथ रहना चाहती है, लेकिन समाज के कुछ लोग उसे ऐसा करने से रोकते हैं। फिल्म में धर्मेंद्र एक प्रोफेसर की भूमिका में हैं, वह हेमा मालिनी जो कि एक तवायफ की भूमिका अदा कर रही होती हैं उन्हें उनके काम से छुटकारा दिलाते हैं।
देवदास
- फोटो : सोशल मीडिया
देवदास
संजय लीला भंसाली ने शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की मशहूर उपन्यास ‘देवदास’ पर आधारित फिल्म बनाई। इस फिल्म में शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म की पूरी कहानी देवदास (शाहरुख खान) और पारो (ऐश्वर्या राय) के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों के बचपन की दोस्ती प्यार में बदल जाती है, लेकिन दोनों सिर्फ इस वजह से अलग कर दिए जाते हैं, क्योंकि पारो नाचने वालों के परिवार से ताल्लुक रखती है। फिल्म में माधुरी दीक्षित ने एक तवायफ की भूमिका निभाई है।
संजय लीला भंसाली ने शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय की मशहूर उपन्यास ‘देवदास’ पर आधारित फिल्म बनाई। इस फिल्म में शाहरुख खान, ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित ने मुख्य भूमिका निभाई है। फिल्म की पूरी कहानी देवदास (शाहरुख खान) और पारो (ऐश्वर्या राय) के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों के बचपन की दोस्ती प्यार में बदल जाती है, लेकिन दोनों सिर्फ इस वजह से अलग कर दिए जाते हैं, क्योंकि पारो नाचने वालों के परिवार से ताल्लुक रखती है। फिल्म में माधुरी दीक्षित ने एक तवायफ की भूमिका निभाई है।