अंग: क्यों खास है नागालैंड की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म? टोरोंटो फेस्टिवल में सम्मान पाकर पकड़ी ऑस्कर की राह
Film Ang Got Prize In Tiff: फिल्म ‘अंग’ को टोरोंटो फिल्म फेस्टिवल में सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही फिल्म एकेडमी अवॉर्ड की फीचर केटेगरी में शामिल हो चुकी हैं।
विस्तार
नागालैंड की फिल्म ‘अंग’ के लिए एक बहुत बड़ी खुशबरी है। फिल्म ने टोरोंटो फिल्म फेस्टिवल में खास मुकाम हासिल किया है। फिल्म को ‘प्लेटफॉर्म प्राइज’ अपने नाम कर लिया है। इसके साथ ही ऑस्कर के लिए भी अपना रास्ता साफ कर लिया है।
क्या खास है फिल्म ‘अंग’ में?
- फिल्म ‘अंग’ का प्रदर्शन टोरोंटो फिल्म फेस्टिवल में किया गया।
- इस फिल्म ने एकल रूप से ‘प्लेटफॉर्म प्राइज’ को अपने नाम किया।
- फिल्म को उसकी कहानी के लिए चुना गया।
- फिल्म में एक ऐसी नागालैंड की पृष्टभूमि की कहानी दिखाई गई है, जो विलुप्त होती जा रही है।
- फिल्म का निर्देशन तेजा रियो ने किया है।
ऑस्कर के मंच तक पहुंचेगी फिल्म
टोरोंटो फिल्म फेस्टिवल में प्लेटफॉर्म प्राइज जीतने वाली चुनिंदा फिल्मों को ऑस्कर की इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में सीधी तौर से शामिल होने का मौका मिलता है। इस तरह यह फीचर फिल्म जल्द ऑस्कर जैसे प्रतिष्टित मंच तक का सफर कर सकती है।
फिल्म ‘अंग’ के बारे में
फिल्म ‘अंग’ का निर्माण पहले एक शॉर्ट फिल्म के रूप में हुआ था। इसके बाद इस फिल्म को फीचर फिल्म की तरह रिलीज किया गया। फिल्म कोन्याक भाषा में बनाई गई है। कोन्याक नागालैंड के कोन्याक समुदाय की प्रमुख भाषाओं में से एक है। हालांकि भारतीय सिनेमा में इस भाषा में काफी कम फिल्मों का निर्माण हुआ है।
कौन हैं फिल्म के निर्देशक?
फिल्म का निर्देशन तेजा रियो ने किया है। वह नागालैंड के फिल्म मेकर हैं। उन्होंने यूके स्थित नेशनल फिल्म एंड टेलीविजन स्कूल से पढ़ाई की है। उनके फिल्म निर्माण का अहम मकसद नॉर्थ-ईस्ट भारत की कहानियों और आवाजों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना रहा है। 'अंग' से पहले, रियो ने ‘डिसोसिएट’, ‘चेकपोस्ट’ और 'एडे ऑन ए संडे' जैसी शॉर्ट फिल्में डायरेक्ट की थीं।