Manjul Sinha Passes Away: निर्देशक मंजुल सिन्हा का दिल का दौरा पड़ने से निधन, इन धारावाहिकों से बनाई खास पहचान
निर्देशक मंजुल सिन्हा इस दुनिया में नहीं रहे। दिल का दौरा पड़ने से बुधवार को उनका निधन हो गया।
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टीवी धारावाहिकों के निर्देशक मंजुल सिन्हा का आज (15 जनवरी) गोवा में निधन हो गया। दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्होंने 'ये जो है जिंदगी', 'खामोश' और 'जिन्दगी खट्टी मीठी' जैसे चर्चित टीवी सीरियल्स का निर्देशन किया था। उनकी इस असमय मौत ने टेलीविजन और सिनेमा की दुनिया को गहरा सदमा पहुंचाया है। मंजुल सिन्हा ने भारतीय टेलीविजन पर अपने निर्देशन से एक नई दिशा दी थी और वेह उन चुनिंदा निर्देशकों में से थे जिन्होंने भारतीय सिटकॉम को अपनी पहचान दी।
मंजुल सिन्हा का जन्म एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था, जिनका सिनेमा के प्रति गहरा लगाव था। उनके परिवार का एक सिनेमा हॉल पटना में था, जिससे उनका फिल्मों और फिल्म वितरण से गहरा रिश्ता था। भोजपुरी फिल्मों के प्रति भी उनकी रुचि थी।
उन्होंने सैनिक स्कूल तिलैया से हाई स्कूल की पढ़ाई की थी। मंजुल ने भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआईआई) पुणे से 1977 में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने मुंबई में आकर निर्देशन में अपना करियर बनाने का सपना देखा।
मुंबई आने के बाद मंजुल सिन्हा ने कई छोटे टेलीविजन विज्ञापनों का निर्देशन किया, लेकिन उनको पहला बड़ा ब्रेक 'ये जो है जिंदगी' नाम के शो के साथ मिला। यह भारतीय टेलीविजन के शुरुआती सिटकॉम्स में से एक था। उस समय भारतीय टेलीविजन की दुनिया में एक नई सुबह हो रही थी और रंगीन टेलीविजन के आने के साथ 'ये जो है जिन्दगी' एक बहुत ही लोकप्रिय शो बन गया था। कहा जाता है कि शुक्रवार रात को जब ये शो प्रसारित होता था, तो सिनेमा हॉल भी खाली हो जाते थे। इस शो ने भारतीय टेलीविजन दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाई। इस धारावाहिक को आज भी लोग याद करते हैं।
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