तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल का बड़ा फैसला, मेगा बजट की फिल्मों में रेवेन्यू-शेयर मॉडल किया अनिवार्य
Revenue Share Model: तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल ने आज रविवार को मेगा बजट फिल्मों के निर्माण में रेवेन्यू-शेयर मॉडल को अनिवार्य करने का फैसला लिया है। इसमें सितारों और टेक्नीशियन को घाटा-मुनाफा साझा करना होगा।
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तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल (TFPC) ने एक बड़ा फैसला लिया है। न्यूज एझेंसी पीटीआई के मुताबिक, काउंसिल ने रविवार को जो फैसला लिया है, उसके मुताबिक मेगा बजट फिल्मों का निर्माण रेवेन्यू-शेयर मॉडल पर किया जाएगा। इस मॉडल के लागू होने पर अभिनेताओं और प्रमुख तकनीशियनों को निर्माताओं के साथ मुनाफा और नुकसान साझा करना होगा।
थिएटर रिलीज के आठ हफ्ते बाद ओटीटी पर आएंगी सुपरस्टार्स की फिल्में
सिनेमाघरों से होने वाले राजस्व की सुरक्षा के लिए व्यापक पुनर्गठन के प्रयास के तहत एसोसिएशन ने ओटीटी रिलीज विंडो को भी अलग-अलग करने का आदेश दिया है। जारी बयान में कहा गया कि प्रमुख अभिनेताओं वाली फिल्में आठ हफ्ते के बाद, मध्यम श्रेणी के अभिनेताओं वाली फिल्में छह हफ्ते के बाद और छोटे बजट की फिल्में चार हफ्ते के बाद ही ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज की जा सकेंगी।
'थिएटर्स तक फिल्मों की पहुंच सुनिश्चित हो'
छोटे प्रोजेक्ट के लिए बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए TFPC ने थिएटर मालिक संघ और वितरक संघ के प्रतिनिधियों वाली एक फिल्म रिलीज विनियमन समिति बनाने का निर्णय लिया। बयान में कहा गया है, 'इस समिति का काम यह सुनिश्चित करना है कि हर साल रिलीज होने वाली 250 तक छोटी और मध्यम निवेश वाली फिल्मों को सिनेमाघरों तक उचित पहुंच मिले'।
वेब सीरीज के बजाय फिल्मों को प्राथमिकता देने का आग्रह
एक अन्य प्रस्ताव में, टीएफपीसी ने अभिनेताओं, निर्देशकों और प्रमुख तकनीशियनों से वेब सीरीज की बजाय फिल्मों को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। इसमें कहा गया कि डिजिटल प्रोजेक्ट का अत्यधिक प्रचार सिनेमा में लोगों की रुचि को कम करता है और इंडस्ट्री के ईको सिस्टम को कमजोर करता है। एसोसिएशन ने कहा कि संबंधित यूनियनों को प्रस्ताव का उल्लंघन करने वालों के साथ कार्य सहयोग बंद कर देना चाहिए और थिएटर मालिकों को उनकी फिल्में प्रदर्शित न करने की सलाह दी जानी चाहिए।